बिहार में एनडीए की नई सरकार: सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
बिहार की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है। जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो
पटना। बिहार की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है। जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। यह समारोह पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां लाखों की भीड़ ने एनडीए की एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी ने इसे राष्ट्रीय महत्व का बना दिया। बुधवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया था, जो उनकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
गांधी मैदान, जो बिहार की राजनीतिक इतिहास का गवाह रहा है, बुधवार सुबह से ही सज-धजकर तैयार था। सुबह साढ़े ग्यारह बजे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को पहली शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विजय कुमार सिन्हा ने तीसरे नंबर पर शपथ ग्रहण की। कुल मिलाकर 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। जदयू को आठ और भाजपा को चौदह मंत्री पद मिले। इसमें तीन महिलाएं, एक मुस्लिम विधायक और कई नए चेहरे शामिल हैं। समारोह करीब 45 मिनट चला, लेकिन मैदान पर उत्साह का माहौल घंटों बना रहा। लोग नारे लगा रहे थे, 'एनडीए जिंदाबाद, बिहार का विकास हो।'
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर संघर्षपूर्ण रहा है। वे तारापुर से विधायक हैं और भाजपा के ओबीसी चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। 2020 से ही वे उपमुख्यमंत्री हैं। बुधवार को भाजपा मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। केंद्रीय पर्यवेक्षक केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दस विधायकों ने उनका नाम प्रस्तावित किया। सम्राट ने कहा, 'यह जिम्मेदारी भाजपा की जीत का परिणाम है। हम नीतीश जी के साथ मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।' उनकी शपथ के बाद मंच पर मोदी ने उन्हें बधाई दी। सम्राट ने हाथ जोड़कर जनता को प्रणाम किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विजय कुमार सिन्हा का नाम बिहार विधानसभा के स्पीकर के रूप में जुड़ा था, लेकिन अब वे उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे। वे लाखीसराय से विधायक हैं और भाजपा के ब्राह्मण चेहरे हैं। बुधवार की बैठक में उन्हें उपनेता चुना गया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री जी, अमित शाह जी और जेपी नड्डा जी का आभार। यह बिहार की जनता का विश्वास है।' शपथ लेते समय उनकी आवाज में उत्साह था। सिन्हा ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर देगी। मंच पर नीतीश कुमार ने उनका हाथ थामा, जो गठबंधन की मजबूती दिखा रहा था। सिन्हा की पत्नी और परिवार भी मौजूद थे, जो भावुक पल बना।
बुधवार की तैयारियां तेज थीं। नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर इस्तीफा सौंपा और नई सरकार बनाने का दावा किया। एनडीए विधायक दल ने उन्हें नेता चुना। जदयू की बैठक उनके आवास पर हुई, जहां विजय चौधरी ने प्रस्ताव पेश किया। भाजपा की बैठक में सम्राट और विजय का नाम सर्वसम्मति से आया। चुनाव नतीजों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतीं। भाजपा को 89, जदयू को 85, लोजपा को 19, हम को पांच और रालोसपा को चार सीटें मिलीं। विपक्षी महागठबंधन को महज 41 सीटें। यह जीत विकास के एजेंडे पर आधारित थी।
समारोह में सुरक्षा चाक-चौबंद थी। तीन हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन कैमरे और स्नाइपर तैनात थे। सुबह छह से दोपहर तीन तक ट्रैफिक डायवर्ट रहा। स्कूल बंद थे और पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था। एनडीए ने तीन लाख लोगों को बुलाने का लक्ष्य रखा, जो पूरा हुआ। मैदान पर लोक नृत्य, झिझिया और भोजपुरी गीतों ने रंग जमाया। एक युवा हनुमान वेश में आया, तो महिलाएं पारंपरिक परिधान में। भाजपा की नई विधायक श्रेयसी सिंह कमल प्रिंट वाली साड़ी में नजर आईं।
नीतीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल ऐतिहासिक है। 1951 में जन्मे नीतीश ने जेपी आंदोलन से राजनीति शुरू की। 1990 में सांसद बने, 2005 से मुख्यमंत्री। उन्होंने बिहार को पिछड़ेपन से निकाला। सड़कें, बिजली और शिक्षा में क्रांति लाई। अब वे ममता बनर्जी और नवीन पटनायक जैसे लंबे समय के नेताओं में शामिल हो गए। शपथ के बाद नीतीश ने कहा, 'जनता का आशीर्वाद ही हमारी ताकत। विकास तेज होगा।' मोदी ने कहा, 'बिहार का विकास देश का विकास।'
एनडीए की जीत के पीछे कई कारक हैं। 2025 चुनाव में महिलाओं का समर्थन जदयू को मिला। नीतीश की कल्याण योजनाओं ने फायदा दिया। विपक्ष के कलह ने एनडीए को मजबूत बनाया। चुनाव से पहले अमित शाह से नीतीश की बैठक में रणनीति बनी। अब विभाग बंटवारा होगा। भाजपा को वित्त, गृह जैसे बड़े विभाग मिल सकते हैं। जदयू को ग्रामीण विकास और शिक्षा। अन्य सहयोगी दलों को छोटे विभाग।
मंच पर योगी आदित्यनाथ, हिमंत बिस्वा सरमा, मोहन यादव, विष्णु देव साईं, देवेंद्र फडणवीस जैसे मुख्यमंत्री थे। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी भी उपस्थित। जितन राम मांझी ने नीतीश को ऐतिहासिक बताया। निशांत कुमार, नीतीश के बेटे ने कहा, 'पिता की दसवीं शपथ पर गर्व।' सोशल मीडिया पर #VikasitBiharKaShapath ट्रेंड कर रहा। विपक्ष के तेजस्वी यादव ने इसे राजनीतिक नाटक कहा, लेकिन एनडीए समर्थक इसे स्थिरता का संकेत बता रहे।
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