बीजेपी नेता नवनीत राणा ने AIMIM के इम्तियाज जलील को कड़ी चेतावनी दी, कहा- महाराष्ट्र कभी हरा नहीं होगा, 15 सेकंड में हालात बदल सकते हैं
इम्तियाज जलील का बयान AIMIM की पार्षद सहर शेख के विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुंब्रा को हरे रंग में रंगने की बात कही थी। जलील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयान
- महाराष्ट्र राजनीति में नया विवाद: नवनीत राणा का इम्तियाज जलील पर पलटवार, 'माइनॉरिटी के तौर पर रहने देते हैं' कहकर दी गई धमकी, सात पीढ़ियां भी आएं तो राज्य नहीं बदलेगा रंग
- इम्तियाज जलील के 'पूरा महाराष्ट्र हरा होगा' बयान पर भड़कीं नवनीत राणा, बोलीं छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर ऐसा कभी नहीं होगा, जरूरत पड़ी तो 15 सेकंड काफी
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। AIMIM के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील ने मुंब्रा में AIMIM पार्षद सहर शेख के 'मुंब्रा को हरे रंग में रंग देंगे' वाले बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सिर्फ मुंब्रा ही नहीं बल्कि पूरा महाराष्ट्र हरा होगा। इस बयान के जवाब में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इम्तियाज जलील को अपनी हैसियत और हालात याद दिलाते हुए कहा कि वे अपनी औकात भूल गए हैं। नवनीत राणा ने कहा कि हम आपको इस देश में अल्पसंख्यक के रूप में रहने देते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम चुप रहेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो 15 सेकंड भी काफी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र कभी हरा नहीं होगा। यह प्रतिक्रिया रविवार को आई है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
इम्तियाज जलील का बयान AIMIM की पार्षद सहर शेख के विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुंब्रा को हरे रंग में रंगने की बात कही थी। जलील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयान में कहा कि उनकी पार्टी का इरादा आने वाले समय में पूरे महाराष्ट्र को हरे रंग में रंगने का है। इस पर नवनीत राणा ने कहा कि इम्तियाज जलील ने अपनी लायकी और परिस्थिति भूल दी है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक होने के कारण उन्हें देश में और घर में जगह दी गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सब चुप बैठे रहेंगे। नवनीत राणा ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करते हुए कहा कि यह छत्रपति की भूमि है और यहां उनकी परंपरा और खून अभी भी बह रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र की पहचान से कोई समझौता नहीं होगा।
नवनीत राणा ने अपनी प्रतिक्रिया में आगे कहा कि अगर कोई सात पीढ़ियां भी आएं तो भी महाराष्ट्र हरा नहीं होगा। उन्होंने इम्तियाज जलील को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी धमकी पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। नवनीत राणा ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के भक्तों का खून उनके शरीर में दौड़ रहा है और ऐसी बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सब कुछ हरा करना है तो पाकिस्तान जाना पड़ेगा, क्योंकि यहां केवल भगवा और नीला ही चलेगा। यह बयान महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूती से जोड़ता है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत AIMIM पार्षद सहर शेख के बयान से हुई, जिसका समर्थन इम्तियाज जलील ने किया। जलील के बयान में महाराष्ट्र को हरे रंग से जोड़ने की बात कही गई, जिसे राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। नवनीत राणा ने इसे चुनौती के रूप में लिया और कहा कि वक्त आने पर 15 सेकंड में हालात संभाल लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसी धमकियां काम नहीं आएंगी। नवनीत राणा की यह प्रतिक्रिया अमरावती से जुड़ी हुई है, जहां वे पहले सांसद रह चुकी हैं।
नवनीत राणा ने अपनी प्रतिक्रिया में इम्तियाज जलील को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी हैसियत भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझें। नवनीत राणा ने महाराष्ट्र को छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत से जोड़ते हुए कहा कि यहां पत्रकार परिषद में धमकी देने वाले लोग याद रखें कि उनकी धमकी को महत्व नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र कभी हरा नहीं होगा और यहां की पहचान हमेशा बनी रहेगी।
इस घटना से महाराष्ट्र में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इम्तियाज जलील के बयान को AIMIM की ओर से दिया गया समर्थन माना जा रहा है, जबकि नवनीत राणा की प्रतिक्रिया बीजेपी की ओर से आई है। नवनीत राणा ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बहुत कम समय में जवाब दिया जा सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र की धरती को हरा होने से इनकार करते हुए कहा कि यहां भगवा और अन्य रंगों की परंपरा है। यह विवाद महानगरपालिका चुनावों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। नवनीत राणा ने इम्तियाज जलील के बयान को चुनौती देते हुए कहा कि महाराष्ट्र कभी हरा नहीं होगा। उन्होंने 15 सेकंड का जिक्र करते हुए मजबूत रुख अपनाया और कहा कि अल्पसंख्यक के रूप में रहने की इजाजत है लेकिन धमकियां बर्दाश्त नहीं होंगी। नवनीत राणा ने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का हवाला देकर कहा कि सात पीढ़ियां भी आएं तो राज्य का रंग नहीं बदलेगा। यह बयान राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है।
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