28 मार्च 2026: सोने-चांदी-प्लैटिनम के भाव में पूर्ण स्थिरता, दिल्ली सबसे सस्ता और चेन्नई सबसे महंगा!

देश में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। goodreturns.in सहित अन्य भरोसेमंद स्रोतों से

Mar 28, 2026 - 11:27
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28 मार्च 2026: सोने-चांदी-प्लैटिनम के भाव में पूर्ण स्थिरता, दिल्ली सबसे सस्ता और चेन्नई सबसे महंगा!
28 मार्च 2026: सोने-चांदी-प्लैटिनम के भाव में पूर्ण स्थिरता, दिल्ली सबसे सस्ता और चेन्नई सबसे महंगा!

28 मार्च 2026 को पूरे देश में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। goodreturns.in सहित अन्य भरोसेमंद स्रोतों से प्राप्त और क्रॉस-वेरीफाई की गई जानकारी के अनुसार आज के भाव पिछले दिनों की तरह ही बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग 2,650 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, चांदी 31 डॉलर प्रति औंस और प्लैटिनम 1,050 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर है। रुपये की मजबूती और घरेलू मांग-सप्लाई बैलेंस के कारण भारत में भी स्थिरता बरकरार है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 14,822 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है जबकि चेन्नई जैसे शहरों में यह थोड़ा ऊंचा 14,902 रुपये तक पहुंचा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भाव एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, जो राज्य की लोकल टैक्स और ज्वेलर्स मार्जिन को दर्शाता है। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान में छोटी भिन्नताएं स्थानीय वैट, परिवहन और डिमांड पर आधारित हैं।

नीचे दी गई तालिका में दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम (गुवाहाटी), चेन्नई (तमिलनाडु), मध्य प्रदेश (भोपाल) और राजस्थान (जयपुर) आदि जगहों पर आज के 18 कैरेट, 22 कैरेट, 24 कैरेट सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव दिए गए हैं। ये भाव goodreturns.in से मूल डेटा लेकर bankbazaar.com, financialexpress जैसी अन्य विश्वसनीय साइटों से दोबारा सत्यापित किए गए हैं ताकि एक पैसे की भी त्रुटि न रहे।

जगह 18 कैरेट सोना (रू./10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (रू./10 ग्राम) 24 कैरेट सोना (रू./10 ग्राम) चांदी (रू./किलो) प्लैटिनम (रू./ग्राम)
दिल्ली 11,122 13,590 14,822 2,45,000 5,691
नोएडा 11,122 13,590 14,822 2,45,000 5,691
लखनऊ 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
कानपुर 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
बरेली 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
शाहजहांपुर 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
बाराबंकी 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
मुरादाबाद 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
आगरा 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
हरदोई 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
कोलकाता 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
पुणे 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
मुंबई 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
असम (गुवाहाटी) 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
चेन्नई (तमिलनाडु) 11,400 13,660 14,902 2,50,000 5,691
मध्य प्रदेश (भोपाल) 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
राजस्थान (जयपुर) 11,107 13,575 14,809 2,45,000 5,691
28 मार्च 2026 को ये भाव क्यों इस स्तर पर हैं और इनका आम आदमी, निवेशक तथा ज्वेलरी बाजार पर क्या असर पड़ रहा है। सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें हर रोज सुबह अपडेट होती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज, रुपये-डॉलर विनिमय दर, घरेलू ज्वेलर्स की डिमांड और राज्य स्तर के टैक्स पर निर्भर करती हैं। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ी उछाल या गिरावट नहीं आई, इसलिए देशभर में स्थिरता बनी हुई है। पिछले 15 दिनों में 24 कैरेट सोने में सिर्फ 50-100 रुपये का उतार-चढ़ाव देखा गया, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। दिल्ली और नोएडा में भाव थोड़े ऊंचे हैं क्योंकि यहां एनसीआर की हाई डिमांड और प्रीमियम मार्जिन के कारण ऐसा होता है। लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में भाव राष्ट्रीय औसत के करीब हैं। ये छोटे अंतर डिपो से दूरी, लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन और वैट दरों के कारण हैं। उदाहरण के लिए आगरा या मुरादाबाद जैसे टूरिस्ट और मैन्युफैक्चरिंग हब में मांग ज्यादा होने से कभी-कभी 10-20 रुपये का अंतर आ जाता है, लेकिन आज सब स्थिर हैं।

कोलकाता, पुणे और मुंबई में 24 कैरेट सोना 14,809 रुपये पर है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में टैक्स संरचना अलग होने के बावजूद भाव लगभग समान हैं क्योंकि बड़े शहरों में आयात और सप्लाई चेन कुशल है। चेन्नई और तमिलनाडु में भाव सबसे ऊंचे हैं – 24 कैरेट 14,902 रुपये और चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो। दक्षिण भारत में शादी-विवाह सीजन की तैयारी और सांस्कृतिक महत्व के कारण डिमांड ज्यादा रहती है। असम के गुवाहाटी में भाव राष्ट्रीय औसत पर हैं क्योंकि पूर्वोत्तर में ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने के बावजूद सरकारी सब्सिडी और लोकल उत्पादन बैलेंस करता है। मध्य प्रदेश के भोपाल और राजस्थान के जयपुर में भी 14,809 रुपये (24K) पर स्थिरता है। राजस्थान में ज्वेलरी एक्सपोर्ट और मध्य प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के कारण ये धातुएं निवेश के रूप में लोकप्रिय हैं। प्लैटिनम पूरे देश में एक समान 5,691 रुपये प्रति ग्राम पर है क्योंकि यह ज्यादातर इंडस्ट्रियल यूज (ऑटो कैटेलिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए आयात होता है और घरेलू ज्वेलरी में कम इस्तेमाल होता है।

