गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़, हर्षवर्धन जैन गिरफ्तार। 

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की नोएडा इकाई ने गाजियाबाद के कवि नगर क्षेत्र में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश ....

Jul 24, 2025 - 11:03
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़, हर्षवर्धन जैन गिरफ्तार। 
गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़, हर्षवर्धन जैन गिरफ्तार। 

उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की नोएडा इकाई ने गाजियाबाद के कवि नगर क्षेत्र में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया। इस अवैध दूतावास को चलाने वाला मुख्य आरोपी हर्षवर्धन जैन, कवि नगर का निवासी, को गिरफ्तार किया गया। वह खुद को वेस्ट आर्कटिका, साबोर्गा, पोल्विया और लोडोनिया जैसे काल्पनिक देशों का राजदूत बताता था। एसटीएफ ने छापेमारी के दौरान कई लग्जरी गाड़ियां, फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की।

हर्षवर्धन जैन ने कवि नगर के KB-35 में एक किराए के मकान को "वेस्ट आर्कटिका दूतावास" में तब्दील कर रखा था। वह काल्पनिक देशों जैसे वेस्ट आर्कटिका, साबोर्गा, पोल्विया और लोडोनिया का कॉन्सुल या राजदूत होने का दावा करता था। इन देशों का कोई आधिकारिक अस्तित्व नहीं है, क्योंकि ये स्व-घोषित माइक्रोनेशन हैं। जैन ने अपनी छवि को विश्वसनीय बनाने के लिए कई हथकंडे अपनाए, जिनमें फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का उपयोग और प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति जैसे प्रमुख व्यक्तियों के साथ फोटोशॉप की गई तस्वीरें शामिल थीं।

एसटीएफ को केंद्रीय एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 22 जुलाई 2025 को देर रात 10 बजे छापेमारी की गई। इस दौरान जैन को मौके पर गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि वह लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था और शेल कंपनियों के जरिए हवाला नेटवर्क चला रहा था।

बरामद सामग्री

छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

44 लाख रुपये नकद

विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा

चार लग्जरी गाड़ियां, जिन पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी थीं

18 अलग-अलग डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट

12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट (माइक्रोनेशन के)

विदेश मंत्रालय की नकली मुहरों वाले दस्तावेज

दो फर्जी पैन कार्ड

34 विभिन्न देशों और कंपनियों की रबर स्टैंप

दो फर्जी प्रेस कार्ड

कई शेल कंपनियों के दस्तावेज

विभिन्न देशों के झंडे और फोटोशॉप की गई तस्वीरें

हर्षवर्धन जैन का यह पहला अपराध नहीं है। वर्ष 2011 में भी उसे कवि नगर पुलिस स्टेशन में अवैध सैटेलाइट फोन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी उसके पास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। जांच में यह भी पता चला कि जैन का संबंध चंद्रस्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलर अदनान खाशोगी जैसे लोगों से था, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

जैन ने अपने फर्जी दूतावास के जरिए लोगों को विदेश में नौकरी और व्यापारिक सौदों का लालच देकर ठगा। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला लेनदेन करता था, जिससे अवैध धन का हस्तांतरण होता था। उसने नकली दस्तावेजों और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का उपयोग कर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं और कितने लोग उसकी ठगी का शिकार हुए।

हर्षवर्धन जैन के खिलाफ कवि नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, और आपराधिक साजिश की धाराएं शामिल हैं। पुलिस उसकी गतिविधियों, वित्तीय लेनदेन, और संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच कर रही है।

इस घटना ने गाजियाबाद जैसे शहरी क्षेत्र में संगठित अपराध की गंभीरता को उजागर किया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस फर्जीवाड़े पर हैरानी जताई और यूपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। कुछ यूजर्स ने इसे "हास्यास्पद" बताया कि कोई व्यक्ति काल्पनिक देशों का दूतावास चलाकर इतने बड़े स्तर पर ठगी कर सकता है।

यह मामला यह भी दर्शाता है कि फर्जी दस्तावेजों और डिप्लोमैटिक प्रतीकों का दुरुपयोग कितना आसान हो सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि लोग ऐसे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी नौकरी या निवेश के प्रस्ताव की पूरी तरह जांच करें।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक संगठित ठगी और हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो गाजियाबाद जैसे व्यस्त शहर में चल रहा था। हर्षवर्धन जैन द्वारा संचालित यह फर्जी दूतावास न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों की भोली-भाली भावनाओं का शोषण करने का एक गंभीर मामला है। यूपी पुलिस और एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने उनकी सतर्कता और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाया है। जांच अभी जारी है, और उम्मीद है कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी जल्द खुलासा होगा।

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