सोते समय बांस के खूंटे से ताबड़तोड़ हमला कर उतारा था मौत के घाट, पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद ही खौफनाक और दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है

Jun 17, 2026 - 16:32
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सोते समय बांस के खूंटे से ताबड़तोड़ हमला कर उतारा था मौत के घाट, पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार
सोते समय बांस के खूंटे से ताबड़तोड़ हमला कर उतारा था मौत के घाट, पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार
  • प्रयागराज तिहरे हत्याकांड का सनसनीखेज पटाक्षेप, प्रेम विवाह की राह में बाधा बन रहे तीन रिश्तेदारों की बेरहमी से हत्या
  • क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दबोचा गया सनकी आशिक, दारोगा की पिस्टल छीनकर भागने के प्रयास में लगी पैर में गोली

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद ही खौफनाक और दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जिले के मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से की गई हत्या की गुत्थी को स्थानीय पुलिस और स्वाट टीम ने बेहद कम समय में सुलझाने में सफलता हासिल की है। इस जघन्य अपराध को किसी बाहरी डकैत या पेशेवर गिरोह ने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के पड़ोस में ही रहने वाले एक सनकी युवक ने अंजाम दिया था। इस खूनी खेल के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। आरोपी युवक पड़ोस की ही एक युवती से प्रेम करता था और उससे विवाह करना चाहता था, लेकिन इस विवाह के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करने के कारण युवती के तीन करीबी रिश्तेदारों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इस खूनी वारदात की पृष्ठभूमि में एकतरफा और सनक की हद तक जा चुका प्रेम प्रसंग शामिल था, जो लंबे समय से दोनों परिवारों के बीच विवाद का कारण बना हुआ था। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से शादी करने की जिद पर अड़ा हुआ था और लड़की भी सामाजिक बंधनों के बावजूद उसके साथ जीवन बिताने के लिए राजी थी। लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए लड़की के ताऊ और उसकी दोनों चाचियां इस अंतर्जातीय विवाह के पूरी तरह खिलाफ थे और वे लगातार लड़की को इस रिश्ते से दूर रहने की हिदायत दे रहे थे। रिश्तेदारों का यही विरोध हिमांशु यादव को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने उन तीनों को अपने रास्ते से हमेशा के लिए हटाने की एक बेहद ही खौफनाक और सोची-समझी साजिश रच डाली। जब मानवीय रिश्तों पर सनक और अंधाधुंध गुस्सा हावी हो जाता है, तो कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो जाता है। सोते हुए निहत्थे लोगों पर भारी वस्तु से हमला करना इसी क्रूर मानसिकता का परिचायक है।

अपनी इस भयावह योजना को धरातल पर उतारने के लिए हिमांशु ने अपने दो बेहद करीबी दोस्तों, राजन और निहाल को भी इस साजिश में शामिल किया और उन्हें भारी आर्थिक लाभ देने का लालच दिया। घटना वाली रात जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था और ठंडी हवाओं के बीच सन्नाटा पसरा था, तब ये तीनों आरोपी दबे पांव लड़की के घर में दाखिल हुए। उस समय लड़की के ताऊ और दोनों चाचियां आंगन और बरामदे में सो रहे थे। आरोपियों ने अपने साथ लाए गए भारी और मजबूत बांस के खूंटों से सोते हुए तीनों पीड़ितों के सिर और चेहरे पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार किए। हमला इतना जोरदार और अचानक था कि पीड़ितों को संभलने या शोर मचाने का जरा सा भी मौका नहीं मिला और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया।

तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए और खुद को बचाने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छिपने की कोशिश करने लगे। अगली सुबह जैसे ही ग्रामीणों को इस दर्दनाक घटना की भनक लगी, पूरे इलाके में कोहराम मच गया और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच की शुरुआत में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था, लेकिन जब क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाने की टीम ने गांव में घूम-घूमकर गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाना शुरू किया, तो कहानी के पुराने पन्ने खुलने लगे। पूछताछ में पता चला कि कुछ महीने पहले भी हिमांशु उसी लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था, जिसके बाद गांव के प्रधान और मौन संभ्रांत नागरिकों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था और एक लिखित समझौता करवाया था।

इस महत्वपूर्ण सुराग के हाथ लगते ही पुलिस ने अपनी जांच का पूरा ध्यान हिमांशु यादव की गतिविधियों पर केंद्रित कर दिया और उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर जाल बिछाया। इसी दौरान सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी मेजा क्षेत्र से बाहर भागने की फिराक में है और वह किसी दूसरे गांव में छुपा हुआ है। पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए मेजा के ही एक सुदूर गांव को चारों तरफ से घेर लिया और घेराबंदी कर मुख्य आरोपी हिमांशु को धर दबोचा। पकड़े जाने के बाद जब पुलिस टीम आरोपी को कड़ाई से पूछताछ के लिए थाने ले गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किए गए खूंटों को छुपाने की जगह बताने के लिए तैयार हो गया।

इस मामले में असली नाटकीय मोड़ तब आया जब पुलिस की टीम आरोपी हिमांशु को साथ लेकर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल यानी बांस के खूंटों और खून से सने कपड़ों को बरामद करने के लिए एक सुनसान इलाके की झाड़ियों की तरफ जा रही थी। तभी अचानक आरोपी ने सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए पास खड़े एक उप-निरीक्षक (दारोगा) की सर्विस पिस्टल को झटके से छीन लिया। पुलिस पर सीधे फायर झोंकते हुए उसने मौके से भागने का दुस्साहसिक प्रयास किया, जिससे पुलिस टीम के बीच अफरा-तफरी मच गई। आत्मरक्षार्थ और अपराधी को दोबारा पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने भी तुरंत जवाबी फायरिंग की, जिसमें पुलिस द्वारा चलाई गई एक गोली सीधे हिमांशु के दाहिने पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे तुरंत काबू में किया गया और इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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