Mumbai Fake FDA Officer Raid: मुंबई के होटल में फर्जी एफडीए अधिकारी बनकर रेड करने वाली महिला और पुरुष पर केस दर्ज
मुंबई की बोरीवली पुलिस ने खुद को एफडीए अधिकारी बताकर होटल पर फर्जी रेड करने वाले एक पुरुष और एक महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। पढ़ें क्या है पूरा मामला।

- मुंबई क्राइम न्यूज़: बोरीवली में होटल पर नकली FDA अफसर बनकर छापा मारने वाले दो आरोपी नामजद, पुलिस जांच शुरू
- मुंबई में हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा: खुद को FDA अधिकारी बताकर होटल में मार रहे थे छापा, अब पुलिस ने दबोचा
- मुंबई ब्रेकिंग: बोरीवली में होटल पर फर्जी एफडीए (FDA) रेड का भंडाफोड़, एक महिला और पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बोरीवली इलाके से धोखाधड़ी और जबरन वसूली की कोशिश का एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां की बोरीवली थाना पुलिस ने खुद को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का नकली अधिकारी बताकर एक स्थानीय होटल में अवैध रूप से छापेमारी करने के आरोप में एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की शुरुआती जांच और सत्यापन में आरोपियों की पहचान बोरीवली पश्चिम के एकसार रोड निवासी विजय बबन जाधव (42) और वसई की रहने वाली स्वाति विक्रांत तुलसंकर (30) के रूप में की गई है। दोनों आरोपियों पर होटल प्रबंधन को डराकर अवैध लाभ कमाने के इरादे से फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। पुलिस ने इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
यह पूरा मामला मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र बोरीवली में स्थित एक होटल का है, जहां सरकारी अमले का रौब दिखाकर अवैध वसूली या डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, एक पुरुष और एक महिला अचानक होटल परिसर में दाखिल हुए और खुद को राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग का उच्च अधिकारी बताया। उन्होंने होटल की रसोई, खाद्य सामग्री और साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच शुरू कर दी, जिसे देखकर होटल कर्मचारी और प्रबंधन एक बार के लिए सकपका गए। हालांकि, उनके आचरण और बातचीत के तौर-तरीकों पर संदेह होने के बाद जब उनसे आधिकारिक पहचान पत्र की मांग की गई, तो पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया।
विभागीय सूत्रों और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, आरोपी विजय बबन जाधव और स्वाति विक्रांत तुलसंकर योजनाबद्ध तरीके से होटल पहुंचे थे। होटल में प्रवेश करते ही उन्होंने खुद को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में पेश किया। उन्होंने होटल के स्टाफ पर दबाव बनाते हुए कहा कि उन्हें नियमों के उल्लंघन और घटिया खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें मिली हैं, जिसके आधार पर वे यह औचक निरीक्षण यानी रेड कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान दोनों आरोपियों ने होटल मालिक को कानूनी पचड़े में फंसाने, भारी जुर्माना लगाने और होटल का लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी। आरोपियों का हाव-भाव और बिना किसी पूर्व नोटिस या आधिकारिक सरकारी वाहन के आना होटल प्रबंधन को खटकने लगा। सतर्कता बरतते हुए होटल के प्रबंधकों ने जब उनके विभाग, पद और आईडी कार्ड के बारे में कड़े सवाल किए, तो दोनों आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और वहां से निकलने की कोशिश करने लगे। होटल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय बोरीवली पुलिस स्टेशन को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शुरुआती पूछताछ के बाद दोनों के दावों को पूरी तरह फर्जी पाया।
इस हैरान कर देने वाले मामले पर बोरीवली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या इन दोनों आरोपियों ने इससे पहले भी इलाके के अन्य होटलों, रेस्तरां या दुकानों को इसी तरह अपना निशाना बनाया था। पुलिस के अनुसार, किसी भी आरोपी को कानून हाथ में लेने या फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
वहीं, स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के लिए एक अनौपचारिक परामर्श जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी विभाग की जांच टीम आने पर सबसे पहले उनका आधिकारिक पहचान पत्र और जांच आदेश (Raid Order) जरूर चेक करें। कानून के सिद्धांतों के तहत, दोनों आरोपियों पर अभी केवल आरोप दर्ज हुए हैं और अदालत में उनका दोष सिद्ध होना बाकी है।
इस घटना का मुंबई के व्यापारिक और होटल व्यवसाय से जुड़े हलकों में व्यापक असर देखा जा रहा है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के रेस्तरां संचालकों में इस बात को लेकर सतर्कता बढ़ गई है कि सरकारी निरीक्षणों की आड़ में इस तरह के फर्जी गिरोह भी सक्रिय हो सकते हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर व्यापारियों और पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है ताकि भविष्य में इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके।
बोरीवली पुलिस ने विजय बबन जाधव और स्वाति विक्रांत तुलसंकर के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी रूप धारण करने (Impersonation) और डराने-धमकाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में क्या कोई और भी शामिल है या क्या इनके पास से कोई फर्जी दस्तावेज या सील बरामद होती है। कानून सम्मत जांच के बाद पुलिस जल्द ही इस मामले की चार्जशीट अदालत में पेश करेगी। तब तक होटल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रख लिया गया है।
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