UPI Services in Greece: ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस, अब दुनिया के 10 देशों में कर सकेंगे डिजिटल पेमेंट

भारत की UPI सर्विस अब ग्रीस में भी शुरू हो गई है। ग्रीस भारत के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला 10वां देश बन गया है। जानें पूरी रिपोर्ट और देशों की सूची।

Jul 1, 2026 - 12:47
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UPI Services in Greece: ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस, अब दुनिया के 10 देशों में कर सकेंगे डिजिटल पेमेंट
ग्रीस के एथेंस में यूरोबैंक मुख्यालय में यूपीआई सेवा के लाइव प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य बैंकिंग अधिकारी
  • भारत का UPI अब ग्रीस में भी लाइव: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लॉन्च की सेवा, जानें किन 10 देशों में मिलेगी सुविधा
  • विदेशों में भी बजा भारत का डंका! ग्रीस बना UPI अपनाने वाला 10वां देश, भारतीय पर्यटकों को मिलेगी बड़ी राहत
  • बड़ी खबर: ग्रीस में आधिकारिक रूप से शुरू हुई भारत की UPI सेवा, वैश्विक स्तर पर डिजिटल पेमेंट का बढ़ा दायरा

भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और फिनटेक (FinTech) क्षेत्र के लिए एक वैश्विक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। भारत का अग्रणी डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब यूरोपीय देश ग्रीस (Greece) में भी आधिकारिक रूप से लाइव हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी आधिकारिक ग्रीस यात्रा के दौरान एथेंस स्थित यूरोबैंक के मुख्यालय में इस सेवा के सफल लाइव प्रदर्शन की घोषणा की। इस नई शुरुआत के साथ ही ग्रीस भारत के घरेलू यूपीआई नेटवर्क को स्वीकार करने वाला दुनिया का 10वां देश बन गया है। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और ग्रीस के यूरोबैंक के बीच हुई इस रणनीतिक साझेदारी के बाद अब भारतीय यात्री और पर्यटक बिना किसी अतिरिक्त विदेशी मुद्रा विनिमय झंझट के आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक संबंधों को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।

भारत का स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (UPI) अब अपनी भौगोलिक सीमाओं को लांघकर यूरोपीय बाजारों में तेजी से पैर पसार रहा है। ताजा घटनाक्रम में, ग्रीस की बैंकिंग दिग्गज 'यूरोबैंक' और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय शाखा 'एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड' (NIPL) ने हाथ मिलाया है। इस साझेदारी के तहत ग्रीस के मर्चेंट आउटलेट्स और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यूपीआई के जरिए क्यूआर कोड (QR Code) आधारित भुगतान सेवा को शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस तकनीकी एकीकरण को भारत की डिजिटल ताकत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक डिजिटल विजन की एक और बड़ी सफलता करार दिया है।

यह ऐतिहासिक शुरुआत केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ग्रीस की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुई। एथेंस में यूरोबैंक के मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यूरोबैंक के सीईओ फोकियन करावियास और फेयरफैक्स डिजिटल सर्विसेज के सीईओ संजय तुगनैत की उपस्थिति में इस सर्विस का लाइव डेमो प्रदर्शित किया गया। इस दौरान दिखाया गया कि कैसे एक भारतीय बैंक खाते से जुड़ा यूपीआई ऐप ग्रीस के स्थानीय मर्चेंट टर्मिनल पर चंद सेकेंडों में सुरक्षित भुगतान निष्पादित कर सकता है।

इस साझेदारी के रणनीतिक संदर्भ (Strategic Context) को समझें तो यह सेवा पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट या डेबिट कार्ड और वायर ट्रांसफर की तुलना में काफी सस्ती है। आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय कार्ड स्वाइप करने पर मर्चेंट और ग्राहकों को भारी करेंसी कंवर्जन फीस और छिपे हुए शुल्क देने पड़ते थे। लेकिन ग्रीस में यूपीआई लाइव होने के बाद, भारतीय नागरिक अपने परिचित मोबाइल ऐप्स (जैसे भीम, फोनपे, गूगल पे आदि) का उपयोग करके सीधे रुपये में भुगतान कर सकेंगे, जिससे लेनदेन की लागत पारंपरिक माध्यमों के मुकाबले महज एक छोटे हिस्से (Fraction) के बराबर रह जाएगी।

इस वैश्विक विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर कहा, "एथेंस में यूरोबैंक के मुख्यालय में यूपीआई सेवाओं को सक्षम करने वाली यूरोबैंक-एनआईपीएल साझेदारी का लाइव प्रदर्शन देखना बेहद सुखद रहा। यह मील का पत्थर भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक विस्तार को दर्शाता है। इससे पात्र ग्राहक अब बेहद कम लागत पर त्वरित और सुरक्षित तरीके से लेनदेन कर सकेंगे।" उन्होंने आगे जोड़ा कि यूपीआई की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन पर दुनिया के भरोसे को दर्शाती है जो सीमाओं के पार साझा विकास और समृद्धि के लिए तकनीक आधारित समाधान तैयार करने की बात करता है।

वहीं, यूरोबैंक और फेयरफैक्स डिजिटल सर्विसेज के प्रमुखों ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ट्रांजैक्शन मार्केट है। भारतीय पर्यटकों की संख्या यूरोप और विशेष रूप से ग्रीस में लगातार बढ़ रही है, ऐसे में इस डिजिटल बुनियादी ढांचे के आने से स्थानीय व्यवसायों और खुदरा विक्रेताओं को भारतीय ग्राहकों से जुड़ने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।

ग्रीस में यूपीआई सेवा शुरू होने का सीधा और सकारात्मक प्रभाव भारतीय यात्रियों पर पड़ेगा। अब उन्हें विदेश यात्रा के दौरान भारी मात्रा में नकदी (यूरो) ले जाने या महंगे फॉरेक्स कार्ड पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, वित्तीय बाजार पर प्रभाव की बात करें तो यह कदम वैश्विक भुगतान प्रणाली में स्विफ्ट (SWIFT) जैसी पारंपरिक प्रणालियों के समानांतर भारत के यूपीआई को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर रहा है। व्यापारिक दृष्टिकोण से, मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल मर्चेंट डिजिटल खर्च में यूपीआई की हिस्सेदारी 77% से अधिक हो चुकी है। अब यही घरेलू सफलता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराई जा रही है, जिससे भारत की फिनटेक कंपनियों का वैश्विक मूल्यांकन और प्रभाव काफी बढ़ जाएगा।

ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब उन देशों की कुल संख्या 10 हो गई है जहां भारतीय यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं। सरकार और एनपीसीआई का अगला लक्ष्य यूरोप के अन्य प्रमुख देशों के साथ-साथ लाटविया, जापान और मलेशिया जैसे देशों में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट्स को पूर्ण रूप से संचालित करना है। आने वाले समय में, ग्रीस के सभी प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंट्स और ऐतिहासिक स्मारकों पर यूपीआई के क्यूआर कोड स्टैंड्स दिखाई देने लगेंगे। इसके साथ ही, दोनों देशों के केंद्रीय बैंक आने वाले दिनों में सीमा पार प्रेषण (Cross-Border Remittances) को और अधिक सुगम बनाने के लिए तकनीकी नियमों को और सरल करेंगे।

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