Tech News: Google WeatherNext 2 लॉन्च: AI से आठ गुना तेज और 99.9 प्रतिशत चरों पर बेहतर मौसम पूर्वानुमान देने में हैं एक्सपर्ट।
गूगल ने मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के डीपमाइंड और रिसर्च टीम ने वेदरनेक्स्ट 2 नामक नया AI मॉडल लॉन्च किया
गूगल ने मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के डीपमाइंड और रिसर्च टीम ने वेदरनेक्स्ट 2 नामक नया AI मॉडल लॉन्च किया है, जो मौसम की भविष्यवाणी को तेज, सटीक और उच्च रिजॉल्यूशन वाला बनाता है। यह मॉडल पुराने वेदरनेक्स्ट मॉडल से 99.9 प्रतिशत चरों जैसे तापमान, हवा, नमी और वर्षा पर बेहतर प्रदर्शन करता है। 17 नवंबर 2025 को जारी इस मॉडल से अब गूगल के ऐप्स जैसे सर्च, जेमिनी, पिक्सल वेदर और गूगल मैप्स में मौसम की जानकारी अधिक विश्वसनीय होगी। यह बदलाव न सिर्फ आम लोगों के दैनिक जीवन को आसान बनाएगा, बल्कि ऊर्जा, कृषि और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा असर डालेगा।
वेदरनेक्स्ट 2 की मुख्य खासियत इसकी गति है। यह एक सिंगल स्टार्टिंग पॉइंट से सैकड़ों संभावित मौसम परिदृश्यों की भविष्यवाणी एक मिनट से कम समय में कर सकता है। पुराने फिजिक्स-बेस्ड मॉडल्स को सुपरकंप्यूटर पर घंटों लगते थे, लेकिन यह AI मॉडल गूगल के टीपीयू चिप पर इतनी तेजी से काम करता है। रिजॉल्यूशन भी एक घंटे तक का है, यानी अब आप अगले 15 दिनों के मौसम को घंटे के अंतराल पर जान सकेंगे। यह खासकर चरम मौसम घटनाओं जैसे तूफान, चक्रवात या हीटवेव के लिए उपयोगी है, जहां छोटी-छोटी अनिश्चितताएं बड़ी तबाही ला सकती हैं।
मॉडल का आधार फंक्शनल जेनरेटिव नेटवर्क या एफजीएन है। यह तकनीक मॉडल में नियंत्रित शोर या रैंडमनेस जोड़कर कई संभावनाओं को एक ही स्टेप में उत्पन्न करती है। पहले के मॉडल्स को एक पूर्वानुमान के लिए कई बार प्रोसेसिंग करनी पड़ती थी, लेकिन एफजीएन इससे बचाता है। मॉडल को व्यक्तिगत मौसम तत्वों या मार्जिनल्स पर ट्रेन किया गया है, जैसे तापमान या हवा की गति। फिर भी, यह जॉइंट्स यानी जटिल परस्पर जुड़े सिस्टम्स को सटीकता से भविष्यवाणी करता है। उदाहरण के लिए, यह पूरे क्षेत्र में हीटवेव का प्रभाव या एक विंड फार्म की कुल बिजली उत्पादन का अनुमान लगा सकता है।
गूगल के अनुसार, वेदरनेक्स्ट 2 ने पिछले मॉडल जेनकास्ट से 99.9 प्रतिशत वेरिएबल्स और लीड टाइम्स पर बेहतर स्कोर किया है। सीआरपीएस मेट्रिक पर औसतन 6.5 प्रतिशत सुधार हुआ है, और कुछ मामलों में 18 प्रतिशत तक। यह चक्रवात ट्रैकिंग में भी पारंपरिक मॉडल्स से आगे है, जो आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी ने इसे कोर फोरकास्टिंग सिस्टम में एकीकृत कर दिया है, जिससे सर्च में टाइप करने पर मौसम की जानकारी तुरंत अपडेट हो जाएगी। पिक्सल फोन यूजर्स को अब घंटेवार अलर्ट मिलेंगे, जैसे अचानक बारिश या हवा का बदलाव।
