जानिए आपके शहर में 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें- शहरों के नवीनतम अपडेट के साथ
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट ला
आज 12 सितंबर 2025 को भारत के विभिन्न महानगरों और राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। हाल के दिनों में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की-फुल्की उथल-पुथल देखने को मिली है, लेकिन घरेलू स्तर पर सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक उपभोक्ताओं को राहत या बोझ डालने वाला कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के अलावा लखनऊ, नोएडा, आगरा, असम और बिहार जैसे राज्यों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग कल जैसे ही बने रहे।
आज के पेट्रोल और डीजल के दाम (₹/लीटर)
|
शहर / राज्य |
पेट्रोल |
डीजल |
|
नई दिल्ली |
₹94.77 |
₹87.67 |
|
नोएडा |
₹94.87 |
₹88.01 |
|
लखनऊ |
₹94.69 |
₹87.81 |
|
आगरा |
₹94.42 |
₹87.33 |
|
असम (गुवाहाटी) |
₹98.23 |
₹89.97 |
|
मुंबई |
₹103.50 |
₹90.03 |
|
कोलकाता |
₹105.41 |
₹92.02 |
|
चेन्नई (तमिलनाडु) |
₹100.80 |
₹92.39 |
|
पटना (बिहार) |
₹105.60 |
₹91.83 |
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, विदेशी मुद्रा दर, कर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट आदि को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करती हैं।
आज के दिन यानी 12 सितंबर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन उतार-चढ़ावों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
दिल्ली जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में दाम थोड़े अलग हैं क्योंकि यहां यूपी सरकार का वैट लागू होता है। लखनऊ और आगरा में भी यही कारण कीमतों में थोड़ा अंतर लाता है।
मुंबई, जो देश की वित्तीय राजधानी है, वहां पेट्रोल की कीमत ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। मुंबई में दाम अधिक होने की वजह उच्च वैट और परिवहन लागत है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
पूर्वोत्तर भारत के असम में पेट्रोल ₹98.23 और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर मिल रहा है। असम जैसे राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां और परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित करती हैं। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹105.60 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे अधिक दाम वाले राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, आज का दिन उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता लेकर आया है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उथल-पुथल होती है तो आने वाले समय में इसका असर भारत की घरेलू ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इन दामों में स्थिरता महंगाई नियंत्रण के लिए अहम मानी जाती है।
आज की दरों पर यदि नजर डालें तो देखा जा सकता है कि चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 94 से 105 रुपये के बीच और डीजल की कीमतें 87 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। यह अंतर मुख्यतः राज्यों के टैक्स ढांचे के कारण है।
सारांश यह है कि 12 सितंबर 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग सभी जगहों पर स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को न राहत मिली और न अतिरिक्त बोझ। आगे आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार का फैसला कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगा।
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