उल्हासनगर में बीच सड़क पर अंधाधुंध गोलीबारी: दो गुटों के आपसी गैंगवार में दो लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल।

महाराष्ट्र के ठाणे जिला अंतर्गत आने वाले औद्योगिक और व्यापारिक शहर उल्हासनगर में कानून व्यवस्था को पूरी तरह से धत्ता बताते

May 22, 2026 - 12:01
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उल्हासनगर में बीच सड़क पर अंधाधुंध गोलीबारी: दो गुटों के आपसी गैंगवार में दो लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल।
उल्हासनगर में बीच सड़क पर अंधाधुंध गोलीबारी: दो गुटों के आपसी गैंगवार में दो लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल।
  • उल्हासनगर कैंप 5 के कैलास कॉलोनी इलाके में शाम ढलते ही गूंजी ताबड़तोड़ सात राउंड गोलियों की तड़तड़ाहट, इलाके में पसरा भारी तनाव
  • पुराने विवाद और वर्चस्व की जंग में आमने-सामने आए दो खूंखार विरोधी धड़े, कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली इस दुस्साहसिक वारदात के बाद भारी पुलिस बल तैनात

महाराष्ट्र के ठाणे जिला अंतर्गत आने वाले औद्योगिक और व्यापारिक शहर उल्हासनगर में कानून व्यवस्था को पूरी तरह से धत्ता बताते हुए एक बेहद ही दुस्साहसिक और सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। उल्हासनगर कैंप नंबर 5 के अंतर्गत आने वाले घनी आबादी वाले कैलास कॉलोनी इलाके में शाम के समय अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा क्षेत्र दहल उठा। शुरुआती आधिकारिक जानकारियों और चश्मदीदों के विवरण के अनुसार, यह पूरी हिंसक घटना क्षेत्र में सक्रिय दो स्थानीय गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पुराने विवाद और आपसी रंजिश का नतीजा है। शाम को करीब साढ़े सात बजे जब बाजार और सड़कों पर आम लोगों की अच्छी-खासी आवाजाही थी, तभी दोनों विरोधी धड़े अचानक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए और उनके बीच गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।

इस हिंसक झड़प के दौरान दोनों तरफ से बिना किसी खौफ के हथियारों का प्रदर्शन किया गया और मुख्य सड़क पर ही दौड़ा-दौड़ा कर फायरिंग शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच और मौके से मिले कारतूसों के खोखों के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि इस पूरे खूनी खेल के दौरान करीब सात राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही बाजार में भगदड़ मच गई और दुकानदारों ने डर के मारे धड़ाधड़ अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। इस अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गोलियों के छर्रे और गहरे जख्मों के कारण लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित गैंगवार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह खूनी संघर्ष उल्हासनगर कैंप 5 के कैलास कॉलोनी मार्ग पर शाम लगभग 07:30 बजे घटित हुआ। पुरानी दुश्मनी के चलते दोनों गुटों ने सार्वजनिक स्थान पर करीब 7 राउंड गोलियां दागीं, जिसमें दो प्रतिद्वंद्वियों की जान चली गई और एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।

घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी, जिसके बाद हिललाइन और स्थानीय पुलिस थानों की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गहन चिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा है। वहीं दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे कैलास कॉलोनी और आसपास के कैंप क्षेत्रों में भारी तनाव व्याप्त हो गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएल) और दंगा नियंत्रण पुलिस की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण करने के बाद बताया कि दोनों गुटों के आपराधिक इतिहास और उनके पुराने मुकदमों की फाइलों को खंगाला जा रहा है। इस इलाके में जमीन के कारोबार, केबल नेटवर्क या फिर स्थानीय वसूली को लेकर पहले भी इन दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी झड़पें हो चुकी थीं, जिसकी शिकायतें स्थानीय पुलिस चौकी में भी दर्ज थीं। पुलिस ने इस मामले में हत्या, हत्या का प्रयास, दंगा भड़काने और आर्म्स एक्ट की विभिन्न कड़ा कानून वाली धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मोटर साइकिलों और कारों से अलग-अलग दिशाओं में फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी धरपकड़ के लिए शहर के सभी निकास द्वारों पर नाकाबंदी कर दी गई है।

इस सनसनीखेज कांड के बाद स्थानीय प्रशासन ने अपराधियों के छिपे होने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के लिए पांच विशेष क्राइम ब्रांच टीमों का गठन किया है। पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त स्वयं इस पूरी जांच की निगरानी कर रहे हैं और कैलास कॉलोनी के मुख्य चौराहों तथा दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले रहे हैं। इन फुटेज के माध्यम से गोली चलाने वाले मुख्य शूटरों और उनके सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस का मानना है कि इस वारदात की साजिश पहले से ही रची गई थी और सही मौके का इंतजार किया जा रहा था।

शहर के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के मन में असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है, क्योंकि उल्हासनगर को पहले भी अंडरवर्ल्ड और स्थानीय गैंग्स की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय शांतता समिति के सदस्यों के साथ बैठक की है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस बल लगातार प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहा है ताकि आम जनता के भीतर खोया हुआ विश्वास बहाल किया जा सके और किसी भी प्रकार की जवाबी हिंसा या तनाव की स्थिति को पनपने से पहले ही पूरी तरह कुचला जा सके।

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