रसोई के बुनियादी सामान से मिनटों में बनने वाला कुरकुरा नाश्ता: शाम की चाय का स्वाद दोगुना करेगी यह आसान घरेलू रेसिपी
नमी पूरी तरह सुखा लेने के बाद इन सूखे लच्छों को एक बड़े और सूखे बर्तन में स्थानांतरित कर लें। अब इस मिश्रण में कूटनीतिक रूप से बाइंडिंग यानी लच्छों को आपस में जोड़ने के लिए दो से तीन चम्मच कॉर्नफ्लोर, आरारोट या फिर चावल का आटा मिलाया जा सकता है। यदि आप इसे विशेष रूप से उपवास या व्रत के लिए तैयार कर रहे हैं, तो साधारण आ

- सिर्फ तीन कच्चे आलू से तैयार करें बेहद क्रिस्पी और लाजवाब स्नैक्स, स्वाद ऐसा कि बिना उपवास के भी रोज बनाकर खाएंगे
- कम मेहनत और न्यूनतम सामग्री में बेहतरीन पकवान: बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको खूब पसंद आएगा कच्चे आलू का यह अनोखा व्यंजन
भारतीय रसोई में आलू को सब्जियों का राजा माना जाता है, क्योंकि यह एक ऐसी बहुमुखी खाद्य सामग्री है जिससे अनगिनत प्रकार के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। आमतौर पर सुबह या शाम के नाश्ते के लिए जब भी कुछ झटपट और स्वादिष्ट बनाने की बात आती है, तो उबले हुए आलू का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। हालांकि, कई बार समय की कमी के कारण आलू उबालने का वक्त नहीं होता, ऐसी स्थिति में केवल कच्चे आलू का उपयोग करके एक बेहद कुरकुरा और स्वादिष्ट नाश्ता तैयार किया जा सकता है। यह व्यंजन न केवल खाने में अत्यंत स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे बनाने में समय और मेहनत भी बहुत कम लगती है। इस पकवान की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको बाजार से कोई विशेष सामग्री लाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि घर में मौजूद बुनियादी चीजों से ही इसे आसानी से बनाया जा सकता है।
इस लाजवाब नाश्ते को बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले मध्यम आकार के तीन कच्चे आलू लेकर उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। धोने के बाद इन आलुओं के छिलके उतार लें और इन्हें एक बार फिर पानी से साफ कर लें ताकि इनकी बाहरी गंदगी पूरी तरह हट जाए। इसके बाद एक कद्दूकस लेकर आलुओं को पानी से भरे एक बड़े कटोरे में सीधे घिसना शुरू करें। पानी में कद्दूकस करने से आलू के लच्छे काले नहीं पड़ते और उनमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च भी आसानी से निकल जाता है। इन घिसे हुए लच्छों को कम से कम दो से तीन बार साफ पानी से तब तक धोएं जब तक कि कटोरे का पानी पूरी तरह से पारदर्शी न दिखने लगे। स्टार्च का पूरी तरह बाहर निकलना इस नाश्ते को अत्यधिक कुरकुरा बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कद्दूकस किए हुए आलू के लच्छों को पानी से निकालने के बाद दोनों हथेलियों के बीच रखकर पूरी ताकत से दबाएं, ताकि उनके भीतर बची हुई नमी या पानी की एक-एक बूंद पूरी तरह बाहर निचोड़ जाए।
