उत्तराखंड की बेटी प्रेमा रावत का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में ऐतिहासिक चयन, आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए मिली टीम में जगह

डब्ल्यूपीएल और घरेलू सर्किट में उनके शानदार ग्राफ को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें भारत-ए टीम के दौरों पर भी लगातार मौके दिए, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रेमा रावत ने महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत में बेहद अहम भूमिका निभाते हुए 5 मैचों में

Jun 19, 2026 - 15:44
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उत्तराखंड की बेटी प्रेमा रावत का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में ऐतिहासिक चयन, आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए मिली टीम में जगह
उत्तराखंड की बेटी प्रेमा रावत का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में ऐतिहासिक चयन, आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए मिली टीम में जगह

  • बागेश्वर के सुमटी बैसानी गांव से आईसीसी विश्व कप तक का सफर, चोटिल श्रेयंका पाटिल की जगह लेग स्पिनर प्रेमा रावत को मिला भारतीय सीनियर टीम का टिकट
  • घरेलू क्रिकेट और डब्ल्यूपीएल में शानदार प्रदर्शन का मिला बड़ा इनाम, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और खेल प्रेमियों में आतिशबाजी के साथ जश्न का माहौल

उत्तराखंड के पहाड़ी और सुदूर क्षेत्रों से प्रतिभाओं का निकलकर वैश्विक पटल पर चमकना अब एक सुखद परंपरा बनता जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के बागेश्वर जिले की होनहार और उभरती हुई महिला क्रिकेटर प्रेमा रावत ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाकर एक नया इतिहास रच दिया है। प्रेमा रावत का यह चयन मौजूदा आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय सीनियर टीम में हुआ है, जो उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि है। इस बड़े टूर्नामेंट के बीच में भारतीय टीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं द्वारा प्रेमा रावत जैसी युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताना यह साबित करता है कि उन्होंने अपने खेल से बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक मजबूत धाक जमाई है। उनकी इस कामयाबी से बागेश्वर जिले के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड राज्य में खेल के प्रति एक नया उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में प्रेमा रावत को शामिल किए जाने की परिस्थितियां आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के दौरान मैदान पर घटी एक अप्रत्याशित घटना के बाद बनीं। भारतीय टीम की प्रमुख ऑफ स्पिनर ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए एक महत्वपूर्ण मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते समय अपने टखने को गंभीर रूप से चोटिल कर बैठी थीं। टखने की इस गंभीर चोट के कारण श्रेयंका पाटिल को न केवल मैदान से स्ट्रेचर पर बाहर ले जाना पड़ा, बल्कि वह पूरे टूर्नामेंट से भी बाहर हो गईं। एक महत्वपूर्ण फ्रंटलाइन गेंदबाज के अचानक बाहर हो जाने से टीम इंडिया के सामने गेंदबाजी संतुलन को बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। ऐसी स्थिति में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की महिला चयन समिति ने बिना समय गंवाए प्रेमा रावत के नाम की सिफारिश की, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी की इवेंट तकनीकी समिति ने तुरंत अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी।

विशेष इनसेट: आईसीसी विश्व कप में भारतीय टीम का नया स्वरूप श्रेयंका पाटिल के बाहर होने और प्रेमा रावत के टीम में शामिल होने के बाद भारतीय महिला टी-20 विश्व कप 2026 की संशोधित टीम इस प्रकार है: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, राधा यादव और प्रेमा रावत।

प्रेमा रावत का भारतीय टीम में चयन महज एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनके गृह क्षेत्र बागेश्वर के कपकोट तहसील के सुमटी, बैसानी गांव की मिट्टी का संघर्ष और उनकी कड़ी मेहनत छिपी है। दाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज और बेहतरीन लेग स्पिन गेंदबाज के रूप में पहचानी जाने वाली प्रेमा रावत ने बचपन से ही विपरीत परिस्थितियों में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। एक सुदूर पहाड़ी गांव में जहां लड़कियों के लिए खेल की व्यावसायिक सुविधाएं और संसाधन बेहद सीमित थे, वहां उन्होंने लड़कों के साथ अभ्यास करके अपनी कलाई की कलाबाज़ी और लेग स्पिन की धार को निखारा। उनके पिता विमल रावत और भाई हेमंत ने उनके इस सपने को पूरा करने में उनका पूरा साथ दिया और शुरुआती दिनों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्हें लगातार अभ्यास कराया। आज उसी कठिन परिश्रम का परिणाम है कि वह भारत के सबसे बेहतरीन खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

