एपस्टीन फाइल्स जांच में मैक्सवेल की चुप्पी, पर्दन की शर्त पर ट्रंप-क्लिंटन को दी क्लीन चिट।

एपस्टीन फाइल्स के खुलासों ने वैश्विक स्तर पर सनसनी मचा दी है। इस बीच, जेफरी एपस्टीन की पूर्व साथी घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी कांग्रेस की

Feb 11, 2026 - 12:17
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एपस्टीन फाइल्स जांच में मैक्सवेल की चुप्पी, पर्दन की शर्त पर ट्रंप-क्लिंटन को दी क्लीन चिट।
एपस्टीन फाइल्स जांच में मैक्सवेल की चुप्पी, पर्दन की शर्त पर ट्रंप-क्लिंटन को दी क्लीन चिट।
  • घिसलेन मैक्सवेल ने कांग्रेस समिति के सवालों का जवाब देने से किया इनकार, ट्रंप से मांगा क्षमादान
  • जेल में बंद मैक्सवेल का नया दांव: ट्रंप पर्दन दें तो बताएंगी पूरी सच्चाई, क्लिंटन-ट्रंप निर्दोष

एपस्टीन फाइल्स के खुलासों ने वैश्विक स्तर पर सनसनी मचा दी है। इस बीच, जेफरी एपस्टीन की पूर्व साथी घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी कांग्रेस की समिति के सामने सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे केवल तभी गवाही देंगी जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें क्षमादान प्रदान करेंगे। उनके वकील ने बयान दिया कि मैक्सवेल पूरी सच्चाई बताने को तैयार हैं और ट्रंप तथा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कोई गलत कार्य नहीं किया है। मैक्सवेल वर्तमान में सेक्स ट्रैफिकिंग के मामले में 20 वर्ष की सजा काट रही हैं।

घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी कांग्रेस की ओवरसाइट कमिटी के सामने वीडियो कॉल के माध्यम से हाजिर होकर सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। यह घटना सोमवार को हुई जब कमिटी ने उन्हें सबपोना जारी कर बुलाया था। मैक्सवेल ने फिफ्थ अमेंडमेंट का सहारा लिया, जो उन्हें स्वयं के खिलाफ गवाही देने से बचाता है। उनके वकील डेविड ऑस्कर मार्कस ने कमिटी को बयान दिया कि मैक्सवेल पूरी और ईमानदार गवाही देने को तैयार हैं लेकिन केवल तभी जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें क्षमादान प्रदान करेंगे। मार्कस ने कहा कि मैक्सवेल अकेली हैं जो पूरी कहानी बता सकती हैं और कुछ लोग जो सुनेंगे उसे पसंद नहीं करेंगे लेकिन सच्चाई महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कोई गलत कार्य नहीं किया है और मैक्सवेल ही इसका स्पष्टीकरण दे सकती हैं। मैक्सवेल टेक्सास की एक फेडरल प्रिजन कैंप में 20 वर्ष की सजा काट रही हैं जो सेक्स ट्रैफिकिंग और जेफरी एपस्टीन के साथ साजिश के मामले में मिली है।

यह घटना एपस्टीन फाइल्स की जांच के संदर्भ में हुई है जहां अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अनरिडेक्टेड फाइल्स को कांग्रेस सदस्यों के लिए उपलब्ध कराया है। फाइल्स में एपस्टीन के साथ जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के नाम और संबंधों का उल्लेख है। कमिटी का उद्देश्य फेडरल सरकार की एपस्टीन मामले की हैंडलिंग की जांच करना है। मैक्सवेल की गवाही से एपस्टीन के नेटवर्क और उसके साथ जुड़े लोगों के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती थी लेकिन उनकी चुप्पी ने जांच को प्रभावित किया है। डेमोक्रेटिक सदस्यों ने इस रुख की आलोचना की और कहा कि यह पर्दन प्राप्त करने की रणनीति है। रिपब्लिकन चेयरमैन जेम्स कोमर ने कहा कि अपेक्षित रूप से मैक्सवेल ने फिफ्थ अमेंडमेंट लिया।

