कोहरे की घनी चादर में रेवाड़ी के NH-352D पर भयावह बस हादसा, 3-4 बसों की टक्कर से कई यात्री घायल

यह हादसा नेशनल हाईवे 352डी के एक हिस्से में हुआ, जो रेवाड़ी जिले को झज्जर से जोड़ता है। यह राजमार्ग व्यस्त रहता है, जहां रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। सुबह के समय

Dec 14, 2025 - 10:36
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कोहरे की घनी चादर में रेवाड़ी के NH-352D पर भयावह बस हादसा, 3-4 बसों की टक्कर से कई यात्री घायल
कोहरे की घनी चादर में रेवाड़ी के NH-352D पर भयावह बस हादसा, 3-4 बसों की टक्कर से कई यात्री घायल

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में नेशनल हाईवे 352डी पर शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण एक भयानक सड़क हादसा हो गया। यहां तीन से चार बसों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए। घटना इतनी भयावह थी कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार से आसपास का इलाका दहल उठा। बसें रेवाड़ी से झज्जर की ओर जा रही थीं, जब अचानक दृश्यता कम होने से चालक नियंत्रण खो बैठे और एक के बाद एक टक्कर मारने लगीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन घायलों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्थानीय अस्पतालों में घायलों को तुरंत भर्ती कराया गया है।

यह हादसा नेशनल हाईवे 352डी के एक हिस्से में हुआ, जो रेवाड़ी जिले को झज्जर से जोड़ता है। यह राजमार्ग व्यस्त रहता है, जहां रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। सुबह के समय जब कोहरा चरम पर था, तब बसें सामान्य गति से चल रही थीं। अचानक दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे चालकों को आगे की बसों को देखने में कठिनाई हुई। पहली बस के रुकने या धीमी होने पर पीछे की बसें टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि बसों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यात्रियों को बाहर निकालने में समय लगा, क्योंकि धुंध के कारण बचाव कार्य मुश्किल हो गया। घटनास्थल पर मौजूद लोग और राहगीरों ने मिलकर घायलों को वाहनों में बिठाकर नजदीकी चिकित्सा केंद्रों की ओर रवाना किया। कोहरे का असर पूरे क्षेत्र में देखा गया। दिसंबर के इस समय में उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के साथ कोहरा आम होता है, लेकिन इस बार यह असामान्य रूप से घना था। दृश्यता मात्र कुछ मीटर रह गई थी, जो सड़क परिवहन को खतरनाक बना देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में चालकों को धीमी गति अपनानी चाहिए और हेडलाइट्स जलाकर रखनी चाहिए। इस हादसे में बसें प्राइवेट संचालित थीं, जो यात्रियों को रोजगार और दैनिक कार्यों के लिए ले जा रही थीं। टक्कर के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। ट्रैफिक पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मार्ग बहाल करने का प्रयास किया।

घायलों को रेवाड़ी के नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आई हैं, जैसे कि खरोंचें, मोच और सिर पर चोटें। कुछ को फ्रैक्चर की आशंका है, जिनका इलाज चल रहा है। अस्पताल स्रोतों के अनुसार, यात्रियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। टक्कर के झटके से कई यात्री बेहोश हो गए थे, जिन्हें तुरंत ऑक्सीजन और दवाएं दी गईं। चिकित्सा टीम ने रक्तचाप और हृदय गति की जांच की, ताकि कोई जटिलता न हो। घायलों को निगरानी में रखा गया है, और स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक निष्कर्षों में कोहरे के कारण दृश्यता कम होना मुख्य कारण सामने आया है। अधिकारी बस चालकों के बयान दर्ज कर रहे हैं और वाहनों की फिटनेस की जांच करवा रहे हैं। हादसे के बाद सड़क पर मलबा साफ करने के लिए क्रेन बुलाई गई। ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया, ताकि अन्य वाहन प्रभावित न हों। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि कोहरे वाले दिनों में वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए। स्पीड लिमिट का पालन और फॉग लाइट्स का उपयोग अनिवार्य बताया गया है।

नेशनल हाईवे 352डी पर इस तरह के हादसे कभी-कभी होते रहते हैं, लेकिन इस बार बसों की संख्या अधिक होने से स्थिति गंभीर हो गई। बसें यात्रियों से भरी हुई थीं, जो रेवाड़ी से झज्जर के विभिन्न गांवों और शहरों के लिए जा रही थीं। टक्कर के समय सुबह का समय था, जब यात्रा चरम पर होती है। कोहरा इतना घना था कि सड़क के किनारे भी दिखाई न दे रहे थे। चालकों ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन पिछली बसें रुक नहीं पाईं। इस श्रृंखला टक्कर ने पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। राहगीरों ने मोबाइल फोन से मदद मांगी और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। चिकित्सा सहायता तुरंत उपलब्ध कराई गई। घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में विशेष वार्ड खोले गए। डॉक्टरों ने एक्स-रे और अन्य जांचें कराईं। अधिकांश यात्री स्थानीय निवासी हैं, जो दैनिक यात्रा पर थे। हादसे में कोई गंभीर चोट नहीं बताई जा रही, लेकिन निगरानी जारी है। परिवारजन अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। प्रशासन ने राहत सामग्री उपलब्ध कराई, जैसे कि पानी और भोजन। ट्रैफिक प्रभावित होने से अन्य वाहनों को परेशानी हुई। कई घंटों तक सड़क पर जाम लगा रहा। पुलिस ने डायवर्टर लगाकर वाहनों को अन्य रास्तों पर भेजा।

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