नोएडा में हाई-राइज सोसायटी की 27वीं मंजिल पर तबाही: अचानक फटा AC का कंप्रेसर, फ्लैट में लगी भीषण आग।
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा से एक बेहद डरावनी और बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जिसने बहुमंजिला इमारतों
- सेक्टर-39 क्षेत्र में आसमान छूती लपटों का तांडव: बहुमंजिला इमारत में धमाके के बाद मची भगदड़, दमकल की गायों ने पाया काबू
- भीषण गर्मी के बीच नोएडा में बड़ा हादसा: फ्लैट की बालकनी में एयर कंडीशनर ब्लास्ट होने से लगी आग, दमकल कर्मियों ने बचाई कई जिंदगियांड़ि
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा से एक बेहद डरावनी और बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जिसने बहुमंजिला इमारतों (हाई-राइज सोसायटियों) में रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। नोएडा के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक प्रतिष्ठित और पॉश रिहायशी सोसायटी में अचानक एक फ्लैट के भीतर भीषण आग भड़क उठी। यह आग इतनी भयावह थी कि इसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का एक विशाल गुबार साफ तौर पर देखा जाने लगा। शुरुआती जांच और मौके से मिली प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे की शुरुआत फ्लैट की बालकनी में लगे एयर कंडीशनर (AC) के कंप्रेसर में हुए एक जोरदार धमाके के साथ हुई। गर्मी के इस मौसम में अचानक हुए इस हादसे के वक्त लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी इस जोरदार धमाके और उसके बाद फैली आग ने पूरी सोसायटी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी घटना थाना सेक्टर-39 क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला आवासीय सोसायटी के एक ऊंचे टावर की 27वीं मंजिल पर घटित हुई। दोपहर के समय जब तापमान अपने चरम पर था, तब फ्लैट के भीतर लगा एयर कंडीशनर लगातार चल रहा था। अचानक एक बहुत तेज आवाज के साथ एसी का कंप्रेसर ब्लास्ट हो गया और उससे निकलने वाली चिंगारियों ने पास में रखे घरेलू सामान और बालकनी के पर्दों को अपनी चपेट में ले लिया। 27वीं मंजिल जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर आग लगने के कारण लपटें बहुत तेजी से हवा के साथ फैलने लगीं। फ्लैट के भीतर मौजूद लोग जान बचाने के लिए तुरंत बाहर की तरफ भागे और शोर मचाकर आसपास के अन्य फ्लैट्स में रहने वाले निवासियों को भी सचेत किया। कुछ ही मिनटों के भीतर उस पूरे टावर में धुआं भर गया, जिससे वहां रह रहे परिवारों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
सोसायटी के सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इस गंभीर घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) को दी। सूचना मिलते ही नोएडा के फायर स्टेशन से दमकल की कई अत्याधुनिक गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म हाइड्रॉलिक लैडर के साथ घटना स्थल के लिए रवाना हो गईं। चूंकि आग 27वीं मंजिल पर लगी थी, इसलिए पारंपरिक तरीकों से पानी की बौछारें सीधे वहां तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। दमकल कर्मियों ने तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए सोसायटी के भीतर स्थापित इंटरनल फायर फाइटिंग सिस्टम (होज रील और स्प्रिंकलर) को सक्रिय करने का प्रयास किया और खुद भारी उपकरणों के साथ सीढ़ियों के रास्ते ऊपर की ओर बढ़े ताकि आग को अन्य मंजिलों या पड़ोसी फ्लैटों में फैलने से पूरी तरह रोका जा सके। अत्यधिक गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर को लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक दिए चलाने से उसके कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव बनता है। ऐसे में समय-समय पर एसी की सर्विसिंग कराना और उसे कुछ समय के लिए बंद रखना बेहद जरूरी है ताकि ओवरहीटिंग की समस्या से बचा जा सके।
फायर ब्रिगेड के जवानों ने बेहद कठिन और जोखिम भरे हालातों के बीच अपना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 27वीं मंजिल पर धुएं का घनत्व इतना अधिक था कि सांस लेना तक दूभर हो रहा था, जिसके कारण दमकल कर्मियों को ब्रीथिंग अपैरेटस सेट (ऑक्सीजन मास्क) पहनकर फ्लैट के भीतर दाखिल होना पड़ा। भारी मशक्कत और कड़े संघर्ष के बाद दमकल की टीमों ने आग के मुख्य स्रोत पर काबू पाया और उसे पूरी तरह से बुझा दिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते फ्लैट के सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे इस बेहद खतरनाक हादसे में किसी भी तरह की जनहानि या किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से झुलसने की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, इस भीषण आग की चपेट में आने से फ्लैट के भीतर रखा लाखों रुपये का कीमती घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
इस हादसे के बाद पूरी रिहायशी सोसायटी के निवासियों में डर और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष देखा जा रहा है। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में अक्सर एसी ब्लास्ट की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इतनी ऊंचाई पर इस तरह का हादसा होना सीधे तौर पर पूरी इमारत की सुरक्षा को खतरे में डाल देता है। स्थानीय पुलिस और फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि वे इस बात की भी तकनीकी जांच कर रहे हैं कि क्या रिहायशी टावर का अपना फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहा था या नहीं। यदि जांच में सोसायटी प्रबंधन या बिल्डिंग के मेंटेनेंस विभाग की तरफ से सुरक्षा मानकों में कोई ढिलाई या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में हाई-राइज सोसायटियों का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है, और इसके साथ ही इन गगनचुंबी इमारतों में आग लगने की घटनाओं में भी लगातार इजाफा देखने को मिला है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के हादसों के पीछे अक्सर एयर कंडीशनर की पुरानी वायरिंग में होने वाला शॉर्ट सर्किट, लो-क्वालिटी के गैस रिफिल का इस्तेमाल या वोल्टेज का अचानक कम-ज्यादा होना मुख्य कारण होता है। विभाग ने इस घटना के बाद एक बार फिर सभी आवासीय सोसायटियों के निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) से अपील की है कि वे अपने-अपने परिसरों में लगे बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर का नियमित रूप से सेफ्टी ऑडिट कराएं और छतों तथा बालकनियों में किसी भी प्रकार का ज्वलनशील कबाड़ जमा न होने दें।
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