मुंह पर कपड़ा बांधकर आए अज्ञात दबंगों ने चाय स्टॉल संचालक पर लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला, गंभीर हालत में अस्पताल रेफर।
उत्तर प्रदेश के व्यस्ततम व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों द्वारा सरेआम गुंडागर्दी
- सरेआम गुंडागर्दी का लाइव वीडियो आया सामने: दुकान में घुसकर चाय विक्रेता को बेरहमी से पीटने की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद
- व्यापारिक प्रतिष्ठान पर हुए इस दुस्साहसिक हमले से स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष, हमलावरों की पहचान और त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गठित की विशेष टीमें
उत्तर प्रदेश के व्यस्ततम व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों द्वारा सरेआम गुंडागर्दी का एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक स्थानीय और बेहद लोकप्रिय चाय स्टॉल पर अपनी दैनिक आजीविका कमा रहे एक मासूम दुकानदार को कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से अपने चेहरों को कपड़ों और रूमाल से पूरी तरह ढक रखा था। जैसे ही वे दुकान के पास पहुंचे, उन्होंने बिना किसी बातचीत या चेतावनी के सीधे चाय स्टॉल संचालक पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए जानलेवा हमले के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस पूरी खौफनाक वारदात का एक अत्यंत विचलित करने वाला लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो पास में ही लगे एक उच्च क्षमता वाले क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे में पूरी तरह से कैद हो गया है। इस फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार चार से पांच की संख्या में आए ये हमलावर चाय स्टॉल के भीतर जबरन दाखिल होते हैं और वहां काम कर रहे युवक को बालों से पकड़कर बाहर खींचते हैं। इसके बाद वे उस पर तब तक लाठियां बरसाते रहते हैं, जब तक कि वह पूरी तरह से लहूलुहान होकर अचेत नहीं हो जाता। दुकान में रखे बर्तन, काउंटर और अन्य सामान को भी इन उपद्रवियों ने पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा है। यह पूरी हिंसक घटना मुख्य चौराहे पर स्थित चाय स्टॉल पर शाम के समय घटित हुई, जब वहां ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी। नकाबपोश बदमाशों ने पूरी योजना के तहत इस दुकान को निशाना बनाया और महज दो मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन की एक टीम आपातकालीन गश्ती वाहन के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से गंभीर रूप से घायल चाय स्टॉल संचालक को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, पीड़ित के सिर, हाथ और पैरों में आई गंभीर चोटों तथा अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया है, जहां उसकी स्थिति अभी भी अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। इस हमले के बाद से पीड़ित के परिवार के सदस्य गहरे सदमे और खौफ में हैं, क्योंकि उनकी किसी से कोई सीधी दुश्मनी नहीं थी।
स्थानीय व्यापार मंडल और बाजार संघ ने इस दुस्साहसिक घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि मुख्य बाजार और व्यस्ततम चौराहे पर इस तरह सरेआम एक छोटे दुकानदार को निशाना बनाया जाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। सुरक्षा की मांग को लेकर दुकानदारों ने कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद रखीं और चेतावनी दी कि यदि चौबीस घंटे के भीतर सभी नामी और अज्ञात हमलावरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और उचित कदम उठाने की बात कही।
पुलिस के आला अधिकारियों ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य साक्ष्य के रूप में शामिल करते हुए साइबर सेल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीमों को भी इस जांच में शामिल किया गया है। हमलावरों के आने और जाने के रास्तों पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि उनकी मोटर साइकिलों के नंबर प्लेट और उनके कद-काठी के आधार पर उनकी सटीक पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को सुलझाने और आरोपियों को दबोचने के लिए तीन अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया है, जो संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
शुरुआती जांच और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस बर्बर हमले के पीछे कोई पुराना आपसी विवाद, जमीन से जुड़ा मामला या फिर बाजार में वर्चस्व स्थापित करने की रंजिश हो सकती है। कुछ दिनों पूर्व दुकान पर चाय पीने आए कुछ स्थानीय लड़कों के साथ पैसों के भुगतान को लेकर पीड़ित का मामूली विवाद हुआ था, जिसे उस समय आसपास के लोगों ने शांत करा दिया था। पुलिस इस बिंदु को भी अपनी तफ्तीश का मुख्य हिस्सा बनाकर चल रही है कि क्या उसी खुनसी विवाद का बदला लेने के लिए इस सुनियोजित हमले को अंजाम दिया गया। पीड़ित के होश में आने के बाद उसका मजिस्ट्रेट के सामने विस्तृत बयान दर्ज कराया जाएगा, जिससे इस हमले के पीछे की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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