14 जून 2025 को भारत में सोने की कीमतें: लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, चेन्नई, कोलकाता, मुम्बई और पुणे में ताजा रेट्स।
भारत में सोने की कीमतें दैनिक आधार पर वैश्विक और स्थानीय कारकों के आधार पर उतार-चढ़ाव करती हैं। 14 जून 2025 को, देश के प्रमुख शहरों ....
भारत में सोने की कीमतें दैनिक आधार पर वैश्विक और स्थानीय कारकों के आधार पर उतार-चढ़ाव करती हैं। 14 जून 2025 को, देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली वृद्धि देखी गई, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, रुपये-डॉलर विनिमय दर, और भू-राजनीतिक तनावों जैसे कारकों से प्रभावित हुई। भारत में सोना न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश के रूप में भी माना जाता है। इस खबर में लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, चेन्नई, कोलकाता, मुम्बई, और पुणे में 14 जून 2025 को 22 और 24 कैरेट सोने की कीमतों का विश्लेषण विश्वसनीय स्रोतों जैसे LiveMint, Financial Express, Goodreturns, और The Hindu BusinessLine के आधार पर किया गया है।
- 14 जून 2025 को प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
निम्नलिखित कीमतें प्रति 10 ग्राम रुपये में हैं और 14 जून 2025 को सुबह 9:00 बजे के आधार पर संशोधित की गई हैं। ये आंकड़े इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA), Multi Commodity Exchange (MCX), और Goodreturns जैसे विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त किए गए हैं। कीमतें स्थानीय ज्वैलर्स, मेकिंग चार्जेस, और जीएसटी के आधार पर मामूली भिन्नता दिखा सकती हैं।
शहर 24 कैरेट सोना (रु./10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (रु./10 ग्राम)
लखनऊ 98,580 90,380
दिल्ली 98,670 90,614
आगरा 98,580 90,380
कानपुर 98,580 90,380
बरेली 98,580 90,380
चेन्नई 99,185 90,854
कोलकाता 98,580 90,380
मुम्बई 99,780 91,780
पुणे 99,185 90,854
नोट:
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और मुख्य रूप से सिक्कों, बार, और निवेश के लिए उपयोग होता है।
22 कैरेट सोना 91.6% शुद्ध होता है और आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसमें तांबा या चांदी जैसे मिश्र धातु मिलाए जाते हैं।
कीमतें जीएसटी और मेकिंग चार्जेस को शामिल नहीं करतीं, जो 10-20% तक अतिरिक्त हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के शहरों (लखनऊ, आगरा, कानपुर, बरेली) में कीमतें समान हैं, क्योंकि राज्य में वैट और स्थानीय कर एकसमान हैं। मुम्बई और पुणे में उच्च मांग और परिवहन लागत के कारण कीमतें अधिक हैं।
कीमतों में हाल के बदलाव
13 जून 2025 को, LiveMint के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 98,580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट की 90,380 रुपये थी। 14 जून को दिल्ली और मुम्बई में 24 कैरेट सोने में क्रमशः 90 रुपये और 170 रुपये की मामूली वृद्धि देखी गई। Financial Express के अनुसार, दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 98,670 रुपये और 22 कैरेट की 90,614 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो पिछले दिन की तुलना में 270 रुपये की वृद्धि दर्शाती है।
Goodreturns ने बताया कि लखनऊ में 13 जून को 24 कैरेट सोना 98,580 रुपये और 22 कैरेट 90,380 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 14 जून को स्थिर रहा। मुम्बई में कीमतें अन्य शहरों की तुलना में अधिक रहीं, क्योंकि महाराष्ट्र में स्थानीय कर और मांग अधिक है। चेन्नई और पुणे में भी बंदरगाह शहर होने के कारण परिवहन लागत कम होने से कीमतें थोड़ी कम रहीं।
- कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
सोने की कीमतें निम्नलिखित कारकों से प्रभावित होती हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: सोने की वैश्विक कीमतें लंदन बुलियन मार्केट और COMEX (कमोडिटी एक्सचेंज) पर निर्धारित होती हैं। 14 जून 2025 को, वैश्विक सोने की कीमत 2,350 डॉलर प्रति औंस थी, जो पिछले सप्ताह से 1.5% कम थी। मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान तनाव और लाल सागर संकट ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ावा दिया।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: 14 जून को, 1 डॉलर की कीमत 83.50 रुपये थी। रुपये की स्थिरता ने सोने की कीमतों को नियंत्रित रखा। रुपये के कमजोर होने पर आयात लागत बढ़ती है, जिससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं।
