भगवान की तस्वीरों के पीछे छिपाया 10 किलो गांजा, छिपाने के लिए पूजा करने का ढोंग भी रचा

Telangana News: हैदराबाद शहर के धूलपेट इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय समुदाय को हैरान कर दिया....

Jul 6, 2025 - 14:16
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भगवान की तस्वीरों के पीछे छिपाया 10 किलो गांजा, छिपाने के लिए पूजा करने का ढोंग भी रचा

तेलंगाना के हैदराबाद शहर के धूलपेट इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय समुदाय को हैरान कर दिया। एक तस्कर, जिसकी पहचान रोहन सिंह के रूप में हुई है, ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए भगवान की तस्वीरों के फ्रेम के पीछे 10 किलोग्राम गांजा छिपा रखा था। इतना ही नहीं, उसने अपनी हरकत को छिपाने के लिए पूजा करने का ढोंग भी रचा। यह घटना 5 जुलाई 2025 को हुई, जब हैदराबाद की एक्साइज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रोहन सिंह के घर पर छापेमारी की और धार्मिक चित्रों के पीछे छिपा गांजा बरामद किया। जांच में पता चला कि रोहन सिंह ओडिशा से गांजा मंगवाकर धूलपेट से गाचीबौली, मधापुर, और हैदराबाद के अन्य हिस्सों में इसकी सप्लाई कर रहा था। पुलिस को शक है कि यह एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, और इस मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना न केवल तस्करी के नए तरीकों को उजागर करती है, बल्कि धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने की गंभीरता को भी सामने लाती है। धूलपेट के इंदिरानगर क्षेत्र में सामने आया, जब हैदराबाद एक्साइज पुलिस की स्टेट टास्क फोर्स (STF) ने गुप्त सूचना के आधार पर रोहन सिंह के घर पर छापेमारी की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि रोहन सिंह ओडिशा से गांजा मंगवाकर हैदराबाद में तस्करी कर रहा है। जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो रोहन ने पूजा करने का नाटक शुरू कर दिया, ताकि पुलिस का ध्यान भटक सके। उसने अपने घर के पूजा कक्ष में भगवान की तस्वीरों के फ्रेम रखे थे, और पहली नजर में सब कुछ सामान्य लग रहा था।

हालांकि, पुलिस को उसकी अत्यधिक पूजा और संदिग्ध व्यवहार पर शक हुआ। जब अधिकारियों ने पूजा कक्ष की गहन तलाशी ली, तो उन्होंने तस्वीरों के फ्रेम के पीछे अखबार में लपेटे हुए 10 किलोग्राम गांजा बरामद किया। गांजा 5, 10, 15, और 20 ग्राम के छोटे-छोटे पैकेटों में पैक था, जो गाचीबौली, मधापुर, और हैदराबाद के अन्य आईटी क्षेत्रों में बिक्री के लिए तैयार किया गया था। रोहन सिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। उसी दिन, एक्साइज पुलिस ने धूलपेट के शिवलाल नगर और बलराम गली में दो अन्य छापेमारी की, जहां से 10.4 किलोग्राम और 2 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इन छापेमारियों में संकीर सिंह, सुशील सिंह, सरिता, स्वप्ना मंडल उर्फ मीना बाई, और पवन सिंह को गिरफ्तार किया गया। बरामद गांजे की कुल कीमत 10.75 लाख रुपये आंकी गई है। हैदराबाद एक्साइज पुलिस की स्टेट टास्क फोर्स, जिसका नेतृत्व सुपरिंटेंडेंट एन. अंजी रेड्डी ने किया, ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। रोहन सिंह के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (NDPS) एक्ट की धारा 8, 20, और 27A के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उसके घर से बरामद गांजा, पैकिंग सामग्री, और अन्य सबूत जब्त किए। जांच में पता चला कि रोहन सिंह ओडिशा के मलकानगिरी जिले से गांजा मंगवाता था और इसे हैदराबाद के आईटी हब्स में सप्लाई करता था। पुलिस को शक है कि रोहन सिंह एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जो ओडिशा से तेलंगाना और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। एक्साइज पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रोहन सिंह कितने समय से इस धंधे में शामिल था। इसके अलावा, पुलिस ने ओडिशा के सप्लायर्स और हैदराबाद के स्थानीय डीलरों के बीच संबंधों की जांच शुरू की है। डीसीपी (एक्साइज) ने बताया कि तेलंगाना में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चेकपोस्ट और नियमित छापेमारी की जा रही है।

रोहन सिंह द्वारा भगवान की तस्वीरों के पीछे गांजा छिपाने की हरकत ने न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी विवाद पैदा किया है। इस घटना ने धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने की गंभीरता को उजागर किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस मामले ने लोगों में आक्रोश पैदा किया। एक एक्स यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि हमारी आस्था का अपमान है।” कई लोगों ने इसे “धर्म का दुरुपयोग” करार देते हुए सख्त सजा की मांग की। हालांकि, कुछ लोगों ने इस मामले को धार्मिक रंग देने के बजाय नशीले पदार्थों की तस्करी और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखने की अपील की। यह घटना तेलंगाना में बढ़ती नशीली दवाओं की समस्या को भी रेखांकित करती है, विशेष रूप से युवाओं और आईटी क्षेत्रों में, जहां गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की मांग बढ़ रही है। तेलंगाना में नशीले पदार्थों की तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से गांजा तेलंगाना के शहरों में आसानी से पहुंच रहा है। तस्कर नए और अनोखे तरीकों का उपयोग कर रहे हैं, जैसे धार्मिक चित्रों, चावल के बोरे, और शादी के सामान में गांजा छिपाना। 2024 में तेलंगाना में 6,000 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसमें से 2,225 किलोग्राम खम्मम जिले से बरामद हुआ। यह आंकड़े नशीले पदार्थों की तस्करी की गंभीरता को दर्शाते हैं।

इस मामले ने यह भी उजागर किया कि तस्कर धार्मिक और सामाजिक परंपराओं का दुरुपयोग कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रशासन के लिए एक चुनौती है कि ऐसी रणनीतियों का मुकाबला करने के लिए निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाए।यह घटना प्रशासन के सामने कई चुनौतियां पेश करती है। पहला, चेकपोस्ट और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी को और सख्त करने की जरूरत है। दूसरा, तस्करों के नए तरीकों का पता लगाने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा। तीसरा, समाज में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि लोग संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करें। समाज के लिए यह एक सबक है कि धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सतर्क रहना जरूरी है। स्थानीय समुदाय को भी पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके।

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