यह लॉन्च मौसम पूर्वानुमान के इतिहास में एक मोड़ है। पहले, मौसम विज्ञान फिजिक्स के नियमों पर आधारित न्यूमेरिकल वेदर प्रेडिक्शन या एनडब्ल्यूपी पर निर्भर था, जो सुपरकंप्यूटर पर चलता था। लेकिन AI ने पैटर्न रिकग्निशन से इसे बदल दिया। गूगल डीपमाइंड ने 2023 में ग्राफकास्ट और 2024 में जेनकास्ट लॉन्च किया था, जो पहले ही विश्व स्तरीय मॉडल्स से बेहतर थे। वेदरनेक्स्ट 2 इनका अगला कदम है, जो प्रोबेबिलिस्टिक फोरकास्टिंग पर फोकस करता है। यानी यह सिर्फ सबसे संभावित परिणाम नहीं, बल्कि सभी संभावनाओं का रेंज बताता है, जिसमें दुर्लभ लेकिन विनाशकारी घटनाएं भी शामिल हैं।
उपभोक्ताओं के लिए, यह बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेगा। कल्पना कीजिए, आप यात्रा प्लान कर रहे हैं और गूगल मैप्स आपको न सिर्फ ट्रैफिक, बल्कि घंटेवार मौसम अपडेट देता है। अगर तूफान आने की संभावना है, तो वैकल्पिक रूट सुझाएगा। जेमिनी AI चैटबॉट अब मौसम आधारित सलाह देगा, जैसे कपड़े चुनने या आउटडोर इवेंट रद्द करने की। पिक्सल वेदर ऐप में अब अधिक सटीक हाइपरलोकल फोरकास्ट मिलेंगे, जो शहर के हर कोने के लिए अलग-अलग होंगे। गूगल मैप्स प्लेटफॉर्म के वेदर एपीआई में भी यह एकीकृत हो रहा है, जो डेवलपर्स को अपने ऐप्स में इस्तेमाल करने की सुविधा देगा।
व्यवसायों के लिए अवसर अनगिनत हैं। ऊर्जा क्षेत्र में, विंड फार्म्स को हवा की सटीक भविष्यवाणी से बिजली उत्पादन का बेहतर अनुमान लगेगा, जो ग्रिड स्थिरता बढ़ाएगा। कृषि में, किसान 15 दिनों पहले वर्षा या सूखे की भविष्यवाणी से फसल बोने या सिंचाई का प्लान बना सकेंगे। परिवहन कंपनियां उड़ानों या शिपमेंट को मौसम जोखिमों से बचाएंगी। गूगल क्लाउड के वर्टेक्स AI पर अर्ली एक्सेस प्रोग्राम शुरू हो गया है, जहां कंपनियां कस्टम मॉडल चला सकती हैं। अर्थ इंजन और बिगक्वेरी पर फोरकास्ट डेटा उपलब्ध है, जो रिसर्चर्स को जलवायु विश्लेषण में मदद करेगा।
पर्यावरणीय संदर्भ में, यह मॉडल जलवायु परिवर्तन से लड़ने में सहायक है। चरम मौसम घटनाएं बढ़ रही हैं, और सटीक पूर्वानुमान से नुकसान कम किया जा सकता है। गूगल ने बताया कि यह मॉडल साइक्लोन प्रेडिक्शन्स में पहले से इस्तेमाल हो रहा है, जहां मौसम एजेंसियां कई परिदृश्यों पर फैसले ले रही हैं। हालांकि, सीमाएं भी हैं। AI मॉडल्स ऐतिहासिक डेटा पर ट्रेन होते हैं, इसलिए असामान्य घटनाओं में कभी-कभी गलती हो सकती है। गूगल इसे सुधारने पर काम कर रहा है, जैसे नए डेटा सोर्स जोड़कर।
वैश्विक स्तर पर, वेदरनेक्स्ट 2 अन्य AI मॉडल्स से प्रतिस्पर्धा करेगा। एनवीडिया का फोरकास्टनेट और हुवावे का पंगू-वेदर पहले से मौजूद हैं, लेकिन गूगल की पहुंच और एकीकरण इसे आगे रखता है। यह लॉन्च गूगल को मौसम पूर्वानुमान के लीडर के रूप में स्थापित करता है। भविष्य में, कंपनी नए डेटा सोर्स जैसे सैटेलाइट इमेजरी जोड़ने की योजना बना रही है, जो सटीकता और बढ़ाएगा।
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