साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन के पास ऑटो वर्कशॉप में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार, छह गाड़ियां जलीं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत साहिबाबाद क्षेत्र में स्थित नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशन के बेहद करीब संचालित एक

May 20, 2026 - 12:25
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साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन के पास ऑटो वर्कशॉप में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार, छह गाड़ियां जलीं।
साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन के पास ऑटो वर्कशॉप में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार, छह गाड़ियां जलीं।
  • मरम्मत के लिए आई छह गाड़ियां जलकर पूरी तरह खाक, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने बमुश्किल पाया काबू
  • शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ बड़ा हादसा, आरआरटीएस कॉरिडोर के समीप मची अफरा-तफरी से रुका यातायात

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत साहिबाबाद क्षेत्र में स्थित नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशन के बेहद करीब संचालित एक ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड के कारण पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसमान में काले धुएं का एक बहुत बड़ा और डरावना गुबार छा गया। आग इतनी तेजी से फैली कि वर्कशॉप के भीतर काम कर रहे मैकेनिकों और कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी वर्कशॉप को अपनी चपेट में ले लिया। नमो भारत स्टेशन के मुख्य मार्ग के पास होने के कारण वहां से गुजरने वाले राहगीरों और यात्रियों के बीच भी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जिसके चलते सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक को कुछ समय के लिए डायवर्ट करना पड़ा।

अग्निकांड की यह घटना दोपहर के समय हुई जब वर्कशॉप के भीतर गाड़ियों की मरम्मत और डेंटिंग-पेंटिंग का नियमित काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्य केबिन के पास लगे बिजली के पैनल से अचानक चिंगारियां उठने लगीं और वहां रखे इंजन ऑयल व थिनर के डिब्बों ने उस आग को तुरंत पकड़ लिया। ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग की लपटें चंद मिनटों में ही पूरी छत को पार कर गईं। गनीमत यह रही कि जैसे ही धुआं उठना शुरू हुआ, वर्कशॉप के अंदर मौजूद सभी कर्मचारी तुरंत बाहर की तरफ भागे, जिससे एक बहुत बड़ा और जानलेवा हादसा होने से टल गया। हालांकि, वर्कशॉप के अंदर खड़ी कीमती संपत्तियों और वाहनों को बाहर निकालने का समय किसी को नहीं मिल सका।

इस भयानक अग्निकांड की सबसे बड़ी मार वहां मरम्मत और सर्विसिंग के लिए खड़ी की गई गाड़ियों पर पड़ी है। आग की भीषण लपटों की चपेट में आने के कारण वर्कशॉप के अंदर खड़ी कुल छह गाड़ियां पूरी तरह से जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो गईं। इन वाहनों में से कुछ गाड़ियां हाल ही में डेंटिंग के काम के लिए आई थीं, जिनके भीतर का इंटीरियर और ईंधन टैंक पूरी तरह स्वाहा हो गया। आग की गर्मी इतनी अत्यधिक थी कि गाड़ियों के टायर और शीशे तेज धमाकों के साथ फटने लगे, जिससे आस-पास की इमारतों में रहने वाले लोग भी डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में वाहन स्वामियों और वर्कशॉप संचालक को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। नमो भारत स्टेशन के पास का इलाका काफी व्यस्त होने और मुख्य सड़क पर वाहनों की भारी आवाजाही के कारण शुरुआती दौर में दमकल विभाग की गाड़ियों को घटना स्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वर्कशॉप के आस-पास की बिजली आपूर्ति को तत्काल बंद कराया ताकि आग को अन्य रिहायशी इमारतों में फैलने से रोका जा सके।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर सक्रिय हो गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की कुल चार बड़ी गाड़ियां घटना स्थल पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने आधुनिक उपकरणों और पानी की तेज बौछार (वॉटर होज़) का इस्तेमाल करके आग पर चौतरफा हमला शुरू किया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत और भारी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद भी काफी समय तक कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया ताकि मलबे के नीचे दबी किसी भी चिंगारी से दोबारा आग भड़कने की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

इस पूरी घटना के बाद पुलिस और अग्निशमन सुरक्षा विंग ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू कर दी है कि क्या इस कमर्शियल वर्कशॉप के भीतर आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। प्राथमिक जांच के दौरान यह बात सामने आ रही है कि वर्कशॉप के भीतर अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तो रखे हुए थे, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनका इस्तेमाल करने का मौका ही नहीं मिला। इसके अलावा, बिजली के तारों के पुराने होने और उन पर क्षमता से अधिक लोड होने की बात भी सामने आ रही है। जांच टीमें अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे की मुख्य वजह बनी।

साहिबाबाद का यह क्षेत्र नमो भारत ट्रेन के संचालन के बाद से एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल जोन बन चुका है, जहां हर समय हजारों यात्रियों की आवाजाही रहती है। स्टेशन के इतने नजदीक इस तरह का बड़ा अग्निकांड होना भविष्य के लिए एक बड़ा अलार्म है। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने आरआरटीएस कॉरिडोर और स्टेशनों के आस-पास संचालित होने वाले सभी पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों और ऑटो वर्कशॉप्स की सुरक्षा समीक्षा करने का फैसला किया है। सभी संचालकों को कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपने परिसरों में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण को लेकर तय नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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