Balochistan Attack: बलूच लिबरेशन आर्मी का पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप पर बड़ा फिदायीन हमला, 30 से ज्यादा सैनिक ढेर

Balochistan Attack: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ग्वादर के जिवानी में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप पर फिदायीन हमला किया है, जिसमें 30 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने का दावा है।

Jul 4, 2026 - 11:50
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Balochistan Attack: बलूच लिबरेशन आर्मी का पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप पर बड़ा फिदायीन हमला, 30 से ज्यादा सैनिक ढेर
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  • Gwadar News: बलूचिस्तान के जिवानी में बड़ा आतंकी हमला, BLA मजीद ब्रिगेड ने उड़ाया पाक कोस्ट गार्ड का कैंप
  • पाकिस्तान में बड़ा आत्मघाती हमला: विस्फोटकों से लदे ट्रक से उड़ाया कोस्ट गार्ड का कैंप, BLA का दावा- 30 से अधिक सैनिकों की मौत
  • बलूचिस्तान में खूनी संघर्ष: पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप पर मजीद ब्रिगेड का फिदायीन हमला, भारी तबाही की खबर

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है। अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में स्थित पनवान में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के एक मुख्य कैंप पर आत्मघाती (फिदायीन) हमला करने की जिम्मेदारी ली है। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह भीषण हमला शुक्रवार शाम करीब 6:32 बजे (स्थानीय समय) किया गया। संगठन का दावा है कि इस सुनियोजित सैन्य ऑपरेशन में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के 30 से अधिक जवान मारे गए हैं और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बीएलए की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली 'मजीद ब्रिगेड' और 'फतेह स्क्वाड' ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

यह घटना पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ग्वादर क्षेत्र के जिवानी (पनवान) में हुई है, जहां बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इसे एक संयुक्त और रणनीतिक हमला करार दिया है, जिसमें पहले एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे ट्रक के जरिए कैंप की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त किया और उसके बाद हथियारों से लैस लड़ाकों ने कैंप के भीतर घुसकर आमने-सामने की जंग लड़ी। इस हमले के बाद पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की बैरक और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, बीएलए की विशेष आत्मघाती विंग 'मजीद ब्रिगेड' ने इस हाई-रिस्क ऑपरेशन की कमान संभाली थी। शुक्रवार की शाम ठीक 6:32 बजे, अताउल्लाह बलूच उर्फ अजमल नाम के एक फिदायीन हमलावर ने विस्फोटकों से आकंठ लदे एक मज्दा ट्रक को कोस्ट गार्ड कैंप के मुख्य परिसर से टकरा दिया। टक्कर होते ही एक जोरदार और विनाशकारी धमाका हुआ, जिसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

बीएलए के मीडिया विंग 'हक्कल' द्वारा जारी किए गए 43 सेकंड के एक वीडियो क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि धमाके से ठीक पहले एक ट्रक कैंप के परिसर में दाखिल हो रहा है। इसके बाद जारी अन्य फुटेज से पुष्टि होती है कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि सैन्य ढांचे का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया और मलबे में तब्दील हो गया।

इस शुरुआती गाड़ी बम (VBIED) धमाके के तुरंत बाद, बीएलए के टैक्टिकल विंग 'फतेह स्क्वाड' ने मोर्चा संभाल लिया। योजना के मुताबिक, फतेह स्क्वाड की मुख्य टुकड़ी ने चारों तरफ से तबाह हो चुके कैंप को घेर लिया और बचे हुए कोस्ट गार्ड के जवानों पर आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। संगठन का दावा है कि उनके लड़ाकों ने मलबे के बीच से संभलने की कोशिश कर रहे सैनिकों को संभलने का मौका नहीं दिया और आमने-सामने की मुठभेड़ में 30 से अधिक जवानों को मार गिराया।

इस भीषण हमले के बाद बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने एक आधिकारिक लिखित बयान जारी कर कहा, "इस जबरदस्त धमाके के कारण कोस्ट गार्ड का मजबूत औपनिवेशिक कैंप पूरी तरह मलबे के ढेर में बदल गया है। मलबे की स्थिति और घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए मरने वाले सैनिकों की संख्या में और इजाफा होना तय है।" प्रवक्ता ने यह भी कहा कि संगठन जल्द ही अपने आधिकारिक मीडिया चैनलों के माध्यम से इस पूरे ऑपरेशन का एक विस्तृत वीडियो और ब्योरा साझा करेगा।

वहीं दूसरी तरफ, इस हमले को लेकर पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) या स्थानीय प्रशासन की ओर से हताहतों की सटीक संख्या को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने पूरे जिवानी और ग्वादर इलाके की घेराबंदी कर दी है और घायलों को निकालने के लिए सैन्य हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

इस हमले ने एक बार फिर बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। ग्वादर का इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का केंद्र बिंदु है, ऐसे में कोस्ट गार्ड कैंप जैसे संवेदनशील सैन्य ठिकाने पर इतना बड़ा और सफल फिदायीन हमला होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस घटना के बाद बलूचिस्तान के तटीय राजमार्गों (Coastal Highways) और चीन की परियोजनाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। व्यापारिक और रणनीतिक गतिविधियों पर भी इसका तात्कालिक असर देखने को मिला है।

बलूच लिबरेशन आर्मी ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ उसका यह सशस्त्र अभियान रुकने वाला नहीं है। प्रतिबंधित संगठन ने अपने बयान में दृढ़ता से कहा कि जब तक बलूचिस्तान की पूर्ण स्वतंत्रता का उनका अंतिम लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक उनके हमलों की तीव्रता और गति इसी तरह बनी रहेगी। इस बड़े दावे के बाद आने वाले दिनों में पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचिस्तान के पहाड़ी और तटीय इलाकों में उग्रवादियों के खिलाफ एक बड़े और आक्रामक सैन्य अभियान (Military Operation) की शुरुआत की जा सकती है, जिससे क्षेत्र में हिंसा और तनाव और बढ़ने की आशंका है।

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