अप्रैल में रेल यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर: रेलवे ने रद्द कीं 14 से अधिक प्रमुख ट्रेनें, घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

भारतीय रेलवे ने अप्रैल 2026 के महीने में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सुरक्षा

Apr 1, 2026 - 11:59
 0  3
अप्रैल में रेल यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर: रेलवे ने रद्द कीं 14 से अधिक प्रमुख ट्रेनें, घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट
अप्रैल में रेल यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर: रेलवे ने रद्द कीं 14 से अधिक प्रमुख ट्रेनें, घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट
  • रेलवे ट्रैक मरम्मत और आधुनिकिकरण कार्य के चलते बदला ट्रेनों का शेड्यूल: छत्तीसगढ़, दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र के यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
  • सफर की योजना बनाने वाले यात्रियों को रेलवे की सलाह: इन्फ्रास्ट्रक्चर अपडेट और मेगा ब्लॉक के कारण 27 अप्रैल तक प्रभावित रहेगा कई रूटों पर रेल परिचालन

भारतीय रेलवे ने अप्रैल 2026 के महीने में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न हिस्सों में रेलवे ट्रैक के रखरखाव, यार्ड रिमॉडलिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है। इस विकासात्मक कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने अप्रैल महीने में चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय विशेष रूप से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के कुछ व्यस्त रूटों पर लागू किया गया है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए रेलवे ने पहले ही अधिसूचना जारी कर दी है ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना में आवश्यक बदलाव कर सकें और स्टेशनों पर होने वाली भीड़ या अंतिम समय की अफरा-तफरी से बच सकें।

ट्रेनों के रद्द होने का मुख्य केंद्र छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को जोड़ने वाले रेल मार्ग हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-रायपुर खंड और गोंदिया रेलवे स्टेशन पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण इस मार्ग की ट्रेनों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही कानपुर के पास गंगा पुल पर होने वाले बड़े मरम्मत कार्य के चलते भी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है या उन्हें पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पटरियों का आधुनिकिकरण और पुलों की मजबूती ट्रेन संचालन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है, और इसी कारण यह 'मेगा ब्लॉक' लिया गया है। यह ब्लॉक 2 अप्रैल से शुरू होकर महीने के अंत तक अलग-अलग तारीखों पर प्रभावी रहेगा, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को अपनी टिकट बुकिंग की स्थिति दोबारा जांचने की आवश्यकता होगी।

कैंसिल की गई ट्रेनों की सूची में कई प्रतिष्ठित और दैनिक रूप से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दिया गया है, वहीं इसकी वापसी गाड़ी यानी ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक पटरी पर नहीं दौड़ेगी। इसके अतिरिक्त, विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12807) और हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस (12410) जैसी प्रमुख ट्रेनें भी अप्रैल के विभिन्न दिनों में निरस्त रहेंगी। यात्रियों को ध्यान देना चाहिए कि कुछ ट्रेनें केवल कुछ विशिष्ट तिथियों पर ही रद्द की गई हैं, जबकि कुछ को लंबी अवधि के लिए बंद किया गया है। शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस जैसी गाड़ियां भी इस ब्लॉक की चपेट में आई हैं, जिससे महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बीच का रेल संपर्क भी प्रभावित होगा।

यात्रियों के लिए रिफंड और पूछताछ

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने इन रद्द ट्रेनों में पहले से टिकट बुक कर रखी है, उन्हें नियमानुसार पूरा रिफंड दिया जाएगा। ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में वापस आ जाएगा, जबकि काउंटर टिकट वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशन के रिफंड काउंटर पर जाना होगा। यात्री अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जानने के लिए 'नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम' (NTES) ऐप या 139 हेल्पलाइन नंबर का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर विशेष पूछताछ काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।

पैसेंजर ट्रेनों और मेमू (MEMU) सेवाओं पर भी इस मरम्मत कार्य का गहरा असर पड़ा है। स्थानीय यात्रियों के लिए चलने वाली बिलासपुर-रायगढ़ मेमू और रायपुर-गेवरा रोड मेमू जैसी गाड़ियां 11 अप्रैल तक के लिए निरस्त कर दी गई हैं। इससे उन दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर तक इन ट्रेनों का उपयोग करते थे। रेलवे ने स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया है ताकि यात्रियों के लिए वैकल्पिक बस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके, हालांकि ट्रेन के मुकाबले सड़क मार्ग महंगा और समय लेने वाला साबित हो रहा है। छोटे स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय स्टेशन मास्टर या डिजिटल माध्यमों से ट्रेनों की उपलब्धता की पुष्टि जरूर कर लें।

सिर्फ ट्रेनों का निरस्तीकरण ही एकमात्र बदलाव नहीं है, बल्कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन (Diversion) भी किया गया है। कानपुर-लखनऊ रूट पर गंगा पुल की मरम्मत के चलते नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों को भी बदले हुए मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह, पनवेल-गोरखपुर और ओखा-गोरखपुर जैसी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके निर्धारित स्टेशनों के बजाय अन्य स्टेशनों से होकर गुजारा जाएगा, जिससे उनकी यात्रा के समय में 15 मिनट से लेकर 1 घंटे तक की वृद्धि हो सकती है। कुछ ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त (Short Terminate) किया जा रहा है, जैसे बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक ही चलाया जाएगा। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इन परिवर्तनों को बारीकी से समझना होगा ताकि उन्हें रास्ते में किसी अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़े। आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और नई रेल लाइनें बिछाने का यह कार्य भविष्य में रेल परिचालन को और अधिक सुचारू बनाने के लिए किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के अनुसार, रेलवे अब यात्रियों को एसएमएस के माध्यम से भी ट्रेन रद्द होने की जानकारी भेज रहा है। हालांकि, तकनीकी कारणों से कई बार यह सूचना समय पर नहीं मिल पाती, इसलिए यात्रियों की जिम्मेदारी है कि वे खुद भी अपडेट रहें। रेलवे ने यह भी बताया है कि 30 जून 2026 तक कुछ खंडों में आंशिक रूप से कार्य चलता रहेगा, जिसका अर्थ है कि भविष्य में भी कुछ आंशिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए किए जा रहे इन कार्यों के संपन्न होने के बाद ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार होने की पूरी संभावना है, जो लंबे समय में यात्रियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

Also Read- राकेश टिकैत की हिरासत पर उत्तर प्रदेश में भारी बवाल: भाकियू कार्यकर्ताओं ने घेरे पुलिस थाने, पश्चिमी यूपी में चक्का जाम की चेतावनी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow