जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर।

जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा नियंत्रण रेखा के निकट कई संदिग्ध ड्रोनों की

Jan 12, 2026 - 12:11
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जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर।
जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर।

जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा नियंत्रण रेखा के निकट कई संदिग्ध ड्रोनों की आवाजाही दर्ज की। ये उड़ने वाली वस्तुएं पाकिस्तान की ओर से आईं और भारतीय क्षेत्र में कुछ मिनटों तक मंडराने के बाद वापस लौट गईं। अधिकारियों के अनुसार कुल पांच ड्रोन मूवमेंट्स का पता चला, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

घटना की शुरुआत शाम करीब 6:25 बजे पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में हुई, जहां तैन गांव की ओर से टोपा की तरफ एक संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई। यह वस्तु नियंत्रण रेखा के साथ चल रही थी और कुछ देर तक भारतीय हवाई क्षेत्र में मौजूद रही। इसके तुरंत बाद राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के ऊपर एक अन्य ड्रोन दिखाई दिया। शाम करीब 6:35 बजे इस ड्रोन की मौजूदगी पर सेना के जवानों ने मध्यम और हल्की मशीनगनों से फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया। राजौरी के तेरयाथ इलाके में भी लगभग इसी समय खब्बर गांव के ऊपर एक ड्रोन देखा गया, जिसमें ब्लिंकिंग लाइट लगी हुई थी। यह वस्तु कलाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आई और भरख की ओर बढ़ गई। इन सभी गतिविधियों में ड्रोन पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते दिखे, कुछ मिनटों तक संवेदनशील इलाकों के ऊपर घूमे और फिर वापस चले गए। सांबा जिले में शाम करीब 7:15 बजे रामगढ़ सेक्टर के चक बबराल गांव के ऊपर एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई, जो कुछ मिनटों तक मंडराती रही और ब्लिंकिंग लाइट के साथ थी।

सुरक्षा बलों ने इन संदिग्ध गतिविधियों का पता चलते ही तुरंत काउंटर-ड्रोन उपाय अपनाए। राजौरी के नौशेरा सेक्टर में फायरिंग के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाई गई। इन घटनाओं के बाद सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसमें सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और अन्य बल शामिल हुए। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ड्रोनों द्वारा कोई हथियार, गोला-बारूद या अन्य संदिग्ध सामग्री भारतीय क्षेत्र में न गिराई गई हो। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही सांबा जिले के घगवाल के निकट पालूरा गांव में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक हथियारों की खेप बरामद की गई थी। यह खेप पाकिस्तान से आए ड्रोन द्वारा गिराई गई मानी जा रही है, जिसमें दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड कारतूस और एक ग्रेनेड शामिल थे। इस बरामदगी ने ड्रोनों के माध्यम से हथियारों की तस्करी की बढ़ती चुनौती को उजागर किया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियां अक्सर हथियारों, नशीले पदार्थों या अन्य सामग्रियों को पहुंचाने के प्रयासों से जुड़ी होती हैं। इन संदिग्ध ड्रोनों की मौजूदगी ने सुरक्षा बलों को और अधिक सतर्क कर दिया है। सभी उड़ने वाली वस्तुओं को पाकिस्तान की ओर से आने वाली माना गया है और वे भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद कुछ देर रुककर वापस लौट गईं। तलाशी अभियान रात भर जारी रहा और आगे भी जारी रहने की संभावना है। सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती गांवों में अतिरिक्त सतर्कता बरती है और किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह घटना सीमा पर बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाती है, जहां ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल पारंपरिक घुसपैठ के तरीकों के साथ हो रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अभी तक कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है।

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