बीएलए का दावा- 300 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को ढेर किया, पाकिस्तान ने माना सिर्फ 22 जवानों की मौत।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में हुए अलगाववादी हमलों और उसके बाद की सैन्य कार्रवाई में भारी हिंसा हुई है। बलूचिस्तान लिबरेशन
- बलूचिस्तान में अलगाववादी हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना की बड़ी कार्रवाई, 216 बीएलए लड़ाकों को मार गिराने का दावा
- बलूचिस्तान प्रांत में चार दिनों की हिंसा में 36 नागरिकों की मौत, पाक सेना ने 216 अलगाववादियों को मारने का किया ऐलान
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में हुए अलगाववादी हमलों और उसके बाद की सैन्य कार्रवाई में भारी हिंसा हुई है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि पिछले चार दिनों के संघर्ष में उसने लगभग 300 पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के सदस्यों को मार गिराया है। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने सिर्फ 22 सुरक्षाकर्मियों की मौत को स्वीकार किया है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार हमलों में 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए जबकि जवाबी कार्रवाई में कम से कम 216 बीएलए लड़ाके ढेर किए गए। इस दौरान 36 नागरिकों की भी मौत हुई है। घटना 31 जनवरी 2026 से शुरू हुई जब बीएलए ने कई जगहों पर समन्वित हमले किए। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि हमलों में 31 नागरिकों सहित कुल 48 लोग मारे गए थे लेकिन बाद में आंकड़े अपडेट किए गए। बीएलए ने हमलों की जिम्मेदारी ली और इसे ऑपरेशन हेरोफ नाम दिया। पाकिस्तानी सेना ने रविवार 1 फरवरी को घोषणा की कि 40 घंटे की लड़ाई में 145 मिलिटेंट्स मारे गए। बाद में यह संख्या बढ़कर 177 और फिर 197 तक पहुंच गई। 3 फरवरी को एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि काउंटर टेररिज्म ऑपरेशंस में 197 टेररिस्ट्स मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि हमले में 22 सुरक्षाकर्मी और 36 नागरिक मारे गए। बीएलए ने हमलों में 130 से अधिक पाकिस्तानी सेना के सदस्यों को मारने का दावा किया लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 300 तक बताई गई है।
- बीएलए के हमलों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान का दावा, लेकिन आधिकारिक आंकड़े अलग बताते हैं
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने 31 जनवरी को कई जगहों पर समन्वित बंदूक और बम हमले किए जिनमें पुलिस स्टेशन सिविलियन होम्स और सुरक्षा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हमलों में 31 सिविलियंस और 17 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई। बीएलए ने हमलों की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह समन्वित ऑपरेशन हेरोफ या ब्लैक स्टॉर्म था जो सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा था। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि हमलों में 18 सिविलियंस 15 सुरक्षा कर्मी और 92 हमलावर मारे गए। बाद में मिलिटेंट्स की मौत की संख्या 133 बताई गई। 1 फरवरी को बलूचिस्तान के चीफ मिनिस्टर सरफराज बुगटी ने कहा कि 40 घंटे की लड़ाई में 145 मिलिटेंट्स मारे गए। 2 फरवरी को अधिकारियों ने कहा कि 177 बीएलए फाइटर्स मारे गए। 3 फरवरी को एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि कुल 197 टेररिस्ट्स मारे गए 36 सिविलियंस और 22 सुरक्षा कर्मी। बीएलए ने दावा किया कि 48 घंटों में 300 पाकिस्तानी सोल्जर्स और सुरक्षा कर्मी मारे गए विशेष रूप से नोशकी क्वेटा और ग्वादर में। कुछ रिपोर्ट्स में बीएलए ने 130 पाकिस्तानी आर्मी पर्सनल को मारने का दावा किया। पाकिस्तानी आर्मी के आईएसपीआर ने कैजुअल्टीज पर चुप्पी साध रखी है।
