नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो के पास विशाल मेगा मार्ट की पूरी बिल्डिंग जलकर हुई राख, करोड़ों का सामान हुआ खाक

नोएडा के सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन के पास स्थित विशाल मेगा मार्ट की तीन मंजिला इमारत में आज सुबह करीब 10:15 बजे आग लगने की सूचना

Mar 27, 2026 - 11:46
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नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो के पास विशाल मेगा मार्ट की पूरी बिल्डिंग जलकर हुई राख, करोड़ों का सामान हुआ खाक
नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो के पास विशाल मेगा मार्ट की पूरी बिल्डिंग जलकर हुई राख, करोड़ों का सामान हुआ खाक
  • मेट्रो स्टेशन के पास भड़की भीषण आग: अग्निशमन दल की 20 से अधिक गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
  • आग की लपटों में घिरा विशाल मेगा मार्ट: शॉर्ट सर्किट की आशंका, धुएं के गुबार से सहमे आसपास के रहवासी

नोएडा के सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन के पास स्थित विशाल मेगा मार्ट की तीन मंजिला इमारत में आज सुबह करीब 10:15 बजे आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत इमारत की ऊपरी मंजिल से हुई और कुछ ही मिनटों के भीतर इसने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। जिस समय आग लगी, मार्ट में खरीदारी करने के लिए कुछ ग्राहक और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। आग लगने की खबर फैलते ही परिसर के भीतर भगदड़ मच गई। गनीमत यह रही कि समय रहते सुरक्षाकर्मियों ने सतर्कता दिखाई और आपातकालीन निकास द्वारों का उपयोग करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में पूरी इमारत एक धधकती हुई भट्टी में तब्दील हो गई और अंदर रखा करोड़ों रुपये का कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान जलकर खाक हो गया।

सूचना मिलने के तुरंत बाद नोएडा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए जल्द ही फेज-1, सेक्टर 58 और सेक्टर 2 के स्टेशनों से अतिरिक्त गाड़ियों को बुलाया गया। कुल मिलाकर 20 से अधिक दमकल वाहनों ने मोर्चा संभाला। दमकलकर्मियों को आग बुझाने में सबसे बड़ी चुनौती तेज हवाओं और इमारत के भीतर मौजूद ज्वलनशील पदार्थों, जैसे प्लास्टिक और सिंथेटिक कपड़ों के कारण हुई। आग की लपटों ने मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते को भी प्रभावित किया, जिसके कारण एहतियात के तौर पर मेट्रो की गति को कुछ समय के लिए धीमा करना पड़ा और स्टेशन के एक प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने तत्काल पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और राहत कार्यों में बाधा न आए।

आग लगने के प्राथमिक कारणों की जांच में बिजली के शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इमारत के भीतर लगे केंद्रीय एयर कंडीशनिंग सिस्टम में किसी तकनीकी खराबी के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने स्टोर में रखे कपड़ों के स्टॉक को पकड़ लिया। चूंकि मार्ट में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, गद्दे और सिंथेटिक सामग्रियां भरी हुई थीं, इसलिए आग को फैलने में बहुत कम समय लगा। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि क्या इमारत के भीतर अग्निशमन उपकरण जैसे स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म सही ढंग से काम कर रहे थे। अग्निशमन विभाग के कुछ अधिकारियों ने दबे स्वर में संकेत दिए हैं कि इतनी बड़ी व्यावसायिक इमारत में जिस स्तर की सुरक्षा होनी चाहिए थी, वह शायद नदारद थी। नोएडा के सेक्टर 76 और 75 के रिहायशी इलाकों के ठीक बीच स्थित इस मेगा मार्ट में लगी आग ने पास की सोसाइटी के निवासियों में भी दहशत पैदा कर दी। आग के कारण निकलने वाले जहरीले धुएं से लोगों को सांस लेने में कठिनाई महसूस हुई, जिसके चलते पास की एक सोसाइटी के कुछ फ्लैट्स को अस्थायी रूप से खाली कराया गया। दमकल विभाग ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ऊंचाई से पानी की बौछारें कीं ताकि आग को रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोका जा सके।

दोपहर करीब 3:00 बजे तक दमकलकर्मियों ने आग पर आंशिक रूप से काबू पा लिया था, लेकिन 'कूलिंग प्रक्रिया' शाम तक जारी रही। इमारत का ढांचा आग की गर्मी के कारण काफी कमजोर हो गया है और छत के कुछ हिस्से गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी बिल्डिंग अब सुरक्षित नहीं है और इसे गिराना पड़ सकता है। इस अग्निकांड में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है, लेकिन विशाल मेगा मार्ट के प्रबंधन को इस घटना से भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। स्टोर के भीतर रखा गया सारा स्टॉक राख हो गया है और इमारत का आंतरिक फर्नीचर व इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से नष्ट हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और विशेषज्ञों की टीम को नमूनों की जांच के लिए नियुक्त किया गया है।

इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण और दमकल विभाग के दावों पर भी सवाल उठाए हैं। नोएडा में पिछले कुछ महीनों में आग लगने की कई छोटी-बड़ी घटनाएं हुई हैं, लेकिन सेक्टर 76 जैसी बड़ी व्यावसायिक इमारत का पूरी तरह जल जाना यह बताता है कि नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े स्टोर्स में स्टॉक के भंडारण के लिए निर्धारित मानकों की अक्सर अनदेखी की जाती है, जिससे आग लगने की स्थिति में नुकसान की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अब नोएडा के अन्य मॉल्स और रिटेल आउटलेट्स की भी सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग उठने लगी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाया जाएगा या जिसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अग्निशमन विभाग के साहसी कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के पिछले हिस्से से भी आग बुझाने का प्रयास किया ताकि पास के मेट्रो पिलर्स को नुकसान न पहुँचे। भीषण गर्मी और लपटों के बीच दमकलकर्मियों ने मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडरों की मदद से घंटों तक संघर्ष किया। शाम तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई थी, लेकिन घटनास्थल पर दमकल की कुछ गाड़ियां 'स्टैंडबाय' मोड पर तैनात रखी गई हैं ताकि दोबारा आग सुलगने की कोई गुंजाइश न रहे। यातायात विभाग ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए सेक्टर 74 से 76 की ओर जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही को डाइवर्ट किया, जिससे एम्बुलेंस और दमकल वाहनों को पहुँचने में आसानी हुई।

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