महाराष्ट्र मंत्री पंकजा मुंडे के PAकी पत्नी डॉ. गौरी पालवे ने की आत्महत्या, परिजनों ने पति पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया
वरली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले को संदिग्ध मानते हुए अब पूरी तहकीकात की जा रही है। शुरुआत में एडीआर दर्ज की गई थी, लेकिन परिजनों के ब
मुंबई। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के पर्सनल असिस्टेंट अनंत गर्जे की पत्नी डॉ. गौरी पालवे ने शनिवार रात को वर्ली स्थित अपने फ्लैट में गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 22 नवंबर 2025 को हुई, जब गौरी मात्र 10 महीने पहले ही अनंत से शादी करके वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर चुकी थीं। वर्ली पुलिस ने शुरुआत में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन मायके वालों के बयानों के बाद अनंत गर्जे, उनकी बहन शितल गर्जे और भाई अजय गर्जे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। परिजनों का दावा है कि गौरी को लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न सहना पड़ रहा था, जिससे वे इतना दबाव महसूस कर रही थीं कि उन्होंने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने शव को केईएम अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
डॉ. गौरी पालवे मूल रूप से सतारा जिले के फलटन की रहने वाली थीं। वे मुंबई के प्रसिद्ध केईएम अस्पताल के डेंटल विभाग में डॉक्टर के रूप में कार्यरत थीं। उनकी उम्र मात्र 28 वर्ष थी। अनंत गर्जे से उनका विवाह 7 फेब्रुवारी 2025 को धूमधाम से हुआ था। इस शादी में पंकजा मुंडे और उनकी बहन प्रीतम मुंडे भी शामिल हुई थीं। लग्न के बाद गौरी मुंबई के वर्ली इलाके में अनंत के साथ रहने लगीं। वर्ली का वह फ्लैट 30वीं मंजिल पर स्थित है, जहां सुविधाएं तो भरपूर थीं, लेकिन वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहा। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही अनंत और उनके परिवार वाले गौरी पर दहेज की मांग को लेकर दबाव डालने लगे। गौरी के पिता एक साधारण किसान हैं, जबकि अनंत पंकजा मुंडे के करीबी सहायक हैं। परिवार का कहना है कि शादी के समय दहेज में दी गई राशि और सामान से संतुष्ट न होने पर विवाद बढ़ता गया।
घटना वाले दिन शनिवार की शाम को गौरी और अनंत के बीच फिर से झगड़ा हुआ। परिजनों के बयान से पता चला कि अनंत घर पर थे और झगड़े के दौरान ही गौरी ने 31वीं मंजिल से नीचे देखा और फिर फंदा डाल लिया। अनंत ने पुलिस को बताया कि वे उस समय बाहर गए थे और लौटने पर गौरी को लटकी हुई पाया। लेकिन मायके वालों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अनंत घर पर ही थे और उन्होंने गौरी को उकसाया। गौरी के मामा ने पुलिस को दिए बयान में कहा, गौरी एक लड़ी-झगड़ी करने वाली लड़की थी। वह कभी हार मानने वाली नहीं थी। डॉक्टर बनने के लिए उसने कितनी मेहनत की, वह इतनी कमजोर कैसे हो सकती है। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या जैसा लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि गौरी ने आखिरी बार फोन पर कहा था कि वह परेशान है और सहन नहीं कर पा रही। परिवार ने पुलिस से गहन जांच की मांग की है।
वरली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले को संदिग्ध मानते हुए अब पूरी तहकीकात की जा रही है। शुरुआत में एडीआर दर्ज की गई थी, लेकिन परिजनों के बयान के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई। अनंत गर्जे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उनकी बहन शितल और भाई अजय को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोन रिकॉर्ड और पड़ोसियों के बयान ले रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत का सटीक कारण क्या था। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में गले पर निशान पाए हैं, जो फंदे से मेल खाते हैं। लेकिन परिवार का कहना है कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जो संदेह को और बढ़ाता है।
इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। पंकजा मुंडे ने बीड में अपना एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रद्द कर दिया। वे इस मामले पर चुप हैं, लेकिन उनके करीबी स्रोतों के अनुसार वे परिवार से मिलने वाली हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमनिया ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गौरी की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। अनंत गर्जे पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पंकजा मुंडे से अपील की कि वे खुद ही अपने PAके खिलाफ केस दर्ज कराएं। दमनिया ने लिखा, पंकजा मुंडे को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अगर उनके PAदोषी साबित होते हैं, तो उन्हें तुरंत बर्खास्त करें। यह दहेज उत्पीड़न का स्पष्ट मामला है। विपक्षी दलों ने भी सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एनसीपी और शिवसेना ने कहा कि वैवाहिक हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
गौरी की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा और वैवाहिक हिंसा के मुद्दे को उजागर कर दिया। महाराष्ट्र में हाल ही में फलटन की एक अन्य महिला डॉक्टर संपदा मुंडे की आत्महत्या का मामला सामने आया था, जिसमें कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप था। पंकजा मुंडे ने उस मामले में परिवार से मिलकर न्याय का आश्वासन दिया था। अब इस घटना ने सवाल उठाए हैं कि क्या राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों के करीबी भी ऐसी घटनाओं में लिप्त हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दहेज कानून सख्त हैं, लेकिन अमल में कमी है। पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, जैसा यहां हुआ। गौरी के परिवार ने कहा कि वे न्याय के लिए लड़ेंगे। गौरी की मां ने रोते हुए कहा, मेरी बेटी डॉक्टर बनी, लेकिन घर में अमानवीय व्यवहार सहना पड़ा। हम चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले।
अनंत गर्जे लंबे समय से पंकजा मुंडे के साथ काम कर रहे हैं। वे बीड जिले से हैं और मुंडे परिवार के वफादार माने जाते हैं। शादी के समय मुंडे परिवार ने भी आशीर्वाद दिया था। लेकिन अब यह घटना उनके लिए मुश्किल खड़ी कर रही है। पुलिस जांच में अगर अनंत दोषी पाए गए, तो न केवल नौकरी, बल्कि जेल की सजा भी हो सकती है। परिवार ने बताया कि गौरी शादी से पहले खुश थीं, लेकिन शादी के बाद डिप्रेशन में चली गईं। वे अक्सर मायके फोन करतीं और रोतीं। एक बार तो वे घर लौट आईं, लेकिन अनंत ने मनाने आकर वापस ले गए। परिजनों ने कहा कि अगर समय रहते ध्यान दिया होता, तो शायद यह न होता।
यह मामला महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। महाराष्ट्र में हर साल सैकड़ों महिलाएं दहेज या उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करती हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में ही 1500 से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इस घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गौरी की मौत के बाद उनके सहकर्मी केईएम अस्पताल में शोक सभा रखेंगे। परिवार अंतिम संस्कार के लिए शव प्राप्ति का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई भी निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। लेकिन परिजनों का गुस्सा बढ़ रहा है। वे न्याय के लिए सड़क पर उतरने को तैयार हैं।
पंकजा मुंडे ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन उनके कार्यालय से कहा गया कि वे मामले की निगरानी कर रही हैं। यह घटना भाजपा की छवि पर भी सवाल उठा रही है। दमनिया जैसे कार्यकर्ता लगातार ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुंडे चुप रहीं, तो यह उनकी जिम्मेदारी होगी। विपक्ष ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने का ऐलान किया है। फिलहाल, वर्ली पुलिस पूरी ताकत से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। तब तक सस्पेंस बना रहेगा। गौरी की याद में परिवार शोक में डूबा है। यह दुखद घटना समाज को चेतावनी देती है कि वैवाहिक जीवन में संवाद और सम्मान जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिले, तो कई जिंदगियां बच सकती हैं।
What's Your Reaction?