  • मैक्सवेल की गवाही से इनकार का कारण

मैक्सवेल ने कहा कि वे सवालों का जवाब इसलिए नहीं दे रही हैं क्योंकि वे अपनी सजा को चुनौती दे रही हैं और ट्रायल में संवैधानिक उल्लंघनों का हवाला दे रही हैं। उनके वकील ने बयान में कहा कि पर्दन मिलने पर वे पूरी सच्चाई बताएंगी। यह बयान कमिटी को लिखित रूप में प्रदान किया गया।

मैक्सवेल की यह शर्त ऐसे समय आई है जब ट्रंप प्रशासन ने पर्दन की संभावना को खारिज नहीं किया है। व्हाइट हाउस ने पहले कहा था कि मैक्सवेल के पर्दन पर विचार नहीं किया जा रहा है लेकिन हालिया बयानों में इसे पूरी तरह नकारा नहीं गया है। मैक्सवेल ने पहले भी अपनी सजा को उलटने की अपील की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। अब वे न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में नई सबूतों के आधार पर ट्रायल को अमान्य घोषित करने की मांग कर रही हैं। उनके वकील का दावा है कि ट्रायल में संवैधानिक उल्लंघन हुए थे।

एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप और क्लिंटन के नाम कई बार आए हैं लेकिन दोनों ने किसी भी गलत कार्य से इनकार किया है। फाइल्स के अनरिडेक्टेड वर्जन में कुछ नामों को रिडेक्ट किया गया था जिस पर कमिटी जांच कर रही है। मैक्सवेल के वकील के बयान से यह संकेत मिलता है कि उनकी गवाही इन नामों को क्लियर कर सकती है। मैक्सवेल और एपस्टीन का संबंध लंबा था और मैक्सवेल को एपस्टीन की गर्लफ्रेंड के रूप में जाना जाता है। एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी।

  • एपस्टीन फाइल्स की जांच का पृष्ठभूमि

एपस्टीन फाइल्स में एपस्टीन के साथ जुड़े व्यक्तियों के नाम और संबंधों का उल्लेख है। न्याय विभाग ने अनरिडेक्टेड फाइल्स कांग्रेस को उपलब्ध कराए हैं। कमिटी फेडरल हैंडलिंग की जांच कर रही है। कुछ नाम रिडेक्टेड हैं।

मैक्सवेल की डिपोजिशन बंद दरवाजे के पीछे हुई थी। इसमें उन्होंने हर सवाल पर फिफ्थ अमेंडमेंट लिया। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि मैक्सवेल पर्दन प्राप्त करने के लिए रणनीति अपना रही हैं और ट्रंप ने इसे खारिज नहीं किया है। मैक्सवेल के वकील ने बयान में कहा कि मैक्सवेल पूरी सच्चाई बताने को तैयार हैं और ट्रंप तथा क्लिंटन निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि मैक्सवेल ही स्पष्ट कर सकती हैं कि क्यों ऐसा है और जनता को यह जानने का हक है।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब एपस्टीन फाइल्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। फाइल्स में 1990 और 2000 के दशक में एपस्टीन के साथ ट्रंप और क्लिंटन के संबंधों का उल्लेख है। दोनों ने इनकार किया है कि वे किसी गलत कार्य में शामिल थे। मैक्सवेल की संभावित गवाही इन दावों को मजबूत कर सकती है। मैक्सवेल ने जुलाई में ट्रंप के डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच से दो दिनों की इंटरव्यू में ट्रंप को एपस्टीन से दूर बताया था।

  • मैक्सवेल की पूर्व इंटरव्यू का विवरण

मैक्सवेल ने जुलाई में टॉड ब्लैंच से इंटरव्यू में ट्रंप को एपस्टीन से दूर बताया। इंटरव्यू में मैक्सवेल ने ट्रंप की रक्षा की। यह इंटरव्यू ट्रंप के पूर्व डिफेंस अटॉर्नी द्वारा लिया गया था।

