पश्चिम बंगाल के मालदा में बड़ा हादसा, आम के बगीचे में संदिग्ध वस्तु से हुआ जोरदार धमाका, तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलसे

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले मालदा से एक बेहद ही हृदयविदारक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय

Jun 17, 2026 - 16:15
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पश्चिम बंगाल के मालदा में बड़ा हादसा, आम के बगीचे में संदिग्ध वस्तु से हुआ जोरदार धमाका, तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलसे
पश्चिम बंगाल के मालदा में बड़ा हादसा, आम के बगीचे में संदिग्ध वस्तु से हुआ जोरदार धमाका, तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलसे
  • विस्फोट की चपेट में आने से तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलसे, इलाज के लिए अस्पताल में कराया गया भर्ती
  • इलाके में भारी सुरक्षा बल और बम निरोधक दस्ता तैनात, हादसे के बाद पूरे गांव में फैला दहशत का माहौल

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले मालदा से एक बेहद ही हृदयविदारक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक सुदूर ग्रामीण इलाके में स्थित आम के बगीचे में एक रहस्यमयी और संदिग्ध वस्तु के फटने से जोरदार विस्फोट हो गया। इस अचानक हुए हादसे के वक्त कुछ स्थानीय बच्चे बगीचे में जमीन पर गिरे हुए आम बीन रहे थे और खेल रहे थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दराज के गांवों तक सुनाई दी, जिससे आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग सहम गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की चपेट में आने से तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल में रेफर किया गया है।

यह पूरी घटना उस समय घटित हुई जब दोपहर के समय तेज धूप और हवा के कारण बगीचे में पके हुए आम पेड़ से नीचे गिर रहे थे। गांव के ही रहने वाले तीन बच्चे, जिनकी उम्र महज आठ से बारह वर्ष के बीच बताई जा रही है, आम इकट्ठा करने के लिए बगीचे के भीतर दाखिल हुए थे। इसी दौरान पेड़ों के झुरमुट और सूखी पत्तियों के बीच उन्हें एक अजीबोगरीब गेंद जैसी वस्तु दिखाई दी। नासमझी और कौतूहलवश जैसे ही एक बच्चे ने उस अज्ञात वस्तु को हाथ में उठाया और उसे समझने की कोशिश की, वैसे ही उसमें एक भयानक धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के पेड़ों की टहनियां टूट गईं और वहां गहरा धुआं फैल गया, जिसकी चपेट में आकर तीनों बच्चे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

बाल सुरक्षा और सतर्कता: ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में लावारिस या संदिग्ध वस्तुओं को लेकर बच्चों के बीच जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। किसी भी अज्ञात वस्तु को छूना जानलेवा साबित हो सकता है, जिसके लिए अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

धमाके की गगनभेदी आवाज सुनते ही बच्चों के रोने-चिल्लाने की पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे मजदूर तुरंत बगीचे की तरफ दौड़े। वहां का नजारा बेहद खौफनाक था, जहां तीनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में तड़प रहे थे। ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए स्थानीय पुलिस को इस मामले की सूचना दी और खुद के स्तर पर वाहनों का इंतजाम कर तीनों घायल बच्चों को तुरंत मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने बच्चों की नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों के हाथों, चेहरों और छाती पर गहरे जख्म आए हैं, और उनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में निगरानी में रखा गया है।

इस गंभीर हादसे की जानकारी मिलते ही मालदा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टुकड़ी के साथ सीधे घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे आम के बगीचे और उसके आसपास के रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है ताकि आम जनता की आवाजाही को रोका जा सके। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सीआईडी के बम निरोधक दस्ते (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड) को भी तुरंत कोलकाता और राज्य मुख्यालय से विशेष विमान के जरिए मालदा बुलाया गया। विशेषज्ञों की इस टीम ने खोजी कुत्तों और आधुनिक मेटल डिटेक्टरों की मदद से पूरे बगीचे में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां इस तरह के और भी जीवंत विस्फोटक तो नहीं छिपे हैं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच और फोरेंसिक इनपुट्स के अनुसार, जिस संदिग्ध वस्तु में विस्फोट हुआ है, वह कोई पुराना या जंग लगा हुआ विस्फोटक नहीं था, बल्कि उसे हाल ही में वहां छुपाकर रखा गया था। शुरुआती साक्ष्यों से संकेत मिल रहे हैं कि वह एक शक्तिशाली सॉकेट बम या क्रूड बम (देशी बम) था, जिसे आमतौर पर असामाजिक तत्व आपराधिक गतिविधियों या आपसी रंजिश के दौरान दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। जांच एजेंसियां इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही हैं कि इतने सुरक्षित और आम उपयोग वाले बगीचे के भीतर यह खतरनाक विस्फोटक सामग्री आखिर आई कहां से और इसके पीछे किस विशिष्ट आपराधिक नेटवर्क या गिरोह का हाथ है। पुलिस ने बगीचे के मालिक और आसपास के भूमि स्वामियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

मालदा जिला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित है, यही वजह है कि इस तरह के विस्फोटों को आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि असामाजिक तत्वों द्वारा बगान और झाड़ियों का उपयोग अवैध हथियारों और बमों को छिपाने के लिए किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और इस जघन्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार असली दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।

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