बांग्लादेश में राजबाड़ी के पांग्शा में अमृत मंडल उर्फ सम्राट की गणपिटाई में मौत, अंतरिम सरकार ने कहा सांप्रदायिक नहीं बल्कि अपराध से जुड़ी घटना। 

बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के पांग्शा उपजिला में 24 दिसंबर 2025 की रात को एक व्यक्ति की गणपिटाई से मौत हो गई। मृतक की पहचान 29

Dec 26, 2025 - 12:36
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बांग्लादेश में राजबाड़ी के पांग्शा में अमृत मंडल उर्फ सम्राट की गणपिटाई में मौत, अंतरिम सरकार ने कहा सांप्रदायिक नहीं बल्कि अपराध से जुड़ी घटना। 
बांग्लादेश में राजबाड़ी के पांग्शा में अमृत मंडल उर्फ सम्राट की गणपिटाई में मौत, अंतरिम सरकार ने कहा सांप्रदायिक नहीं बल्कि अपराध से जुड़ी घटना। 

बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के पांग्शा उपजिला में 24 दिसंबर 2025 की रात को एक व्यक्ति की गणपिटाई से मौत हो गई। मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट के रूप में हुई है जो होसेंदांगा गांव का निवासी था। घटना रात करीब 11 बजे होसेंदांगा पुराने बाजार क्षेत्र में हुई जहां अमृत मंडल और उसके कुछ साथी एक स्थानीय निवासी शहीदुल इस्लाम के घर चांदा मांगने गए थे। घर वालों ने डाकू डाकू चिल्लाकर अलार्म उठाया जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और अमृत मंडल पर हमला कर दिया।

पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और अमृत मंडल को गंभीर हालत में बचाया। उन्हें पांग्शा उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने रात करीब 2 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमृत मंडल के साथी मौके से भाग निकले लेकिन एक साथी मोहम्मद सेलिम को लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने सेलिम से एक पिस्तौल और एक वन-शॉटर गन बरामद की। अमृत मंडल का शव पोस्टमॉर्टम के लिए राजबाड़ी सदर अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अमृत मंडल स्थानीय स्तर पर सम्राट बहिनी नामक एक समूह का नेता था और उसके खिलाफ पांग्शा पुलिस स्टेशन में हत्या सहित कम से कम दो मामले दर्ज थे जिनमें 2023 में दर्ज चांदाबाजी का मामला भी शामिल है। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अमृत मंडल लंबे समय से क्षेत्र में चांदाबाजी और अन्य गतिविधियों में शामिल था और वह कुछ समय भारत में छिपा हुआ था लेकिन हाल ही में लौटा था।

पांग्शा मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी शेख मोइनुल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि चांदाबाजी के आरोप में स्थिति बिगड़ गई और गणपिटाई हुई। पांग्शा सर्कल के सहायक पुलिस अधीक्षक देब्रत सरकार ने बताया कि पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और अमृत मंडल को बचाने की कोशिश की लेकिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस घटना में तीन मामले दर्ज किए हैं और जांच जारी है। अंतरिम सरकार ने 25 दिसंबर को एक बयान जारी कर इस घटना को दुखद बताया लेकिन स्पष्ट किया कि यह सांप्रदायिक हमला नहीं है बल्कि चांदाबाजी और अपराधी गतिविधियों से उत्पन्न हिंसक स्थिति का परिणाम है। बयान में अमृत मंडल को शीर्ष अपराधी बताया गया और कहा गया कि वह चांदा वसूलने गया था जिसके बाद स्थानीय लोगों से संघर्ष हुआ। सरकार ने ऐसी हिंसा की निंदा की और सभी पक्षों से कानूनी कार्रवाई का इंतजार करने की अपील की।

यह घटना कुछ दिनों पहले मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की गणपिटाई और हत्या के बाद हुई है। राजबाड़ी की यह घटना बांग्लादेश में गणपिटाई की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और आगे की जांच में सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। अमृत मंडल होसेंदांगा गांव के अक्षय मंडल के बेटे थे। घटना के समय उसके साथी चांदा वसूलने के इरादे से शहीदुल इस्लाम के घर गए थे। अलार्म उठने पर ग्रामीणों ने अमृत मंडल को पकड़ लिया और मारपीट की। उसके अन्य साथी भाग निकले। पुलिस ने सेलिम को हिरासत में लिया और हथियार जब्त किए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की। अमृत मंडल के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में हत्या और चांदाबाजी शामिल हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से उसके समूह की गतिविधियों से परेशान थे। अंतरिम सरकार ने बयान में कहा कि घटना अपराध से जुड़ी है और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश गलत है। यह मामला बांग्लादेश में कानून व्यवस्था और गणपिटाई की समस्या को सामने लाता है। पुलिस ने गिरफ्तारी की और जांच तेज कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।

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