एल्विश यादव के घर फायरिंग का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, फरीदाबाद में मुठभेड़ के बाद इशांत उर्फ इशू गांधी पकड़ा गया, हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी जिम्मेदारी।
गुरुग्राम में मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव के घर पर 17 अगस्त 2025 को हुई फायरिंग की घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में
गुरुग्राम में मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव के घर पर 17 अगस्त 2025 को हुई फायरिंग की घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी इशांत उर्फ इशू गांधी को 22 अगस्त 2025 को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान इशू गांधी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई और उसे पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना की जिम्मेदारी कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी, जिसने सोशल मीडिया पर दावा किया कि एल्विश यादव द्वारा सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के कारण यह हमला किया गया। घटना 17 अगस्त 2025 को सुबह 5:30 से 6:00 बजे के बीच गुरुग्राम के सेक्टर 56 में एल्विश यादव के घर के बाहर हुई। तीन नकाबपोश हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और उन्होंने घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने 24 से 30 राउंड गोलियां चलाईं, जो घर के ग्राउंड और पहले माले पर लगीं। उस समय एल्विश यादव हरियाणा से बाहर किसी काम के सिलसिले में गए हुए थे, लेकिन उनके परिवार के सदस्य और केयरटेकर घर में मौजूद थे। सौभाग्य से इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज में तीन हमलावर दिखाई दिए, जिनमें से दो की पहचान स्पष्ट रूप से हो सकी। एल्विश के पिता राम अवतार यादव ने मीडिया को बताया कि फायरिंग के समय परिवार घर में था, और यह घटना उनके लिए डरावनी थी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जांच सही दिशा में चल रही है।
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की सेक्टर 30 टीम ने 22 अगस्त को सुबह बीपीटीपी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में इशांत उर्फ इशू गांधी को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि इशू गांधी फरीदाबाद के जवाहर कॉलोनी में छिपा हुआ है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने ऑटोमैटिक पिस्टल से पुलिस पर छह से ज्यादा राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे इशू के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि बाकी दो हमलावरों और इस घटना के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सके। इस हमले की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी। गैंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें दो पिस्तौल का चित्र और "भाऊ गैंग सिन्स 2020" का लोगो था। पोस्ट में लिखा था, "आज एल्विश यादव के घर पर फायरिंग हमने की। यह हमला नीरज फरीदपुर और भाऊ रितोलिया ने किया। हमने आज अपनी पहचान बनाई है। एल्विश ने सट्टेबाजी को बढ़ावा देकर कई घर बर्बाद किए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कीड़ों को चेतावनी है कि अगर कोई सट्टेबाजी को बढ़ावा देगा, तो उसे कॉल या गोली मिल सकती है।" इस पोस्ट में गैंग ने नीरज फरीदपुर, भाऊ रितोलिया और इंद्रजीत यादव का नाम लिया। हालांकि, पुलिस ने इस पोस्ट की सत्यता की पुष्टि नहीं की है।
हिमांशु भाऊ गैंग दिल्ली-एनसीआर में 2020 से सक्रिय है और इसके सरगना हिमांशु भाऊ पर हत्या, उगाही और हिंसक अपराधों के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह वर्तमान में अमेरिका में छिपा हुआ माना जाता है और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। वह पहले बंबीहा गैंग से जुड़ा था, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रतिद्वंद्वी है। गैंग के अन्य सदस्यों में नीरज फरीदपुर शामिल है, जिसके खिलाफ 25 से ज्यादा आपराधिक मामले हैं। नीरज 2019 में हरियाणा के फरीदाबाद में कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी वांछित है। वह कनाडा और दुबई के रास्ते अमेरिका भाग गया था। गैंग के सदस्य व्यापारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और सार्वजनिक हस्तियों से उगाही के लिए कुख्यात हैं। एल्विश यादव ने इस घटना के बाद इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, "मैं अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देता हूं। मैं और मेरा परिवार पूरी तरह सुरक्षित हैं। आपकी शुभकामनाएं और चिंता मेरे लिए बहुत मायने रखती है।" उनके इस बयान ने उनके प्रशंसकों को राहत दी, जो सोशल मीडिया पर उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। एल्विश के दोस्त और रियलिटी शो स्टार प्रिंस नरूला ने भी इस हमले की निंदा की और कहा, "गोली चलाना सही नहीं है। जो भी गलत है, उसे कानूनी तरीके से सुलझाना चाहिए।"
पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की है। गुरुग्राम और फरीदाबाद पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल इस मामले की जांच में जुटी हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और बाकी दो हमलावरों की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हमला संगठित अपराध का हिस्सा था। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने हिमांशु भाऊ गैंग की कार्रवाई को सही ठहराया और कहा कि सट्टेबाजी को बढ़ावा देना गलत है। एक यूजर ने लिखा, "एल्विश जैसे लोग सट्टेबाजी को बढ़ावा देकर युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं। गैंग ने सही किया।" वहीं, कई यूजर्स ने इस हिंसक कदम की निंदा की और कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना गलत है। एक अन्य यूजर ने लिखा, "यह गलत है कि कोई गोली चलाकर अपनी बात मनवाए। पुलिस को इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।"
यह घटना दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते संगठित अपराध का एक और उदाहरण है। हिमांशु भाऊ गैंग पहले भी कई हाई-प्रोफाइल वारदातों में शामिल रहा है। दिसंबर 2023 में गैंग ने दिल्ली के द्वारका में एक रियल एस्टेट एजेंट पर 40 राउंड गोलियां चलाई थीं। मार्च 2024 में पानीपत में एक शराब की दुकान पर फायरिंग और मई 2024 में तिलक नगर में एक कार शोरूम पर हमला किया गया था। जुलाई 2025 में गैंग ने दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल से उगाही की मांग की थी। इन घटनाओं से साफ है कि गैंग हिंसा और डर के जरिए इलाके में दबदबा बनाए रखना चाहता है। एल्विश यादव पहले भी विवादों में रहे हैं। 2023 में उनके खिलाफ एक रेव पार्टी में सांप के जहर और ड्रग्स के इस्तेमाल का आरोप लगा था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इस बार की घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। यह घटना न केवल एल्विश यादव के लिए, बल्कि उन सभी सार्वजनिक हस्तियों के लिए एक चेतावनी है, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और जिन्हें संगठित अपराध के निशाने पर लिया जा सकता है।
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