बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल को भाजपा की साजिश बताते हुए आरजेडी ने खारिज किया, महागठबंधन की जीत का दावा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग मंगलवार को संपन्न होने के बाद जारी एग्जिट पोल ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। अधिकांश
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग मंगलवार को संपन्न होने के बाद जारी एग्जिट पोल ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। अधिकांश एग्जिट पोल में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की गई है, लेकिन विपक्षी महागठबंधन ने इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने एग्जिट पोल को भ्रामक बताते हुए कहा कि यह भाजपा की साजिश है और तथाकथित एग्जिट पोल पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को भारी समर्थन दिया है और 14 नवंबर को आने वाले नतीजों में एनडीए का सफाया हो जाएगा। यह बयान न्यूज24 चैनल को दिए साक्षात्कार में आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यादव का यह बयान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां वे एग्जिट पोल को सत्ताधारी दल की चाल के रूप में पेश कर रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की यह जंग बेहद रोमांचक रही। 243 सीटों वाली इस सभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं। चुनाव दो चरणों में हुए। पहला चरण 6 नवंबर को 121 सीटों पर हुआ, जहां 57.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरा चरण 11 नवंबर को 122 सीटों पर संपन्न हुआ, जिसमें कुल मतदान 68.94 प्रतिशत रहा। मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच रहा। एनडीए में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और अन्य छोटे दल शामिल हैं। वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, वीआईपी और अन्य वाम दल हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा।
एग्जिट पोल के नतीजे एनडीए के पक्ष में आए। आजादी कोचिंग के एग्जिट पोल में एनडीए को 140-150 सीटें, महागठबंधन को 85-95 और जन सुराज को 0-5 सीटें मिलने का अनुमान है। जेडीयू को 60-70, भाजपा को 55-65 सीटें मिल सकती हैं। एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल में एनडीए को 147, महागठबंधन को 90 और जन सुराज को 1 सीट का पूर्वानुमान है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने एनडीए को 133-167 सीटें दीं। सीवोटर ने भी एनडीए की जीत का अनुमान लगाया। इन पोल्स में महिलाओं और शहरी मतदाताओं का झुकाव एनडीए की ओर बताया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जेडीयू मजबूत दिखी। भाजपा को महिलाओं से 65 प्रतिशत समर्थन मिला। लेकिन विपक्ष ने इन्हें फर्जी करार दिया। आरजेडी के अनुसार, एग्जिट पोल एजेंसियां पैसे लेकर रिपोर्ट बनाती हैं और ग्रामीण इलाकों में कोई सर्वे नहीं होता।
शक्ति सिंह यादव का बयान इसी संदर्भ में आया। 52 वर्षीय यादव आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ता हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1973 को बिहार के नालंदा जिले के हिलसा में हुआ। वे 2015 के विधानसभा चुनाव में हिलसा से आरजेडी के टिकट पर विधायक बने। यादव लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं। वे पार्टी की रणनीति बनाने में सक्रिय रहते हैं। पहले भी 2024 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर उन्होंने कहा था कि ये एसी कमरों में बने होते हैं, जहां 49 डिग्री गर्मी में ग्रामीण मतदाता वोट देते हैं लेकिन सर्वे वाले कहीं नहीं दिखते। अब 2025 के एग्जिट पोल पर उन्होंने इसे भाजपा की साजिश बताया। यादव ने कहा कि बिहार में भारी मतदान हुआ, जो सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ जनादेश है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन कम से कम 175 सीटें जीतेगा। यह बयान न्यूज24 के कार्यक्रम में आया, जहां उन्होंने कहा, "भ्रामक एग्जिट पोल भाजपा की साजिश है। तथाकथित एग्जिट पोल पूरी तरह झूठे हैं। जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है।" सोशल मीडिया पर यह क्लिप वायरल हो गई, जिसे हजारों ने शेयर किया।
आरजेडी और महागठबंधन के अन्य नेता भी एग्जिट पोल पर हमलावर हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने चमत्कार किया और एनडीए को सत्ता से बेदखल कर दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरा दिल खुशी से भर गया। बिहार ने कमाल कर दिया।" आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि उच्च मतदान हमेशा सत्ताधारी व्यवस्था के खिलाफ होता है। वे आश्वस्त हैं कि महागठबंधन आराम से सरकार बनाएगा। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित हुए हैं और भविष्य में भी होंगे। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन्हें पूर्वनियोजित और फर्जी बताया। उन्होंने बिहार की जनता को ऐतिहासिक मतदान के लिए बधाई दी। पप्पू यादव ने कहा कि महागठबंधन भारी बहुमत से जीतेगा। विपक्ष का तर्क है कि 2020 के चुनाव में भी एग्जिट पोल गलत थे, जहां आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
वहीं एनडीए खुशहाल है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि एनडीए को भारी जीत मिलेगी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे आपस में लड़ते रहे। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास मॉडल पर जनता ने वोट दिया। जेडीयू नेता ने कहा कि बिहार सुरक्षित हाथों में है। भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव का कोई मौका नहीं। एनडीए का दावा है कि विकास, कानून व्यवस्था और महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस ने उन्हें मजबूत बनाया। 2020 में एनडीए ने 125 सीटें जीतीं, जबकि महागठबंधन को 110 मिलीं। आरजेडी को 75 सीटें मिली थीं। इस बार एनडीए को और मजबूत होने का अनुमान है।
चुनाव प्रचार में कई मुद्दे छाए। महागठबंधन ने बेरोजगारी, पलायन, महंगाई और जंगल राज के आरोपों पर जोर दिया। तेजस्वी ने 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया। आरजेडी ने जातिगत जनगणना और आरक्षण बढ़ाने की बात की। वहीं एनडीए ने विकास, सड़कें, बिजली और कानून व्यवस्था पर फोकस किया। नीतीश कुमार ने महिलाओं को मुफ्त बिजली और सिलेंडर का वादा किया। भाजपा ने जंगल राज की याद दिलाई। चुनाव में विवाद भी हुए। आरजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा एजेंट बूथों पर पार्टी प्रतीक दिखा रहे थे। मोतिहारी में दो लोग गिरफ्तार हुए। चुनाव आयोग ने लिंग-आधारित मतदाता डेटा न देने पर भी सवाल उठे। सुरक्षा के लिए 208 कंपनियां तैनात की गईं।
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