भीषण गर्मी और चढ़ते पारे से बढ़ रहा है माइग्रेन का गंभीर खतरा, सिरदर्द की समस्या से लोग बेहाल, बचने के लिए करें ये आसान उपाय।
देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है और सूरज की तपिश लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। इस अत्यधिक
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूरोलॉजिस्ट ने दी चेतावनी: तेज धूप और डिहाइड्रेशन बनते हैं सिरदर्द का मुख्य कारण
- तपते मौसम में माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के अचूक तरीके: चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुझाए बचाव और नियंत्रण के 10 प्रभावी उपाय
देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है और सूरज की तपिश लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। इस अत्यधिक बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों के कारण न केवल त्वचा और पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, बल्कि माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के मरीजों की संख्या में भी अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है। अस्पतालों के न्यूरोलॉजी विभागों की ओपीडी में इन दिनों आधे से ज्यादा मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं जो तेज धूप में निकलने के बाद असहनीय सिरदर्द, उल्टी आने की शिकायत और आंखों के सामने अंधेरा छाने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, गर्मियों के मौसम में हमारे शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर मस्तिष्क की तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है, जिससे माइग्रेन का दर्द तेजी से ट्रिगर होता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, तेज गर्मी के मौसम में माइग्रेन का दर्द बढ़ने के पीछे सबसे प्रमुख और बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होना है। जब हम चिलचिलाती धूप में बाहर निकलते हैं, तो अत्यधिक पसीने के माध्यम से हमारे शरीर से पानी और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम तेजी से बाहर निकल जाते हैं। शरीर में पानी का स्तर कम होने से मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है, जिसके कारण सिर की नसें सिकुड़ने लगती हैं। नसों के इस संकुचन के कारण दिमाग में एक विशेष प्रकार का दबाव बनता है, जो माइग्रेन के मरीजों के लिए एक असहनीय और आधे सिर के तेज दर्द की शुरुआत कर देता है।
इसके अलावा, गर्मियों में वायुमंडलीय दबाव (बैरोमेट्रिक प्रेशर) में होने वाले अचानक बदलाव और तेज चमकदार धूप भी माइग्रेन को सीधे तौर पर भड़काने का काम करती है। जब सूरज की तेज किरणें सीधे आंखों पर पड़ती हैं, तो ऑप्टिक नर्व के जरिए मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस हिस्सा अत्यधिक सक्रिय हो जाता है। यह सक्रियता न्यूरोकेमिकल्स के असंतुलन को जन्म देती है, जिससे सिर के एक हिस्से में तेज धड़कन जैसा दर्द (थ्रॉबिंग पेन) शुरू हो जाता है। साथ ही, गर्मी के दिनों में तेज गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों की नींद का पैटर्न पूरी तरह से गड़बड़ हो जाता है। नींद पूरी न होना और शरीर का तापमान अनियंत्रित रहना माइग्रेन के हमलों की आवृत्ति को कई गुना बढ़ा देता है। माइग्रेन का दर्द होने पर अक्सर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से खरीदकर कोई भी पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) खा लेते हैं। बार-बार और अत्यधिक मात्रा में डॉक्टरों की पर्ची के बिना इन दवाओं का सेवन करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे न केवल किडनी और लीवर को गंभीर नुकसान पहुंचता है, बल्कि आगे चलकर 'मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक' की समस्या हो जाती है, जिससे सिरदर्द ठीक होने के बजाय और अधिक पुराना और लाइलाज बन जाता है।
इस भयंकर गर्मी में माइग्रेन के दर्द से खुद को सुरक्षित रखने और इसे पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने 10 बेहद कारगर और व्यावहारिक उपाय साझा किए हैं। सबसे पहला और महत्वपूर्ण उपाय यह है कि शरीर को किसी भी स्थिति में डिहाइड्रेट न होने दें। दिनभर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी का सेवन अनिवार्य रूप से करें। दूसरा उपाय, केवल सादा पानी पीने के बजाय पानी में नींबू, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट) या थोड़ा सा नमक और चीनी मिलाकर पिएं, ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे। तीसरा उपाय, दोपहर के समय यानी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी न होने पर घर या दफ्तर से बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें।
चौथे उपाय के तहत, यदि किसी अनिवार्य कार्य से धूप में बाहर जाना ही पड़े, तो अपनी आंखों को सूरज की सीधी किरणों से बचाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लासेस (धूप का चश्मा) का उपयोग करें और सिर को चौड़े किनारे वाली टोपी या सूती कपड़े से अच्छी तरह ढककर रखें। पांचवां उपाय, खान-पान की आदतों में सुधार करें और गर्मी के दिनों में चाय, कॉफी या कैफीन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल कम कर दें, क्योंकि ये पदार्थ शरीर से पानी को सोखते हैं और माइग्रेन को ट्रिगर करते हैं। छठा उपाय, अपने दैनिक आहार में तरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे अत्यधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फलों को शामिल करें, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं। सातवां उपाय, खाली पेट रहने से बचें क्योंकि ब्लड शुगर का स्तर गिरने से भी सिरदर्द शुरू हो जाता है, इसलिए हर दो से तीन घंटे में कुछ न कुछ हल्का और सुपाच्य भोजन जरूर लेते रहें।
आठवें उपाय के रूप में, अपनी जीवनशैली में नियमितता लाएं और प्रतिदिन सात से आठ घंटे की गहरी व सुकून भरी नींद लें, क्योंकि माइग्रेन को रोकने के लिए मस्तिष्क को पर्याप्त आराम मिलना बेहद जरूरी है। नौवां उपाय, यदि धूप से आने के बाद सिर में भारीपन या दर्द महसूस हो, तो तुरंत ठंडे पानी की पट्टियों से माथे और गर्दन के पिछले हिस्से की सिकाई (कोल्ड कंप्रेस) करें, इससे नसों को तुरंत राहत मिलती है। दसवां और अंतिम उपाय यह है कि तेज महक वाले परफ्यूम, रूम फ्रेशनर या अगरबत्ती के धुएं से दूर रहें, क्योंकि गर्मी में हमारी सूंघने की क्षमता अधिक संवेदनशील हो जाती है और तीव्र गंध माइग्रेन के दर्द को चंद मिनटों में सक्रिय कर सकती है।
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