Special: सीकर की मेधावी तान्या सानसुखा का CBSE 12वीं में ऐतिहासिक प्रदर्शन, 500 में से 499 अंक पाकर रचा नया कीर्तिमान।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा जगत में बेटियों के वर्चस्व
- बेटियों के नाम रहा CBSE का परीक्षा परिणाम, राजस्थान की तान्या ने चार विषयों में हासिल किए शत-प्रतिशत अंक
- सफलता का मंत्र है निरंतरता और कठोर परिश्रम, तान्या सानसुखा ने इतिहास में मात्र एक अंक खोकर किया पूरे प्रदेश को गौरवान्वित
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा जगत में बेटियों के वर्चस्व को सिद्ध कर दिया है। इस वर्ष के परिणामों में राजस्थान के सीकर जिले की प्रतिभावान छात्रा तान्या सानसुखा ने अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता और कड़ी मेहनत के बल पर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। तान्या ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर यह स्पष्ट कर दिया कि यदि लक्ष्य निर्धारित हो और उसे पाने के लिए समर्पण अटूट हो, तो कोई भी मंजिल पाना असंभव नहीं है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता के बाद सीकर सहित पूरे प्रदेश में हर्ष का वातावरण है और तान्या की इस उपलब्धि को शिक्षा नगरी सीकर के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। तान्या सानसुखा का परीक्षा परिणाम उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने न केवल शीर्ष स्थान प्राप्त किया, बल्कि लगभग हर विषय में पूर्ण अंक अर्जित कर अपनी पकड़ को साबित किया। तान्या ने अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भूगोल और पेंटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। यह परिणाम दर्शाता है कि उन्होंने कला संकाय के विभिन्न विषयों को न केवल पढ़ा, बल्कि उन्हें आत्मसात भी किया। पूरी परीक्षा के दौरान उनका मात्र एक अंक इतिहास विषय में कटा, अन्यथा वे पूर्णता के उस शिखर पर होतीं जहाँ अंकों की गुंजाइश ही समाप्त हो जाती है। उनकी इस अंकतालिका को देखकर हर कोई उनकी एकाग्रता और लेखन शैली की प्रशंसा कर रहा है।
अपनी इस बड़ी जीत और सफलता के पीछे के रहस्यों को साझा करते हुए तान्या ने बताया कि उन्होंने कभी भी पढ़ाई को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, सफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि यह दैनिक अभ्यास और निरंतरता का परिणाम होती है। तान्या ने अपनी पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय-सारणी का पालन किया और कभी भी पाठ्यक्रम को कल के लिए नहीं टाला। उनका मानना है कि जब आप नियमित रूप से अध्ययन करते हैं, तो परीक्षा के समय घबराहट की संभावना न्यूनतम हो जाती है। तान्या ने अपने अनुभवों से यह संदेश दिया है कि विद्यार्थियों को रटने के बजाय विषयों की गहराई को समझने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे ज्ञान स्थाई बना रहता है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में इस वर्ष भी छात्राओं का पास प्रतिशत छात्रों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। तान्या सानसुखा जैसी मेधावी छात्राओं ने यह सिद्ध किया है कि उचित वातावरण और परिजनों का सहयोग मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकती हैं। तान्या का स्कोरकार्ड अब आगामी सत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में कार्य करेगा।
परीक्षा की तैयारी के दौरान तान्या ने जिस रणनीति का पालन किया, वह वाकई प्रेरणादायक है। उन्होंने मुख्य परीक्षा से पहले ही अपने संपूर्ण पाठ्यक्रम को तीन बार पूरी तरह से दोहरा लिया था। रिवीजन की यह प्रक्रिया उन्हें आत्मविश्वास प्रदान करने में सहायक रही। अक्सर विद्यार्थी अंतिम समय में तैयारी शुरू करते हैं, लेकिन तान्या ने सत्र की शुरुआत से ही हर अध्याय पर अपनी पकड़ मजबूत रखी। उन्होंने कठिन विषयों के लिए विशेष नोट्स तैयार किए और मानचित्र व चित्रों का भरपूर उपयोग किया, विशेषकर भूगोल और पेंटिंग जैसे विषयों में, जहाँ उनकी रचनात्मकता ने उन्हें पूरे अंक दिलाने में मदद की। तान्या की इस सफलता में उनके परिवार और शिक्षकों का योगदान भी सराहनीय रहा है। घर में पढ़ाई के अनुकूल वातावरण और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। जब भी उन्हें किसी विषय में शंका हुई, उन्होंने तुरंत उसका समाधान किया और कभी भी उसे अधूरा नहीं छोड़ा। उनकी उपलब्धि पर पूरे सीकर शहर में गौरव की लहर है, क्योंकि सीकर को पहले से ही 'राजस्थान की शिक्षा काशी' कहा जाता है और तान्या ने इस पहचान को और अधिक समृद्ध किया है। उनके माता-पिता अपनी बेटी की इस मेहनत और अनुशासन को देखकर अत्यंत भावुक और खुश हैं।
Also Read- लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त का इंतजार खत्म- इस दिन महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपये
What's Your Reaction?







