आरबीएसई इंटरमीडिएट परिणाम 2026 अपडेट: 9 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार खत्म, डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम आज सुबह निर्धारित समय पर घोषित

Mar 31, 2026 - 12:12
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आरबीएसई इंटरमीडिएट परिणाम 2026 अपडेट: 9 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार खत्म, डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।
आरबीएसई इंटरमीडिएट परिणाम 2026 अपडेट: 9 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार खत्म, डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।
  • राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट घोषित: तीनों संकायों के नतीजे एक साथ जारी, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड
  • RBSE 12th Result 2026: छात्राओं ने फिर गाड़े सफलता के झंडे, आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक हुआ सक्रिय

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम आज सुबह निर्धारित समय पर घोषित किए गए। राज्य के शिक्षा मंत्री ने उदयपुर स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय से एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन नतीजों को सार्वजनिक किया। इस वर्ष बोर्ड ने अपनी परंपरा को कायम रखते हुए कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों ही संकायों के परिणाम एक साथ जारी करने का निर्णय लिया ताकि छात्रों को आगे की प्रवेश प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले करीब 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत विद्यार्थियों के लिए यह क्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर उनके स्नातक और पेशेवर पाठ्यक्रमों की राह तय होगी।

इस वर्ष की परीक्षा सांख्यिकी पर नजर डालें तो कला संकाय में छात्रों की संख्या सर्वाधिक रही है, जहाँ लगभग 6 लाख विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। विज्ञान संकाय में करीब 2.3 लाख और वाणिज्य संकाय में 30 हजार के आसपास छात्र परीक्षा में बैठे थे। परीक्षा का आयोजन 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच राज्य भर के हजारों केंद्रों पर पूरी शुचिता के साथ किया गया था। बोर्ड ने इस बार कॉपियों के मूल्यांकन के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और त्वरित प्रणालियों का उपयोग किया, जिसके चलते मार्च के अंत तक ही परिणामों को अंतिम रूप दे दिया गया। परिणामों के प्रतिशत के लिहाज से इस साल भी राज्य के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कला संकाय का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 97.54 रहा है, जबकि वाणिज्य वर्ग ने 98.50 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। विज्ञान संकाय में भी सफलता की दर 97.52 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्षों की तुलना में सुधार को दर्शाती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों के प्रदर्शन में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी स्पष्ट होता है कि छात्राओं ने इस वर्ष भी छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता को सिद्ध किया है।

विद्यार्थी अपना परिणाम आधिकारिक पोर्टल के अलावा एसएमएस और डिजिलॉकर के माध्यम से भी देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट धीमी होने पर 'RJ12' के साथ अपना रोल नंबर लिखकर निर्धारित नंबर पर भेजने से परिणाम मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा। परिणाम जांचने की प्रक्रिया को बोर्ड ने काफी सरल रखा है। छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'सीनियर सेकेंडरी रिजल्ट 2026' के लिंक पर क्लिक करना होगा। वहाँ अपनी संबंधित स्ट्रीम (कला, विज्ञान या वाणिज्य) का चयन करने के बाद अपना रोल नंबर और सुरक्षा कोड दर्ज करना होगा। सबमिट बटन दबाते ही डिजिटल अंकतालिका स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इस अनंतिम मार्कशीट को डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें, क्योंकि मूल अंकतालिकाएं स्कूलों द्वारा कुछ हफ्तों बाद वितरित की जाएंगी।

बोर्ड ने उन छात्रों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे विद्यार्थी 'री-टोटलिंग' या उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र एक या दो विषयों में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक (33%) प्राप्त करने में असफल रहे हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उनके लिए बोर्ड द्वारा सप्लीमेंट्री यानी पूरक परीक्षाओं का आयोजन मई या जून माह में किया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत समय-सारणी जल्द ही जारी की जाएगी। यह उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा जो अपने शैक्षणिक वर्ष को बचाना चाहते हैं। राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए सुधारों का असर इन परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। बोर्ड प्रशासन ने परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए कड़े प्रबंध किए थे और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की थी। शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के कठिन परिश्रम का ही परिणाम है कि समय से पूर्व ही इतने बड़े स्तर पर परिणाम घोषित करना संभव हो पाया है। इस बार टॉपर्स की सूची में छोटे कस्बों और ढाणियों के बच्चों ने स्थान बनाकर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है।

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