औरैया के अछल्दा में फर्जी गोलीकांड का पर्दाफाश- विरोधियों को फंसाने की साजिश में दोस्त से खुद को मरवाई गोली, दोनों आरोपी गिरफ्तार। 

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज फर्जी गोलीकांड का खुलासा किया है। पुरानी रंजिश के चलते विरोधियों

Dec 20, 2025 - 12:11
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औरैया के अछल्दा में फर्जी गोलीकांड का पर्दाफाश- विरोधियों को फंसाने की साजिश में दोस्त से खुद को मरवाई गोली, दोनों आरोपी गिरफ्तार। 
औरैया के अछल्दा में फर्जी गोलीकांड का पर्दाफाश- विरोधियों को फंसाने की साजिश में दोस्त से खुद को मरवाई गोली, दोनों आरोपी गिरफ्तार। 

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज फर्जी गोलीकांड का खुलासा किया है। पुरानी रंजिश के चलते विरोधियों को झूठे मुकदमे में फंसाने की नियत से एक युवक ने अपने दोस्त से खुद को गोली मरवाने की साजिश रची थी। पुलिस की गहन जांच और सर्विलांस टीम की मदद से यह साजिश उजागर हुई, जिसके बाद साजिश रचने वाले और गोली चलाने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में इस्तेमाल अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिए गए। यह मामला 17 दिसंबर 2025 का है, जब अछल्दा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम वैसोली के पास एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाएं हाथ में गोली लगने से घायल शिवम उर्फ मनू चौहान पुत्र अवधेश चौहान, निवासी ग्राम डोला को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। घायल शिवम ने पुलिस को बयान दिया कि ग्राम वैसोली के अमन, विकास, हर्षित और सौरभ नाम के चार व्यक्तियों ने उसे गोली मारी है। इस बयान के आधार पर अछल्दा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच के लिए पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

जांच शुरू होने पर पुलिस को मामले में कुछ शक हुआ, क्योंकि घायल के बयान और मौके की परिस्थितियां पूरी तरह मेल नहीं खा रही थीं। पुलिस ने सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की और सर्विलांस की मदद से सच्चाई सामने लाई। पूछताछ और तकनीकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश थी। घायल शिवम उर्फ मनू चौहान ने खुद ही अपने दोस्त नौनिहाल उर्फ नीटू के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। पुरानी रंजिश के कारण वे चार निर्दोष व्यक्तियों को झूठे मुकदमे में फंसाना चाहते थे, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। साजिश के तहत 17 दिसंबर को नौनिहाल ने अवैध तमंचे से शिवम के बाएं हाथ में गोली मारी, जिससे मामला वास्तविक लगे। इसके बाद शिवम ने चार लोगों के नाम लेकर फर्जी एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस की सतर्कता से यह योजना नाकाम हो गई और साजिश का पर्दाफाश हुआ।

19 दिसंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम दिलीपपुर रेलवे अंडरपास के नीचे से नौनिहाल उर्फ नीटू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नौनिहाल ने पूरी साजिश कबूल कर ली और घटना में इस्तेमाल तमंचा व कारतूस की निशानदेही की। इसके बाद पुलिस ने घायल शिवम उर्फ मनू चौहान को भी ग्राम डुहल्ला से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने साजिश की सभी कड़ियां जोड़ दीं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में नामजद चार निर्दोष व्यक्तियों को राहत मिली, क्योंकि उनकी संलिप्तता पूरी तरह झूठी साबित हुई।

यह घटना औरैया जिले में पुरानी रंजिशों से उपजने वाले अपराधों की एक मिसाल है, जहां लोग झूठे मुकदमों का सहारा लेकर प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से काम करते हुए मामले की तह तक पहुंचकर साजिश का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान सभी सबूतों को जोड़ा गया, जिससे सच्चाई सामने आई। घायल शिवम की चोट जानबूझकर मामूली रखी गई थी, ताकि मामला गंभीर तो लगे लेकिन जान को खतरा न हो। नौनिहाल ने गोली चलाने की भूमिका निभाई, जबकि शिवम ने बयान देकर निर्दोषों को फंसाने की कोशिश की। पुलिस ने इस साजिश को नाकाम बनाने में सर्विलांस और मुखबिरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही।

मामले की जांच पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चली, जिसमें थाना अछल्दा, एसओजी और सर्विलांस टीमों ने मिलकर काम किया। साजिश रचने वालों की यह योजना विरोधियों पर दबाव बनाने और उन्हें कानूनी झंझट में फंसाने की थी। घटना के बाद दर्ज मुकदमे में नामजद चार लोग निर्दोष साबित हुए। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। यह खुलासा क्षेत्र में झूठे मामलों की साजिशों के खिलाफ पुलिस की सतर्कता को दर्शाता है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में साजिश के सभी बिंदु स्वीकार कर लिए। घटना ग्राम वैसोली के पास हुई, जहां गोली चलने की सूचना सबसे पहले मिली थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घायल को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

इस फर्जी गोलीकांड का खुलासा होने से क्षेत्र के लोग हैरान रह गए, क्योंकि शुरुआत में यह सामान्य फायरिंग का मामला लग रहा था। पुलिस ने सभी कोणों से जांच की और साजिश की परतें खोलीं। नौनिहाल और शिवम की दोस्ती इस साजिश का आधार बनी, जहां एक ने गोली चलाई और दूसरे ने खुद को घायल करवाया। बरामद तमंचा अवैध था, जिसकी वजह से दोनों पर अतिरिक्त धाराएं भी लगीं। मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा था, जो झूठे आरोपों तक पहुंच गया। पुलिस ने चार निर्दोषों को क्लीन चिट देते हुए असली अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। यह घटना कानून का दुरुपयोग करने वालों के लिए एक सबक है। जांच पूरी होने पर मुकदमे की दिशा बदली और साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई हुई। औरैया पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है। कुल मिलाकर, यह मामला फर्जी घटनाओं की साजिश का एक उदाहरण बन गया, जिसे पुलिस ने कुशलता से सुलझाया।

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