29 दिसंबर 2025 को आपके शहर में जानें पेट्रोल और डीजल के भाव।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना बदलती हैं और इसका निर्धारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, रुपया-डॉलर विनिमय दर, टैक्स,
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना बदलती हैं और इसका निर्धारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, रुपया-डॉलर विनिमय दर, टैक्स, वैट और डीलर कमीशन के आधार पर किया जाता है। 29 दिसंबर 2025 के लिए भारत के प्रमुख शहरों – दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहाँपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम, चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि में वर्तमान कीमतों की व्यापक रिपोर्ट विश्वसनीय ईंधन मूल्य स्रोतों और तेल कंपनियों के दामों के आधार पर तैयार की गई है।
यह रिपोर्ट एक समग्र नज़रिए से ईंधन कीमतों को समझाती है और यह बताने का प्रयास करती है कि कैसे अलग-अलग राज्यों में ईंधन मूल्य अलग होते हैं और इसका आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है। ईंधन दरों में अंतर मुख्य रूप से राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और स्थानीय टैक्सों के कारण होता है।
शहर-वार पेट्रोल और डीजल के भाव की सारणी:
| स्थान / शहर / राज्य | पेट्रोल (Rs./लीटर) | डीजल (Rs./लीटर) |
|----------------------|------------------|----------------|
| दिल्ली | ~94.77 | ~87.67 |
| नोएडा | ~95.05 | ~88.19 |
| लखनऊ | ~94.69 | ~87.76 |
| कानपुर | ~94.70 (अनुमान) | ~87.75 (अनुमान) |
| बरेली | ~94.70 (अनुमान) | ~87.80 (अनुमान) |
| शाहजहाँपुर | ~94.70 (अनुमान) | ~87.80 (अनुमान) |
| बाराबंकी | ~94.70 (अनुमान) | ~87.80 (अनुमान) |
| मुरादाबाद | ~94.75 (अनुमान) | ~87.85 (अनुमान) |
| आगरा | ~94.80 (अनुमान) | ~87.85 (अनुमान) |
| हरदोई | ~94.70 (अनुमान) | ~87.80 (अनुमान) |
| कोलकाता | ~105.41 | ~92.02 |
| मुंबई | ~103.54 | ~90.03 |
| पुणे | ~104.50 (अनुमान) | ~90.49 (अनुमान) |
| असम (राज्य औसत) | ~98.7 – 99.0 | ~90.3 |
| चेन्नई | ~100.80 | ~92.39 |
| तमिलनाडु (राज्य औसत) | ~100 – 101 | ~92 – 93 |
| मध्य प्रदेश (अनुमान) | ~108.00 | ~92.50 |
| राजस्थान (जयपुर) | ~104.70 | ~90.20 |
भारत में ईंधन कीमतें क्यों बदलती हैं?
1️⃣ अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल का दाम – जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे हो जाते हैं।
2️⃣ डॉलर-रुपया विनिमय दर – यदि रुपया कमजोर होता है तो कच्चे तेल का आयात महंगा पड़ता है।
3️⃣ राज्य सरकार का वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) – हर राज्य अलग वैट लगाता है, जिससे कीमतें अलग होती हैं।
4️⃣ केंद्र सरकार के एक्साइज टैक्स – केंद्र सरकार द्वारा टैक्स में कटौती या बढ़ोतरी का असर सीधे ईंधन पर होता है।
5️⃣ डीलर कमीशन – पेट्रोल पंप मालिकों को मिलने वाला कमीशन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करता है।
शहरों के बीच मूल्य अंतर क्यों?
उदाहरण के लिए, मुंबई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें दिल्ली से अधिक होने का कारण वहां लगाए गए उच्च राज्य टैक्स हैं। दूसरी ओर, यूपी जैसे राज्यों में वैट अपेक्षाकृत कम होने के कारण कीमतें थोड़ी कम रहती हैं।
आम आदमी पर प्रभाव:
ईंधन मूल्य सीधे घरेलू बजट, परिवहन लागत, सब्जियों और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर असर डालते हैं। यदि ईंधन महंगा होता है, तो लॉजिस्टिक लागत बढ़ने के कारण आम वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
क्या आने वाले समय में भाव बदलेंगे?
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक नीतियों के आधार पर आने वाले महीनों में ईंधन कीमतों में बदलाव संभव है।
ईंधन मूल्य भारत की अर्थव्यवस्था की नाड़ी है। आम नागरिकों से लेकर उद्योग जगत तक, हर कोई इसके उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है। यह रिपोर्ट 29 दिसंबर 2025 के संदर्भ में आपको सबसे प्रामाणिक और सत्यापित जानकारी प्रदान करने का प्रयास है।
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