नमी पूरी तरह सुखा लेने के बाद इन सूखे लच्छों को एक बड़े और सूखे बर्तन में स्थानांतरित कर लें। अब इस मिश्रण में कूटनीतिक रूप से बाइंडिंग यानी लच्छों को आपस में जोड़ने के लिए दो से तीन चम्मच कॉर्नफ्लोर, आरारोट या फिर चावल का आटा मिलाया जा सकता है। यदि आप इसे विशेष रूप से उपवास या व्रत के लिए तैयार कर रहे हैं, तो साधारण आटे के स्थान पर कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा या साबूदाने के पाउडर का इस्तेमाल करना एक बेहतरीन विकल्प होता है। इसके साथ ही स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, बारीक कटा हुआ हरा धनिया, स्वादानुसार सेंधा या सादा नमक और थोड़ी सी कुटी हुई काली मिर्च का पाउडर मिलाया जाता है। इन सभी सामग्रियों को बिना पानी डाले हाथों से हल्के ढंग से आपस में मिला लें ताकि आलू अपना पानी दोबारा न छोड़ने लगें।
मिश्रण तैयार होने के बाद इसे अपनी पसंद के अनुसार कोई भी सुंदर आकार दिया जा सकता है। आप चाहें तो इन्हें गोल टिक्की, छोटे-छोटे नगेट्स या फिर चपटे कटलेट का रूप दे सकते हैं। यदि आप इसे और अधिक रचनात्मक बनाना चाहते हैं, तो लच्छों को सीधे हाथ में उठाकर छोटे-छोटे बॉल्स या पकोड़े की तरह भी बना सकते हैं। आकार देते समय ध्यान रखें कि इन्हें बहुत ज्यादा मोटा न रखें, क्योंकि पतले आकार के स्नैक्स अंदर तक अच्छी तरह पकते हैं और बाहर से बेहद क्रिस्पी बनते हैं। तैयार किए गए इन कच्चे कबाबों या टिक्कियों को एक प्लेट में अलग रख लें और ध्यान रखें कि इन्हें ज्यादा देर तक खुला न छोड़ें, अन्यथा नमक के संपर्क में आने से आलू दोबारा गीले हो सकते हैं। अब एक गहरी कड़ाही में वनस्पति तेल या घी डालकर उसे मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म होने के लिए रख दें। जब तेल से हल्की आंच आने लगे, तो तैयार किए गए आलू के इन टुकड़ों को एक-एक करके बेहद सावधानी से गरम तेल में डालते जाएं। कड़ाही में एक साथ बहुत अधिक मात्रा में स्नैक्स न डालें, क्योंकि इससे तेल का तापमान अचानक कम हो सकता है और नाश्ता कुरकुरा बनने के बजाय तैलीय हो सकता है। इन्हें कड़ाही में डालने के बाद तुरंत न पलटें, बल्कि कम से कम दो मिनट तक मध्यम आंच पर एक तरफ से अच्छी तरह सिकने दें। जब नीचे का हिस्सा हल्का सुनहरा होने लगे, तब एक करछी की मदद से इन्हें धीरे से दूसरी तरफ पलट दें।
दोनों तरफ से उलट-पलट करते हुए इन्हें तब तक तलना चाहिए जब तक कि इनका रंग आकर्षक सुनहरा और बनावट पूरी तरह से कड़क न हो जाए। पूरी प्रक्रिया के दौरान आंच को मध्यम ही रखना चाहिए, क्योंकि तेज आंच पर पकाने से ये बाहर से तो तुरंत लाल हो जाएंगे लेकिन कच्चे आलू अंदर से पूरी तरह पक नहीं पाएंगे। जब ये पूरी तरह से सुनहरे और क्रिस्पी हो जाएं, तो इन्हें एक जालीदार कछी की मदद से तेल से बाहर निकाल लें और कुछ सेकंड के लिए कड़ाही के ऊपर ही रोक कर रखें ताकि अतिरिक्त तेल वापस कड़ाही में गिर जाए। इन गरमा-गरम स्नैक्स को एक टिशू पेपर बिछी हुई प्लेट पर फैलाकर रखें जिससे बचा हुआ तेल भी सोख लिया जाए। तैयार हो चुके इस गरमा-गरम और खस्ता नाश्ते को पुदीने की तीखी चटनी, मीठी इमली की चटनी या फिर टमैटो केचप के साथ परोसा जा सकता है। यदि इसे व्रत के दौरान बनाया गया है, तो इसे दही और सेंधा नमक से बनी विशेष हरी चटनी के साथ खाना बेहद आनंददायक होता है। शाम के समय चाय के प्याले के साथ यह कुरकुरा व्यंजन एक आदर्श जुगलबंदी बनाता है जिसे घर आए मेहमानों को भी गर्व से परोसा जा सकता है। यह कम खर्चीला और त्वरित बनने वाला व्यंजन हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आता है और अपनी सुगमता के कारण यह आधुनिक गृहणियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
What's Your Reaction?







