पाकिस्तान में लगातार बढ़ती साप्ताहिक महंगाई दर, 23वें सप्ताह में भी इजाफा दर्ज।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक और विभिन्न मित्र देशों से प्राप्त सहायता के बावजूद आर्थिक संकट पूरी तरह समाप्त होने का नाम

Jan 12, 2026 - 12:07
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पाकिस्तान में लगातार बढ़ती साप्ताहिक महंगाई दर, 23वें सप्ताह में भी इजाफा दर्ज।
पाकिस्तान में लगातार बढ़ती साप्ताहिक महंगाई दर, 23वें सप्ताह में भी इजाफा दर्ज।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक और विभिन्न मित्र देशों से प्राप्त सहायता के बावजूद आर्थिक संकट पूरी तरह समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। देश में महंगाई का दबाव आम जनता पर लगातार बना हुआ है और राहत की कोई स्पष्ट स्थिति नजर नहीं आ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, संवेदनशील मूल्य सूचकांक (एसपीआई) के माध्यम से मापी जाने वाली साप्ताहिक महंगाई दर में वृद्धि जारी है। जनवरी 2026 में जारी रिपोर्टों में यह देखा गया है कि 8 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में साप्ताहिक महंगाई दर 0.12 प्रतिशत बढ़ी है। यह वृद्धि पिछले दो सप्ताहों में गिरावट के बाद हुई है, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई के दबाव में कमी नहीं आई है। संवेदनशील मूल्य सूचकांक एसपीआई 51 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर आधारित है, जिनकी जानकारी 17 शहरों के 50 बाजारों से साप्ताहिक रूप से एकत्र की जाती है। यह सूचकांक मुख्य रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के घरेलू बजट पर प्रभाव डालने वाली वस्तुओं की कीमतों की निगरानी करता है। 8 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के लिए एसपीआई संयुक्त उपभोग समूह के लिए 0.12 प्रतिशत बढ़ा, जबकि वार्षिक आधार पर यह 3.20 प्रतिशत रहा। इस दौरान 21 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई, 8 वस्तुओं की कीमतें घटीं और 22 वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहीं।

महंगाई में वृद्धि का मुख्य कारण आवश्यक खाद्य वस्तुओं और ऊर्जा से जुड़ी लागतों में इजाफा रहा है। गेहूं के आटे की कीमत में 5.07 प्रतिशत की तेज वृद्धि देखी गई, जो इस सप्ताह की सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। चिकन की कीमतें 2.86 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि लहसुन और मिर्च पाउडर में क्रमशः 2.44 प्रतिशत और 1.01 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अन्य प्रसंस्कृत वस्तुओं में तैयार चाय 0.73 प्रतिशत, चीनी 0.58 प्रतिशत, ब्रेड 0.51 प्रतिशत और ब्रोकन बासमती चावल 0.41 प्रतिशत महंगा हुआ। ऊर्जा संबंधी लागतों में भी बढ़ोतरी हुई, जहां एलपीजी की कीमत 0.88 प्रतिशत बढ़ी।

वार्षिक आधार पर एसपीआई में 3.20 प्रतिशत की वृद्धि मुख्य रूप से गेहूं के आटे में 31.12 प्रतिशत और गैस शुल्क में 29.85 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी से प्रभावित रही है। विभिन्न आय समूहों में महंगाई का प्रभाव अलग-अलग देखा गया। निम्नतम आय वर्ग (17,732 रुपये तक) में साप्ताहिक महंगाई 0.12 प्रतिशत बढ़ी, जबकि वार्षिक आधार पर यह 2.42 प्रतिशत रही। निम्न-मध्यम और मध्यम आय समूहों (क्विंटाइल 2 और 3) में वार्षिक महंगाई क्रमशः 3.65 प्रतिशत और 3.43 प्रतिशत रही, जो उच्च आय वर्ग की तुलना में अधिक है। उच्चतम आय वर्ग में साप्ताहिक वृद्धि 0.11 प्रतिशत और वार्षिक 2.58 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि कुछ राहत भी देखी गई, जहां सब्जियों और दालों की कीमतें घटीं। आलू की कीमत 3.73 प्रतिशत, प्याज 2.20 प्रतिशत, अंडे 1.44 प्रतिशत और चना दाल 1.51 प्रतिशत कम हुईं। केला और टमाटर में मामूली कमी आई, लेकिन यह कमी कुल महंगाई के दबाव को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुई। पिछले सप्ताहों में भी महंगाई की प्रवृत्ति मिश्रित रही, जहां जनवरी के पहले सप्ताह में साप्ताहिक महंगाई 0.67 प्रतिशत घटी थी, लेकिन इससे पहले की प्रवृत्ति में वृद्धि का दौर था।

पाकिस्तान में महंगाई का यह दबाव चिकन, चावल, गेहूं और खाद्य तेल जैसी बुनियादी वस्तुओं पर केंद्रित है। चिकन और गेहूं के आटे की कीमतों में निरंतर उछाल ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाला है। खाद्य तेल और घी की कीमतें भी आयात लागतों और बाजार की अस्थिरता के कारण ऊंची बनी हुई हैं। ये वृद्धियां मुख्य रूप से आपूर्ति-मांग के उतार-चढ़ाव, मौसमी कारकों और वैश्विक प्रभावों से जुड़ी हैं। देश की समग्र आर्थिक स्थिति में आईएमएफ से प्राप्त 7 अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम और अन्य सहायता ने स्थिरता प्रदान की है, लेकिन महंगाई का दबाव आम जनता के लिए चुनौती बना हुआ है। दिसंबर 2025 में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक महंगाई 5.6 प्रतिशत तक कम हुई, जो पिछले महीनों से कम है, लेकिन साप्ताहिक संकेतक अभी भी दबाव दिखा रहे हैं। एसपीआई जैसे संकेतक घरेलू स्तर पर महंगाई की वास्तविक तस्वीर पेश करते हैं, खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के लिए।

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