स्थानीय मांग और आपूर्ति: भारत में सोने की मांग त्योहारों, शादी के मौसम, और अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर बढ़ती है। जून 2025 में शादी का मौसम कम होने के कारण मांग स्थिर रही, जिसने कीमतों को प्रभावित नहीं किया।
मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता: सोना मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। भारत में 2025 में मुद्रास्फीति दर 4.5% के आसपास रही, जिसने सोने की मांग को समर्थन दिया।
स्थानीय कर और मेकिंग चार्जेस: आभूषणों पर 3% जीएसटी और 10-20% मेकिंग चार्जेस लागू होते हैं, जो अंतिम कीमत को बढ़ाते हैं। बंदरगाह शहरों (मुम्बई, चेन्नई) में परिवहन लागत कम होने से कीमतें थोड़ी कम हो सकती हैं।
सोने में निवेश के विकल्प
- भारत में सोना विभिन्न रूपों में निवेश के लिए उपलब्ध है:
आभूषण: तनिष्क, कल्याण ज्वैलर्स, और ज्वैल्स ऑफ इंडिया जैसे ब्रांड्स विश्वसनीय हैं, लेकिन मेकिंग चार्जेस और जीएसटी लागत बढ़ाते हैं।
सोने के सिक्के और बार: 24 कैरेट सोने के सिक्के और बार निवेश के लिए उपयुक्त हैं।
डिजिटल गोल्ड: खटाबूक और पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म डिजिटल गोल्ड में निवेश की सुविधा देते हैं, जो छोटे निवेशकों के लिए लोकप्रिय है
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: रिजर्व बैंक द्वारा जारी ये बॉन्ड 2.5% वार्षिक ब्याज देते हैं और कर लाभ प्रदान करते हैं।
गोल्ड ईटीएफ: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ रहा है।
- राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
सोने की कीमतें भारत में सामाजिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। उच्च कीमतें शादी और त्योहारों के दौरान परिवारों पर वित्तीय बोझ डालती हैं। विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस, ने सरकार पर जीएसटी और आयात शुल्क कम न करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में कहा, “सोने पर उच्च कर मध्यम वर्ग को प्रभावित करते हैं, जो अपनी बचत का बड़ा हिस्सा आभूषणों में निवेश करता है।”
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि सोने पर आयात शुल्क (7.5%) और जीएसटी (3%) राजस्व के लिए आवश्यक हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “सोने पर कर संतुलित हैं, और हम डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को बढ़ावा दे रहे हैं।”
- क्षेत्रीय विश्लेषण
लखनऊ, आगरा, कानपुर, बरेली: उत्तर प्रदेश में सोने की कीमतें समान हैं, क्योंकि वैट और स्थानीय कर एकसमान हैं। मांग मुख्य रूप से आभूषणों के लिए है, और तनिष्क जैसे ज्वैलर्स लोकप्रिय हैं।
दिल्ली: दिल्ली में कीमतें मेट्रो शहरों में सबसे कम हैं, क्योंकि परिवहन लागत कम है। 24 कैरेट सोना 98,670 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुम्बई और पुणे: महाराष्ट्र में उच्च मांग और वैट के कारण कीमतें अधिक हैं। मुम्बई में 24 कैरेट सोना 99,780 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई और कोलकाता: चेन्नई में बंदरगाह की सुविधा के कारण कीमतें थोड़ी कम हैं, जबकि कोलकाता में मांग स्थिर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में सोने की कीमतें 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं और मुद्रास्फीति निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही हैं। खटाबूक के अनुसार, डिजिटल गोल्ड में निवेश बढ़ रहा है, और अगले दो वर्षों में सोने की कीमतें 1,05,000 रुपये तक जा सकती हैं।
14 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन मुम्बई और पुणे में उच्च मांग और करों के कारण कीमतें अधिक थीं। लखनऊ, आगरा, कानपुर, और बरेली में कीमतें समान रहीं, जबकि दिल्ली में कीमतें सबसे कम थीं। वैश्विक तेल कीमतों, रुपये की स्थिरता, और भू-राजनीतिक तनावों ने कीमतों को प्रभावित किया। सोना भारत में न केवल निवेश का साधन है, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व भी रखता है।
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