उत्तराखंड की घरेलू महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रेमा रावत ने पिछले कुछ सत्रों में लगातार ऐसा प्रदर्शन किया जिसे नजरअंदाज करना राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए नामुमकिन था। सीनियर महिला टी-20 प्रतियोगिताओं में उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और जादुई लेग स्पिन से विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार घुटने टेकने पर मजबूर किया है। विशेष रूप से वर्ष 2023 के सीनियर महिला टी-20 टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन बेहद असाधारण रहा था, जहां उन्होंने महज 10 मैचों में 5.55 की बेहतरीन इकोनॉमी रेट से कुल 16 विकेट हासिल किए थे। उस घरेलू सत्र में वह पूरे टूर्नामेंट में देश की सर्वाधिक विकेट लेने वाली चुनिंदा शीर्ष गेंदबाजों की सूची में शुमार हुई थीं। घरेलू क्रिकेट में गेंद के साथ-साथ निचले क्रम में उनकी उपयोगी और आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें एक आदर्श 3D (थ्री-डायमेंशनल) खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया।

घरेलू स्तर पर तहलका मचाने के बाद प्रेमा रावत के करियर को एक नया और बड़ा आयाम महिला प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल के माध्यम से मिला। महिला प्रीमियर लीग के मिनी ऑक्शन में उनके शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की फ्रेंचाइजी ने भारी भरकम बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। डब्ल्यूपीएल के मंच पर दुनिया के महानतम खिलाड़ियों और कोचों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से उनके खेल में और अधिक परिपक्वता आई। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसने बड़े मंच पर उनके दबाव झेलने की क्षमता को प्रमाणित किया। इस प्रतिष्ठित लीग में आरसीबी की तरफ से खेलते हुए मिले अनुभव और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया।

डब्ल्यूपीएल और घरेलू सर्किट में उनके शानदार ग्राफ को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें भारत-ए टीम के दौरों पर भी लगातार मौके दिए, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रेमा रावत ने महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत में बेहद अहम भूमिका निभाते हुए 5 मैचों में 9.62 की शानदार औसत से 8 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा पिछले वर्ष भारत-ए टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वह भारतीय टीम की तरफ से संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रही थीं, जहां उन्होंने 3 मैचों में 7 विकेट अपने नाम किए थे। जब आईसीसी विश्व कप के दौरान टीम इंडिया को इंग्लैंड में एक बैकअप स्पिनर की जरूरत पड़ी, तो प्रेमा रावत पहले से ही भारत-ए टीम के साथ इंग्लैंड के दौरे पर मौजूद थीं। इस वजह से वह सीधे मुख्य टीम के साथ जुड़ने में सफल रहीं और चयनकर्ताओं को उनके वर्तमान फॉर्म को लेकर कोई संदेह नहीं रहा।

बागेश्वर की इस होनहार बेटी के भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में शामिल होने की खबर जैसे ही उनके गृह जनपद पहुंची, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बागेश्वर के पदाधिकारियों, स्थानीय खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों ने इस ऐतिहासिक पल को त्योहार की तरह मनाया। जिले के एसबीआइ तिराहे पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए, जहां क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से जमकर आतिशबाजी की गई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर मिठाइयां बांटी गईं। इस दौरान आयोजित एक सभा में वक्ताओं ने बेहद खुशी जताते हुए कहा कि प्रेमा रावत की यह सफलता केवल बागेश्वर जनपद के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव और स्वाभिमान का विषय है। सभी ने इस बात की उम्मीद और विश्वास जताया कि प्रेमा को जब भी विश्व कप के मैचों में अंतिम एकादश में खेलने का मौका मिलेगा, वह अपनी फिरकी और बल्लेबाजी से भारतीय टीम की जीत में योगदान देकर प्रदेश और देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करेंगी।

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