Crime News: खंडवा में निर्भया जैसी हैवानियत- अर्धनग्न अवस्था में मिली आदिवासी महिला के साथ क्रूरता की हदें पार, बच्चादानी बाहर आई, दो आरोपी गिरफ्तार।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। खालवा तहसील के रोशनी पुलिस चौकी क्षेत्र में 45...
हाईलाइट्स:
- निर्भया कांड की याद: मध्य प्रदेश के खंडवा में 45 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरता की घटना ने 2012 के निर्भया कांड की दिल दहला देने वाली यादें ताजा कर दीं।
- बर्बर हमला: दो आरोपियों ने महिला के साथ गैंगरेप के बाद उसके निजी अंग में सरिया डालकर बच्चेदानी बाहर निकाल दी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।
- पुलिस कार्रवाई: खंडवा पुलिस ने दोनों आरोपियों, हरि पालवी (35) और सुनील धुर्वे (26), को हिरासत में लिया; पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा।
- स्थानीय आक्रोश: ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने घटना के खिलाफ कड़ा विरोध जताया, मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्षी नेताओं ने मध्य प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा, कठोर सजा की मांग की।
- निर्भया से तुलना: घटना की क्रूरता ने देश में महिला सुरक्षा और बलात्कार के खिलाफ सख्त कानूनों की आवश्यकता को फिर से उजागर किया।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। खालवा तहसील के रोशनी पुलिस चौकी क्षेत्र में 45 वर्षीय एक आदिवासी महिला के साथ दो व्यक्तियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरता की घटना सामने आई है, जिसे दिल्ली के 2012 के निर्भया कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। इस घटना में दरिंदों ने न केवल महिला के साथ गैंगरेप किया, बल्कि उसके निजी अंग में सरिया या अन्य नुकीली वस्तु डालकर उसकी बच्चेदानी (गर्भाशय) को बाहर निकाल दिया, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
इस जघन्य अपराध ने मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भयावह घटना शनिवार, 24 मई को खंडवा जिले के आदिवासी बहुल खालवा क्षेत्र में हुई। पीड़िता, जो दो बच्चों की मां थी, अपने परिचित हरि पालवी (35) के घर पर थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता की 16 वर्षीय बेटी ने शनिवार सुबह पुलिस को सूचित किया कि उसकी मां हरि पालवी के घर में लहूलुहान और अर्धनग्न अवस्था में पड़ी थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो महिला की मृत्यु हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हरि पालवी और सुनील धुर्वे (26) ने मिलकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसके निजी अंग में सरिया या लकड़ी जैसी वस्तु डालकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। इस हमले के कारण महिला की बच्चेदानी बाहर निकल आई और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय दोनों आरोपी मौके पर मौजूद थे। जब महिला को थोड़ा होश आया, तो उसने अपनी बेटी और कुछ ग्रामीणों को अपने साथ हुई हैवानियत की कहानी बताई। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक महिला की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
खंडवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश रघुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने महिला के निजी अंग में कोई नुकीली वस्तु डाली, जिसके कारण उसकी बच्चेदानी बाहर निकल आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से और स्पष्टता आने की उम्मीद है। दोनों आरोपियों, हरि पालवी और सुनील धुर्वे, के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों आरोपी पीड़िता के परिचित थे, जिससे इस अपराध की प्रकृति और भी जटिल हो जाती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस घटना को "दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण" करार देते हुए पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना की तुलना 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया कांड से की जा रही है, जिसमें एक युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म के बाद लोहे की रॉड डालकर उसकी आंतों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। निर्भया कांड ने पूरे देश में महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया था, जिसके परिणामस्वरूप बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए और जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों को लागू किया गया। खंडवा की इस घटना में भी इसी तरह की क्रूरता देखने को मिली, जिसने एक बार फिर समाज और प्रशासन को महिला सुरक्षा पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने X पर लिखा, "खंडवा जिले की हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खालवा में आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप की दिल दहला देने वाली घटना हुई है... मप्र में हमारी बहन-बेटियां सबसे असुरक्षित हैं।" इसी तरह कहा कि यह घटना मध्य प्रदेश में बेटियों की असुरक्षा को दर्शाती है। खंडवा की यह घटना मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। हाल के वर्षों में, राज्य में बलात्कार और हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। उज्जैन में 2023 में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और बदायूं में 2021 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ हुई क्रूरता जैसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि महिला सुरक्षा के लिए अभी और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
What's Your Reaction?