अमृतसर से जम्मू जा रही तेज रफ्तार टूरिस्ट बस पलटने से दो छात्रों ने गंवाई जान, चीख-पुकार के बीच प्रशासनिक अमला मुस्तैद।

पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां एक भीषण सड़क हादसे में दो होनहार

May 22, 2026 - 12:23
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अमृतसर से जम्मू जा रही तेज रफ्तार टूरिस्ट बस पलटने से दो छात्रों ने गंवाई जान, चीख-पुकार के बीच प्रशासनिक अमला मुस्तैद।
अमृतसर से जम्मू जा रही तेज रफ्तार टूरिस्ट बस पलटने से दो छात्रों ने गंवाई जान, चीख-पुकार के बीच प्रशासनिक अमला मुस्तैद।
  • गुरदासपुर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी पर्यटकों से भरी बस, दर्दनाक दुर्घटना में आठ यात्री गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती
  • अमृतसर से जम्मू की तरफ बढ़ रहे थे शैक्षणिक और धार्मिक यात्रा पर निकले छात्र, अचानक हुए इस भीषण हादसे के बाद पीछे चल रहे पांच अन्य वाहन भी आपस में टकराए

पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां एक भीषण सड़क हादसे में दो होनहार छात्रों की अकाल मृत्यु हो गई। यह अत्यंत दुखद घटना अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलेर खुर्द के समीप घटित हुई, जब अमृतसर से जम्मू की ओर जा रही एक तेज रफ्तार टूरिस्ट बस अचानक अपना संतुलन खो बैठी। बस में बड़ी संख्या में यात्री और छात्र सवार थे, जो विभिन्न शैक्षणिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने के उद्देश्य से जम्मू की ओर आगे बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भयानक थी कि बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। जैसे ही बस पलटी, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और इसके ठीक पीछे आ रहे अन्य पांच वाहन भी एक के बाद एक आपस में टकराते चले गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और राहत बचाव दल के कर्मचारी बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बस की गति निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी और एक तीखे मोड़ या अचानक सामने आई किसी परिस्थिति के कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इस भीषण भिड़ंत और दुर्घटना के कारण बस का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय निवासियों ने भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने प्रशासन के पहुंचने से पहले ही कई घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सड़क के किनारे पहुंचाया और उन्हें ढांढस बंधाया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलेर खुर्द के पास यह पूरा हादसा हुआ। मोड़ पर रफ्तार तेज होने के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे पलट गई, जिसकी चपेट में आकर पीछे आ रहे पांच अन्य छोटे वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए।

इस दर्दनाक हादसे में घायल हुए आठ यात्रियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में उपचार के लिए दाखिल कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों को घायलों की देखरेख के लिए तैनात किया गया है और डॉक्टरों का कहना है कि कुछ यात्रियों को अंदरूनी और गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है। मृत छात्रों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। जैसे ही यह खबर छात्रों के घरों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। उनके सहपाठियों और शिक्षकों में भी इस अपूरणीय क्षति को लेकर गहरा शोक व्याप्त है, क्योंकि ये छात्र सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर इस यात्रा पर निकले थे।

पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के तुरंत बाद बस का चालक और परिचालक मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। दुर्घटनाग्रस्त बस के साथ-साथ आपस में टकराए अन्य पांच वाहनों को भी सड़क के बीच से हटाने के लिए भारी क्रेन मशीनों की मदद ली गई, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल किया जा सके। इस हादसे के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था, जिसे खुलवाने में पुलिस बल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस प्रकार के सड़क हादसों के पीछे अक्सर तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग की होड़ और सड़कों पर बने खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स को मुख्य वजह माना जाता है। इस विशिष्ट मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग लगातार गति सीमा को नियंत्रित करने और उचित चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग करते रहे हैं। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और चालकों की लापरवाही को सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है। परिवहन विभाग की गाइडलाइंस के अनुसार, लंबी दूरी के मार्गों पर चलने वाली बसों में दो चालकों का होना अनिवार्य है और गति सीमा पर नजर रखने के लिए स्पीड गवर्नर का सुचारू रूप से काम करना आवश्यक है, परंतु जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन अक्सर नहीं होता।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और लोक निर्माण विभाग की एक संयुक्त टीम दुर्घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण करेगी। यह टीम इस बात का विस्तृत अध्ययन करेगी कि क्या इस मोड़ पर कोई तकनीकी खामी थी या फिर पूरी तरह से मानवीय भूल के कारण ही यह हादसा हुआ। इसके अतिरिक्त, राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि दुर्घटना के ठीक पहले के पलों की सटीक जानकारी मिल सके। सरकार द्वारा मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त एवं समुचित इलाज की घोषणा भी की गई है, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।

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