दिल्ली के सराय काले खां इलाके में चलती स्लीपर बस में महिला के साथ गैंग रेप, पुलिस ने मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार।

देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने

May 14, 2026 - 11:50
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दिल्ली के सराय काले खां इलाके में चलती स्लीपर बस में महिला के साथ गैंग रेप, पुलिस ने मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार।
दिल्ली के सराय काले खां इलाके में चलती स्लीपर बस में महिला के साथ गैंग रेप, पुलिस ने मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार।
  • राजधानी में महिला सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल: निजी बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने सवारी महिला को बनाया हवस का शिकार
  • दिल्ली से उत्तर प्रदेश जा रही बस के केबिन में हुई दरिंदगी, पीड़िता की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने दोनों दरिंदों को दबोचा

देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली के सराय काले खां इलाके के पास एक निजी स्लीपर बस में सवार एक महिला के साथ बस के ही चालक और परिचालक द्वारा गैंग रेप किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह बस में सफर कर रही थी, तभी आरोपियों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर रात के समय सार्वजनिक और निजी परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा की पोल खोल दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब पीड़ित महिला सराय काले खां बस टर्मिनल के पास से उत्तर प्रदेश के लिए एक निजी स्लीपर बस में सवार हुई थी। बस में सवार होने के कुछ समय बाद, जब बस गंतव्य की ओर बढ़ रही थी, तभी बस के ड्राइवर और कंडक्टर की नीयत खराब हो गई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने महिला को बस के केबिन के पास बुलाया या किसी बहाने से उसे झांसे में लिया और फिर बारी-बारी से उसके साथ जबरदस्ती की। महिला ने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन चलती बस और आरोपियों के डर के कारण उसकी आवाज बाहर तक नहीं पहुंच सकी। आरोपियों ने पूरी वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया और महिला को जान से मारने की धमकी भी दी ताकि वह किसी से इस बारे में बात न कर सके। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़ित महिला को बस से उतार दिया और वहां से फरार हो गए। बदहवास हालत में पीड़ित महिला ने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया और फिर पुलिस को मामले की सूचना दी। दिल्ली पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर तत्काल भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गैंग रेप और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई जिसने बस के रूट, सीसीटीवी फुटेज और बस ऑपरेटर के विवरण के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने बहुत ही कम समय में बस के ड्राइवर और कंडक्टर की पहचान कर उन्हें अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली में रात के समय चलने वाली निजी बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर इस तरह की वारदातों का मुख्य कारण बनती है। स्लीपर बसों के केबिन और पर्दे वाली सीटों के कारण अंदर की गतिविधियों पर बाहर से नजर रखना मुश्किल होता है, जिसका फायदा अपराधी प्रवृत्ति के कर्मचारी उठाते हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बस में जीपीएस और पैनिक बटन जैसे सुरक्षा उपकरण चालू स्थिति में थे या नहीं।

गिरफ्तारी के बाद हुई शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिछले काफी समय से इस निजी बस सेवा में काम कर रहे थे और उन्हें रास्तों व बस के भीतर की जगहों की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने उस बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिसमें यह घिनौनी वारदात हुई थी। फोरेंसिक टीम ने बस के भीतर से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि आरोपियों के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। पीड़ित महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या इन्होंने पहले भी इस तरह की किसी घटना को अंजाम दिया है।

इस घटना के बाद से राजधानी में महिलाओं के बीच भय का माहौल है, विशेषकर उन महिलाओं में जो काम के सिलसिले में या निजी कारणों से रात के समय बसों में सफर करती हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार यह कहा जाता है कि निजी परिवहन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह बताती हैं कि धरातल पर स्थिति अभी भी चिंताजनक है। बस संचालकों द्वारा ड्राइवरों और कंडक्टरों के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया में बरती जाने वाली लापरवाही अक्सर यात्रियों के लिए भारी पड़ती है। इस मामले में भी पुलिस बस मालिक की भूमिका की जांच कर रही है कि क्या उन्होंने अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया था या नहीं। सराय काले खां और आसपास के बस स्टैंडों पर रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। पीड़ित महिला को वर्तमान में उचित परामर्श और सुरक्षा प्रदान की जा रही है ताकि वह इस सदमे से उबर सके। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए त्वरित सुनवाई होनी चाहिए ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और समाज में एक कड़ा संदेश जाए। पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि मामले को बिना किसी देरी के तार्किक परिणति तक पहुंचाया जा सके।

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