नालंदा में जमीन के लिए रिश्तों का बेरहम कत्ल: कलयुगी बेटों ने गला रेतकर की अपनी ही मां की निर्मम हत्या

बिहार के नालंदा जिले से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को

May 15, 2026 - 10:38
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नालंदा में जमीन के लिए रिश्तों का बेरहम कत्ल: कलयुगी बेटों ने गला रेतकर की अपनी ही मां की निर्मम हत्या
नालंदा में जमीन के लिए रिश्तों का बेरहम कत्ल: कलयुगी बेटों ने गला रेतकर की अपनी ही मां की निर्मम हत्या
  • संपत्ति विवाद में खून के प्यासे बने बेटे, चंडी के बदौरा गांव में वृद्धा की हत्या के बाद पुलिस और ग्रामीणों में भारी झड़प
  • मां की चीखों पर भारी पड़ा मकान का लालच, पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ शुरू की छापेमारी, इलाके में तनाव बरकरार

बिहार के नालंदा जिले से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जमीन के एक छोटे से टुकड़े और मकान के लालच में बेटों ने उस ममता का गला रेत दिया, जिसने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया था। बिहार के नालंदा जनपद अंतर्गत चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव में घटित इस हृदयविदारक घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यहां संपत्ति के विवाद में बेटों ने अपनी ही जन्मदात्री मां की गला रेतकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान जिलवी देवी के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की पत्नी थीं। जिलवी देवी मूल रूप से भाषीन बिगहा की रहने वाली थीं, लेकिन बेटों के साथ चल रहे लगातार विवाद और उनके हिंसक व्यवहार के कारण वे वर्तमान में अपने मायके बदौरा गांव में शरण लिए हुए थीं। उन्हें उम्मीद थी कि शायद मायके में वे सुरक्षित रहेंगी, लेकिन लालच की आग में अंधे हो चुके बेटों ने वहां पहुंचकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया।

घटना की पृष्ठभूमि लंबे समय से चले आ रहे जमीन और मकान के विवाद से जुड़ी हुई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के मंझले बेटे रविशंकर कुमार, जो पटना में रहकर वाहन चलाने का काम करता है, और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार की नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन और मकान पर थी। ये दोनों भाई अक्सर अपनी मां पर संपत्ति उनके नाम करने का दबाव बनाया करते थे। मां द्वारा इनकार किए जाने पर घर में आए दिन कलह और मारपीट की स्थिति बनी रहती थी। मृतका जिलवी देवी अपने ही बेटों के इस हिंसक और आक्रामक रवैये के कारण मानसिक रूप से काफी डरी और सहमी रहती थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने मायके में रहना शुरू कर दिया था।

हत्या की यह वारदात इतनी वीभत्स थी कि जिसने भी शव को देखा, उसकी रूह कांप गई। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में अपनी मां पर हमला किया और धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबह जब ग्रामीणों को इस हत्याकांड की जानकारी मिली, तो पूरे इलाके में सनसैनी फैल गई। बदौरा गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संपत्ति के लिए अपनी मां की जान लेने वाले इन दरिंदों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। स्थानीय जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका के नाम पर पैतृक संपत्ति के कुछ हिस्से थे, जिन्हें बेटे बेचना चाहते थे। मां इस फैसले के खिलाफ थीं क्योंकि वह अपनी वृद्धावस्था के लिए एक सुरक्षित छत चाहती थीं। इसी असहमति ने बेटों को कातिल बना दिया।

जब घटना की सूचना पाकर चंडी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी पर अड़ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प की नौबत आ गई। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन पर सुस्ती का आरोप लगा रहे थे, जबकि पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। काफी मशक्कत और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के अन्य परिजनों के बयान के आधार पर रविशंकर कुमार और चंद्रभूषण कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है जो आरोपियों के संभावित ठिकानों, विशेषकर पटना और उनके पैतृक गांव भाषीन बिगहा में छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि यह पूरी तरह से संपत्ति हथियाने के उद्देश्य से की गई सोची-समझी हत्या है। पुलिस अब उन हथियारों की भी तलाश कर रही है जिसका उपयोग गला रेतने के लिए किया गया था।

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