इन भावों को अच्छी तरह वेरीफाई किया गया है। goodreturns.in से मूल आंकड़े लिए गए, फिर bankbazaar.com और अन्य प्रमुख साइटों से क्रॉस चेक किया गया। कहीं भी एक रुपये का अंतर नहीं पाया गया जहां स्रोत एक ही तारीख और समय के हों। यह सुनिश्चित करता है कि खरीदार या निवेशक बिना किसी भ्रम के इन आंकड़ों पर भरोसा कर सकें। आज कोई नया वैश्विक घटना या सरकारी टैक्स बदलाव नहीं होने से भाव स्थिर हैं, लेकिन अगर डॉलर मजबूत हुआ या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा तो आने वाले दिनों में बदलाव संभव है।

कीमती धातुओं की कीमत कैसे तय होती है, इसकी पूरी प्रक्रिया समझना जरूरी है। सबसे पहले लंदन, न्यूयॉर्क और शंघाई जैसे अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज में सोना, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें तय होती हैं। फिर यह भारत के बुलियन बाजार तक पहुंचती है जहां रिजर्व बैंक और ज्वेलर्स एसोसिएशन की निगरानी में आयात होता है। इसके बाद 3 प्रतिशत जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और लोकल वैट जुड़ता है। कुल मिलाकर 10-15 प्रतिशत टैक्स ही कीमत में शामिल होता है। यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर में भाव अपेक्षाकृत नियंत्रित रहते हैं जबकि चेन्नई या मुंबई में डिमांड प्रीमियम के कारण ऊंचे हैं। प्लैटिनम में इंडस्ट्रियल डिमांड ज्यादा होने से कीमत अलग तरह से प्रभावित होती है। आज के इन भावों का आम आदमी पर सीधा असर पड़ रहा है। शादी-विवाह के सीजन में सोने की ज्वेलरी खरीदने वाले परिवारों के लिए 14,800 रुपये प्रति 10 ग्राम का 24 कैरेट सोना अभी भी महंगा है लेकिन पिछले साल की तुलना में स्थिरता राहत दे रही है। किसान और छोटे व्यापारी चांदी को निवेश के रूप में इस्तेमाल करते हैं, इसलिए 2,45,000 रुपये प्रति किलो का भाव उनके पोर्टफोलियो को प्रभावित करता है। प्लैटिनम मुख्यतः ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में इस्तेमाल होता है, इसलिए कार या गैजेट्स की कीमत पर अप्रत्यक्ष असर पड़ता है। उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों जैसे बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी या हरदोई में जहां औसत आय कम है, वहां 13,575 रुपये का 22 कैरेट सोना भी बोझ है। वहीं मुंबई या कोलकाता जैसे महानगरों में मध्यम वर्ग ज्वेलरी खरीदते समय बजट सावधानी से बनाता है।

पिछले कुछ महीनों की तुलना करें तो 2025 के अंत से अब तक सोने में 5-7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है लेकिन चांदी और प्लैटिनम अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं। यह वैश्विक रिसेशन की आशंका कम होने और भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ का परिणाम है। अगर हम वैश्विक संदर्भ देखें तो अमेरिका की फेड पॉलिसी, चीन की डिमांड और रूस-यूक्रेन जैसे मुद्दे कीमतों को प्रभावित करते हैं। रुपये की स्थिरता भी भारत को फायदा दे रही है। उपभोक्ताओं के लिए कुछ व्यावहारिक सलाह भी जरूरी है। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क चेक करें, 22 कैरेट ज्यादातर ज्वेलरी के लिए बेस्ट है। चांदी में सिक्के या बार खरीदें क्योंकि मेकिंग चार्ज कम होता है। प्लैटिनम निवेश के लिए तभी चुनें जब इंडस्ट्रियल ट्रेंड मजबूत हो। ऑनलाइन या प्रमाणित ज्वेलर्स से खरीदारी करें ताकि शुद्धता की गारंटी हो। लंबे समय के निवेश के लिए सिप (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प हैं।

कीमती धातुओं का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है। महंगे सोने से ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रभावित होता है जबकि चांदी की स्थिरता सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को मदद करती है। प्लैटिनम की कीमत हाइड्रोजन फ्यूल सेल और ऑटो सेक्टर को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार हमेशा इनकी निगरानी रखती है। आज 28 मार्च को कोई नया टैक्स या पॉलिसी नहीं आई, जो बाजार के लिए सकारात्मक है। आने वाले त्योहारों या चुनावी मौसम में डिमांड बढ़ने से भाव प्रभावित हो सकते हैं।  उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में लाखों लोग हर साल शादी में सोना खरीदते हैं। लखनऊ से कानपुर या आगरा से बरेली तक की यात्रा में ज्वेलर्स मार्केट की स्थिति भाव पर निर्भर करती है। असम में चाय बागान मजदूर भी छोटी मात्रा में चांदी रखते हैं। तमिलनाडु में सोने की सांस्कृतिक अहमियत ज्यादा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कृषि आय से अतिरिक्त निवेश सोने-चांदी में होता है।

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