फीफा वर्ल्ड कप 2026 में लियोनल मेसी का ऐतिहासिक आगाज, अल्जीरिया के खिलाफ दागी शानदार हैट्रिक
पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ियों से सजी मिडफील्ड, जिसमें ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा और बर्नांडो सिल्वा जैसे नाम शामिल थे, इस मैच में पूरी तरह से बिखरती हुई नजर आई। टीम के खिलाड़ी गेंद को अपने पास रखने में तो सफल रहे, लेकिन वे कांगो के डिफेंस को भेदने वाले पा
- पुर्तगाल को डीआर कांगो ने 1-1 की बराबरी पर रोका, क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अभियान की फीकी शुरुआत
- ग्रुप-के के मुकाबले में बड़ा उलटफेर, अफ्रीकी टीम ने पहली बार विश्व कप में अंक हासिल कर रचा इतिहास
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल बजते ही फुटबॉल प्रेमियों को मैदान पर रोमांच की चरम सीमा देखने को मिल रही है। इस महाकुंभ के शुरुआती मुकाबलों ने ही यह साफ कर दिया है कि इस बार खिताब को अपने पास बचाए रखना या नए दावेदारों के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं होने वाला है। एक तरफ जहां मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है, वहीं उनके सबसे बड़े और पुराने प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को अपने पहले ही मैच में अप्रत्याशित बाधा का सामना करना पड़ा है। मैदान पर दर्शकों का हुजूम इन दोनों ही महान खिलाड़ियों को अपने जीवन के अंतिम पड़ाव वाले इस टूर्नामेंट में खेलते देखने के लिए बेताब था, लेकिन मैदान से जो नतीजे निकलकर सामने आए हैं, उन्होंने आने वाले मैचों के समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने ग्रुप-जे के पहले मुकाबले में अल्जीरिया को 3-0 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस मैच के असली नायक अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनल मेसी रहे, जिन्होंने मैदान पर अपनी जादुई फुटबॉल का ऐसा प्रदर्शन किया कि विपक्षी टीम के डिफेंडर्स के पास उनका कोई जवाब नहीं था। मेसी ने इस मुकाबले में न केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और शानदार हैट्रिक भी पूरी की। इस मुकाबले का पहला गोल मैच के 17वें मिनट में आया जब मेसी ने रोड्रिगो डी पॉल के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के कोने में डाल दिया। इसके बाद उन्होंने मैच के 60वें और फिर 76वें मिनट में गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और प्रशंसकों को झूमने का मौका दिया।
एक बड़ा रिकॉर्ड
लियोनल मेसी ने इस हैट्रिक के साथ ही फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस के 16 गोलों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इसके साथ ही यह मेसी का अपने करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच भी था, जिसे उन्होंने पूरी तरह से यादगार बना दिया।
इसके विपरीत, ह्यूस्टन के स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-के के मुकाबले में पुर्तगाल की टीम को वह शुरुआत नहीं मिल सकी जिसकी उम्मीद फुटबॉल जगत कर रहा था। पुर्तगाल का सामना अफ्रीकी महाद्वीप की टीम डीआर कांगो से था, जिसे कागजों पर बेहद कमजोर आंका जा रहा था। मैच की शुरुआत पुर्तगाल के लिए बेहद शानदार रही जब महज छठे मिनट में ही जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के एक सटीक क्रॉस पर बेहतरीन हेडर लगाते हुए अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस शुरुआती सफलता के बाद ऐसा लग रहा था कि पुर्तगाल इस मुकाबले में गोलों की बौछार कर देगा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, टीम की लय बिगड़ती चली गई और खिलाड़ी मैदान पर काफी सुस्त नजर आने लगे, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
डीआर कांगो की टीम ने इस मुकाबले में हार न मानने का जज्बा दिखाया और मैच में लगातार वापसी के प्रयास जारी रखे। पहले हाफ के इंजरी टाइम यानी 45वें मिनट में अफ्रीकी टीम को उस समय बड़ी सफलता मिली जब योआने विसा ने आर्थर मासुआकु के एक बेहतरीन क्रॉस को भुनाते हुए शानदार गोल दागा और स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। डीआर कांगो के फुटबॉल इतिहास में विश्व कप के मंच पर यह उनका अब तक का पहला गोल था, जिसने उनके खेमे में जश्न का माहौल पैदा कर दिया। पुर्तगाल के डिफेंडर्स इस दौरान पूरी तरह से चूक गए और उन्होंने विसा को बिना किसी मार्किंग के बॉक्स के अंदर शॉट लगाने का पूरा मौका दे दिया।
मैच के दूसरे हाफ में पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने अपनी रणनीति में कई बदलाव किए और बर्नांडो सिल्वा की जगह फ्रांसिस्को कॉन्सिसिओ को मैदान पर उतारा। इसके बाद भी पुर्तगाल के आक्रमण में वह पैनापन नजर नहीं आया जिसके लिए उनकी अग्रिम पंक्ति जानी जाती है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जो अब 41 वर्ष के हो चुके हैं और अपने रिकॉर्ड छठे विश्व कप में हिस्सा ले रहे हैं, इस पूरे मुकाबले के दौरान काफी निराश दिखाई दिए। उन्हें गोल करने के दो बेहतरीन मौके मिले, लेकिन उनके दोनों शॉट गोलपोस्ट से काफी बाहर निकल गए। मैच के अंतिम पलों में पुर्तगाल ने बढ़त बनाने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन कांगो के मजबूत डिफेंस और उनके गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने विपक्षी टीम के हर प्रयास को नाकाम कर दिया।
पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ियों से सजी मिडफील्ड, जिसमें ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा और बर्नांडो सिल्वा जैसे नाम शामिल थे, इस मैच में पूरी तरह से बिखरती हुई नजर आई। टीम के खिलाड़ी गेंद को अपने पास रखने में तो सफल रहे, लेकिन वे कांगो के डिफेंस को भेदने वाले पास निकालने में पूरी तरह से असमर्थ रहे। दूसरी ओर, डीआर कांगो ने न केवल इस मैच को ड्रॉ पर रोका, बल्कि दूसरे हाफ में सेड्रिक बकाम्बू के एक शॉट ने तो पुर्तगाल के गोलपोस्ट को हिलाकर रख दिया था, जिससे पुर्तगाल की टीम हारते-हारते बची। इस मुकाबले के समाप्त होने के बाद ग्रुप-के की अंक तालिका में दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा है, जिसने पुर्तगाल के लिए आगे की राह को थोड़ा कठिन बना दिया है।
इस टूर्नामेंट के पहले दौर के मुकाबलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक फुटबॉल में अब किसी भी टीम को कमजोर नहीं समझा जा सकता। जहां अर्जेंटीना की टीम अब अपने अगले मुकाबले में ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी और मेसी की नजरें क्लोस के रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास में अकेले शीर्ष पर पहुंचने पर होंगी, वहीं पुर्तगाल को अपने अगले मैचों में कोलंबिया और उज्बेकिस्तान जैसी टीमों से भिड़ना है। रोनाल्डो और उनकी टीम के लिए यह जरूरी होगा कि वे इस शुरुआती झटके से उबरें और अपनी रणनीति में सुधार करते हुए मैदान पर वापसी करें, क्योंकि एक और ऐसी चूक उन्हें टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर की रेस से बाहर कर सकती है।
What's Your Reaction?