- पाकिस्तानी सेना की काउंटर ऑपरेशन में 216 बीएलए लड़ाकों को मार गिराने का ऐलान, 36 नागरिकों की मौत
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हमलों के बाद कई रेड्स में लगभग दो दर्जन मिलिटेंट्स को मार गिराया जिससे मिलिटेंट्स की मौत की संख्या 177 पहुंच गई। पुलिस और मिलिट्री ने 31 जनवरी से बीएलए सदस्यों के खिलाफ रेड्स किए। लगभग 200 मिलिटेंट्स ने छोटे ग्रुप्स में समन्वित सुसाइड बॉम्बिंग और गन अटैक्स किए। पाकिस्तानी चीफ मिनिस्टर ने कहा कि 17 सुरक्षा कर्मी मारे गए जिनमें पुलिस बॉर्डर पुलिस और पाकिस्तान नेवी का सदस्य शामिल है। हमलों में कुछ बैंक लूटे गए और पुलिस स्टेशन तथा दर्जनों वाहनों को आग लगाई गई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि शबान और पंजगुर में प्रिवेंटिव ऑपरेशंस में 40 मिलिटेंट्स मारे गए। कुल मिलाकर काउंटर ऑपरेशंस में 197 टेररिस्ट्स मारे गए। बीएलए ने हमलों में 100 पाकिस्तानी सोल्जर्स को मारने का दावा किया। कुछ रिपोर्ट्स में 300 पाक सोल्जर्स मारे जाने का दावा है। पाकिस्तान ने कहा कि 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 216 बीएलए लड़ाके ढेर किए गए। 36 नागरिकों की मौत हुई।
- बीएलए के दावों और पाकिस्तानी सेना के आंकड़ों में अंतर
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने दावा किया कि पिछले 48 घंटों में 300 पाकिस्तानी सोल्जर्स और सुरक्षा कर्मी मारे गए। विशेष रूप से नोशकी क्वेटा और ग्वादर में बड़ा नुकसान हुआ। बीएलए ने 130 से अधिक पाकिस्तानी आर्मी पर्सनल को मारने का दावा किया। कुछ रिपोर्ट्स में पिछले तीन घंटों में 300 पाक सोल्जर्स मारे जाने का दावा है। बीएलए ने 100 पाकिस्तानी सोल्जर्स को मारने का दावा किया। पाकिस्तानी सेना ने सिर्फ 22 सुरक्षाकर्मियों की मौत को स्वीकार किया। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में 216 बीएलए लड़ाके मारे गए। 36 नागरिकों की मौत हुई। पाकिस्तानी सेना ने 145 फाइटर्स को मारने का दावा किया। 145 मिलिटेंट्स 40 घंटे की बैटल में मारे गए। 177 मिलिटेंट्स मारे गए। 177 बीएलए फाइटर्स मारे गए 36 सिविलियंस और 22 सुरक्षा कर्मी। 92 असैलेंट्स मारे गए कुल 133 मिलिटेंट्स। 197 टेररिस्ट्स मारे गए।
घटना 31 जनवरी 2026 से शुरू हुई। बीएलए ने कई जगहों पर समन्वित हमले किए। हमलों में पुलिस स्टेशन सिविलियन होम्स और सुरक्षा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। 31 सिविलियंस और 17 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई। हमले बलूचिस्तान प्रांत में कई लोकेशंस पर हुए। बीएलए ने ऑपरेशन हेरोफ नाम दिया। 1 फरवरी को 145 मिलिटेंट्स मारे गए। 2 फरवरी को 177 मिलिटेंट्स मारे गए। 3 फरवरी को 197 टेररिस्ट्स मारे गए 36 सिविलियंस और 22 सुरक्षा कर्मी। हमलों में शबान पंजगुर नोशकी क्वेटा ग्वादर शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना ने प्रिवेंटिव ऑपरेशंस किए।
बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना ने बड़ी कार्रवाई की। 216 बीएलए लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया गया। 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए। 36 नागरिकों की मौत हुई। बीएलए ने 300 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मारने का दावा किया। पाकिस्तानी सेना ने 145 फाइटर्स को मारा। 145 मिलिटेंट्स 40 घंटे की बैटल में। 177 मिलिटेंट्स मारे गए। 177 बीएलए फाइटर्स 36 सिविलियंस 22 सुरक्षा। 92 असैलेंट्स कुल 133 मिलिटेंट्स। 197 टेररिस्ट्स। बीएलए ने 300 सोल्जर्स मारे जाने का दावा किया। 130 पाकिस्तानी आर्मी। 300 पिछले तीन घंटों में। 100 पाकिस्तानी सोल्जर्स। घटना में चाइनीज इंजीनियर्स भी मारे गए। 19 बीएलए रेबेल्स मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने 17 सुरक्षा कर्मी मारे जाने की बात कही।
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