कमिटी के चेयरमैन कोमर ने मैक्सवेल की चुप्पी पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मैक्सवेल ने अपेक्षित रूप से फिफ्थ अमेंडमेंट लिया। डेमोक्रेटिक सदस्यों ने कहा कि मैक्सवेल की रणनीति पर्दन प्राप्त करने की है और वे पीड़ितों के प्रति कोई पछतावा नहीं दिखा रही हैं। मैक्सवेल की डिपोजिशन का वीडियो कमिटी सदस्यों द्वारा जारी किया गया जिसमें वे सवालों पर चुप्पी साधे दिख रही हैं।

मैक्सवेल की सजा 2022 में सुनाई गई थी जब उन्हें सेक्स ट्रैफिकिंग के लिए दोषी ठहराया गया। उन्होंने अपील की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब वे नई सबूतों के आधार पर ट्रायल को अमान्य घोषित करने की मांग कर रही हैं। उनके वकील का दावा है कि ट्रायल में उल्लंघन हुए थे। पर्दन की मांग इस अपील का हिस्सा लगती है।

  • मैक्सवेल की सजा और अपील

मैक्सवेल को 20 वर्ष की सजा मिली है। अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की। अब न्यूयॉर्क कोर्ट में नई सबूतों पर अपील दायर की गई है। दावा है कि ट्रायल में संवैधानिक उल्लंघन हुए।

ट्रंप प्रशासन ने मैक्सवेल के पर्दन पर पहले कहा था कि यह विचाराधीन नहीं है लेकिन हालिया घटनाओं में इसे पूरी तरह नकारा नहीं गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि पर्दन पर विचार नहीं किया जा रहा है। मैक्सवेल के वकील के बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। डेमोक्रेट्स ने इसे व्हाइट हाउस कवर-अप बताया है।

एपस्टीन फाइल्स की जांच जारी है। कमिटी सदस्यों ने अनरिडेक्टेड फाइल्स की समीक्षा शुरू की है। फाइल्स में कुछ नाम रिडेक्टेड हैं जिस पर चिंता जताई गई है। मैक्सवेल की गवाही से इन नामों पर प्रकाश पड़ सकता था लेकिन उनकी शर्त ने जांच को जटिल बना दिया है।

  • कमिटी की जांच का उद्देश्य

कमिटी एपस्टीन मामले की फेडरल हैंडलिंग जांच रही है। अनरिडेक्टेड फाइल्स उपलब्ध कराए गए हैं। कुछ नाम रिडेक्टेड हैं। मैक्सवेल की गवाही से अधिक जानकारी मिल सकती थी।

मैक्सवेल ने डिपोजिशन में रोबोटिक तरीके से सवालों पर चुप्पी साधी। सदस्यों ने कहा कि वे पीड़ितों के प्रति कोई पछतावा नहीं दिखा रही हैं। यह घटना एपस्टीन नेटवर्क की जांच को प्रभावित कर सकती है। मैक्सवेल की शर्त राजनीतिक दबाव का हिस्सा लगती है।

ट्रंप और क्लिंटन ने एपस्टीन से संबंध होने से इनकार किया है। फाइल्स में उनके नाम हैं लेकिन कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। मैक्सवेल की संभावित गवाही इन दावों को मजबूत कर सकती है। घटना ने वैश्विक मीडिया में हलचल मचा दी है।

  • ट्रंप और क्लिंटन का स्टैंड

ट्रंप और क्लिंटन ने एपस्टीन से किसी गलत कार्य से इनकार किया है। फाइल्स में उनके नाम हैं लेकिन कोई आरोप सिद्ध नहीं। मैक्सवेल का बयान उन्हें क्लियर कर सकता है। यह पूरा मामला एपस्टीन के मौत के बाद से चल रहा है। मैक्सवेल की गिरफ्तारी और सजा ने मामले को नया मोड़ दिया। अब पर्दन की मांग ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है। जांच जारी रहेगी।

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