Viral News: ऋषिकेश में गंगा की लहरों में फंसा पर्यटक, गाइड की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा। 

उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी की उफनती लहरों के बीच रिवर राफ्टिंग का रोमांच हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन यह...

Jun 13, 2025 - 10:35
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Viral News: ऋषिकेश में गंगा की लहरों में फंसा पर्यटक, गाइड की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा। 

उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी की उफनती लहरों के बीच रिवर राफ्टिंग का रोमांच हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन यह रोमांचक गतिविधि कई बार जानलेवा जोखिम भी साथ लाती है। 12 जून 2025 को ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग के दौरान एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा, जब एक पर्यटक गंगा की तेज धार में बह गया। उस समय वहां मौजूद राफ्टिंग गाइड की सूझबूझ और साहस ने न केवल पर्यटक की जान बचाई, बल्कि एक संभावित त्रासदी को भी टाल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाइड की बहादुरी और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया साफ दिखाई दे रही है।  घटना मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के गरुड़ चट्टी के पास हुई, जहां एक राफ्टिंग ग्रुप शिवपुरी से राम झूला की ओर राफ्टिंग कर रहा था।

राफ्ट में सवार पर्यटकों में से एक युवक, जिसकी पहचान दिल्ली निवासी 26 वर्षीय विशाल शर्मा (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई, अचानक राफ्ट से असंतुलित होकर गंगा की तेज लहरों में गिर गया। गंगा नदी का यह हिस्सा अपने तेज बहाव और रैपिड्स के लिए जाना जाता है, जिसके कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि युवक लाइफ जैकेट पहने होने के बावजूद तेज धार में बह रहा था और खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था। उसकी चीख-पुकार और अन्य पर्यटकों की घबराहट ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।

तभी राफ्टिंग गाइड, 32 वर्षीय नवीन रावत, ने बिना देर किए रस्सी फेंककर त्वरित कार्रवाई शुरू की। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नवीन ने अपनी प्रशिक्षित कौशल का उपयोग करते हुए रस्सी को सटीकता से पर्यटक की ओर फेंका और उसे धीरे-धीरे राफ्ट की ओर खींचा। इस दौरान राफ्ट में मौजूद अन्य पर्यटकों ने भी गाइड की मदद की और युवक को राफ्ट पर वापस लाने में सहयोग किया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में गाइड की फुर्ती और अनुभव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

  • राफ्टिंग गाइड की बहादुरी

नवीन रावत, जो पिछले आठ वर्षों से हिमालयन एडवेंचर नामक लाइसेंस प्राप्त राफ्टिंग कंपनी के साथ काम कर रहे हैं, ने इस घटना में अपनी प्रोफेशनल ट्रेनिंग और साहस का परिचय दिया। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए नवीन ने बताया कि राफ्टिंग के दौरान ऐसी स्थिति असामान्य नहीं है, लेकिन तेज बहाव में तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि पर्यटक लाइफ जैकेट पहने हुए था, लेकिन वह घबरा गया था। मेरी प्राथमिकता थी कि उसे जल्द से जल्द राफ्ट तक लाया जाए।" नवीन की इस बहादुरी की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है, और कई लोग उन्हें "फरिश्ता" बता रहे हैं।

  • रिवर राफ्टिंग में सुरक्षा का महत्व

यह घटना रिवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेलों में सुरक्षा मानकों के महत्व को उजागर करती है। राफ्टिंग विशेषज्ञों के अनुसार, लाइफ जैकेट, हेलमेट, और प्रशिक्षित गाइड की मौजूदगी ऐसी घटनाओं में जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साहसिक खेल अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि ऋषिकेश में हर साल हजारों पर्यटक राफ्टिंग के लिए आते हैं, और सुरक्षा उपायों में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यटकों को राफ्टिंग से पहले दी जाने वाली सेफ्टी ब्रीफिंग को गंभीरता से लेना चाहिए और गाइड के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

ऋषिकेश में राफ्टिंग के लिए कई रूट्स हैं, जैसे ब्रह्मपुरी से निम बीच (9 किमी), शिवपुरी से ऋषिकेश (16 किमी), और कौड़ियाला से ऋषिकेश (36 किमी), जो अलग-अलग स्तर के रैपिड्स प्रदान करते हैं। ये रैपिड्स ग्रेड I से ग्रेड IV तक होते हैं, जो शुरुआती और अनुभवी राफ्टर्स दोनों के लिए उपयुक्त हैं। हालांकि, मानसून के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने से रैपिड्स और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं, जिसके लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।

  • पिछले हादसों की पृष्ठभूमि

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का रोमांच आकर्षक होने के साथ-साथ जोखिम भरा भी है। अप्रैल 2025 में एक दुखद घटना में देहरादून निवासी 24 वर्षीय सागर नेगी की राफ्ट पलटने से गंगा में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस हादसे में सागर बेहोश हो गए थे, और गाइड के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने राफ्टिंग सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। इसके अलावा, 2022 में फूल चट्टी के पास दो लड़कियों को भारतीय सेना के जवानों ने गंगा की तेज धार से बचाया था, जो एक और उदाहरण है कि समय पर रेस्क्यू कितना महत्वपूर्ण है।

इन घटनाओं ने राफ्टिंग कंपनियों और प्रशासन पर सुरक्षा नियमों को और सख्त करने का दबाव बढ़ाया है। पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि मुनिकीरेती-कौड़ियाला इको टूरिज्म जोन में शाम 5:30 बजे के बाद राफ्टिंग पर प्रतिबंध है, लेकिन कुछ कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।

  • पर्यटकों और गाइड की भूमिका

रिवर राफ्टिंग गाइड्स की भूमिका इस खेल में सबसे महत्वपूर्ण होती है। गाइड्स को न केवल राफ्ट को नियंत्रित करने की ट्रेनिंग दी जाती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। हिमालयन एडवेंचर के गाइड प्रवीन खंडूरी ने बताया कि राफ्टिंग से पहले दी जाने वाली ब्रीफिंग में पर्यटकों को राफ्ट से गिरने की स्थिति में क्या करना है, इस बारे में विस्तार से बताया जाता है। इसमें राफ्ट की सुरक्षा लाइन पकड़ना, लाइफ जैकेट को सही ढंग से पहनना, और गाइड के कमांड्स को फॉलो करना शामिल है।

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हालांकि, कई बार पर्यटक उत्साह में गाइड की बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि राफ्टिंग के लिए लाइसेंस प्राप्त और अनुभवी ऑपरेटर चुनना, मौसम की जानकारी रखना, और सुरक्षा उपकरणों की जांच करना अनिवार्य है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाइड की त्वरित कार्रवाई और पर्यटकों की एकता की सराहना की जा रही है। कई यूजर्स ने इसे इंसानियत और साहस की मिसाल बताया है। एक यूजर ने लिखा, "गाइड ने सचमुच फरिश्ते की तरह काम किया। यह वीडियो हमें सिखाता है कि रोमांच के साथ सावधानी कितनी जरूरी है।"

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