06 फरवरी 2026: भारत में कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव - सोना, चांदी और प्लैटिनम के नवीनतम भाव।
भारतीय बाजार में सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं
06 फरवरी 2026 को भारतीय बाजार में सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के प्रभाव से कीमती धातुओं के बाजार में हलचल मची रही। सोना, जो हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद रहा है, ने इस दिन विभिन्न शहरों में अलग-अलग स्तर दिखाए, जबकि चांदी और प्लैटिनम के भाव में भी क्षेत्रीय विविधताएं नजर आईं। इस रिपोर्ट में हम दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुम्बई, असम (गुवाहाटी), चेन्नई (तमिलनाडु के लिए), मध्य प्रदेश (भोपाल), राजस्थान (जयपुर) जैसे प्रमुख स्थानों पर इन धातुओं के भाव की विस्तृत जानकारी देंगे। यह जानकारी प्रमुख वित्तीय वेबसाइटों और बाजार स्रोतों से सत्यापित की गई है।
सोने के बाजार को समझने के लिए सबसे पहले वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालें। 2026 में सोने की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फरवरी के शुरुआती दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की अफवाहों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण बाजार में अस्थिरता आई। जनवरी 2026 के अंत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थीं, लेकिन फरवरी में मामूली गिरावट देखी गई। भारत में, सोने की मांग त्योहारों और शादियों के मौसम के कारण हमेशा ऊंची रहती है, लेकिन इस साल मुद्रास्फीति और रुपये की कमजोरी ने कीमतों को प्रभावित किया। 06 फरवरी को, 24 कैरेट सोने की औसत कीमत लगभग 15,370 रुपये प्रति ग्राम के आसपास रही, जबकि 22 कैरेट 14,089 रुपये और 18 कैरेट 11,527 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा था। चांदी की बात करें तो, यह औसतन 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो औद्योगिक मांग के कारण स्थिर बनी हुई थी। प्लैटिनम, जो ज्वेलरी और ऑटोमोबाइल उद्योग में उपयोग होता है, 5,666 रुपये प्रति ग्राम पर रहा, जो राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान था।
भारतीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें शहरों के अनुसार बदलती हैं, क्योंकि स्थानीय कर, परिवहन लागत और बाजार की मांग इनमें अंतर पैदा करती है। उदाहरण के लिए, उत्तर भारत के शहरों जैसे दिल्ली और नोएडा में सोने के भाव दक्षिण भारत के चेन्नई से अलग होते हैं, क्योंकि वहां जीएसटी और अन्य शुल्कों का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है। हमने इन भावों को गुडरिटर्न्स जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से लिया है और अन्य स्रोतों जैसे बैंकबाजार, फाइनेंशियल एक्सप्रेस और आईबीजेए से सत्यापित किया है। इन स्रोतों से मिली जानकारी में मामूली अंतर थे, लेकिन औसतन वे एकसमान थे। जैसे, दिल्ली में 24 कैरेट सोना गुडरिटर्न्स पर 15,386 रुपये प्रति ग्राम था, जबकि फाइनेंशियल एक्सप्रेस पर यह 15,311 रुपये के करीब था। हमने सबसे सटीक और अपडेटेड डेटा का उपयोग किया है।
अब बात करें सोने की विभिन्न कैरेट श्रेणियों की। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है और निवेश के लिए आदर्श माना जाता है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी बनाने में उपयोग होते हैं। 06 फरवरी को, उत्तर प्रदेश के शहरों में सोने के भाव में स्थिरता थी, लेकिन छोटे शहरों जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी और हरदोई में अलग से डेटा उपलब्ध न होने के कारण हमने निकटतम शहर लखनऊ के भाव का उपयोग किया है। यह एक सामान्य प्रथा है, क्योंकि छोटे शहरों के बाजार बड़े शहरों से प्रभावित होते हैं। इसी तरह, असम के लिए गुवाहाटी, मध्य प्रदेश के लिए भोपाल और राजस्थान के लिए जयपुर के भाव लिए गए हैं। चांदी के भाव भी शहरों के अनुसार थोड़े अलग थे, लेकिन प्लैटिनम का भाव पूरे देश में एकसमान रहा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं जैसे मध्य पूर्व के तनाव और अमेरिकी चुनाव के प्रभाव से निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले साल की तुलना में, फरवरी 2025 में सोने की कीमतें लगभग 10-15% कम थीं, लेकिन 2026 में वृद्धि देखी जा रही है। चांदी की मांग इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी सेक्टर से बढ़ रही है, जिससे इसके भाव में उछाल की संभावना है। प्लैटिनम, जो दुर्लभ धातु है, की कीमतें ऑटोमोबाइल उत्सर्जन नियंत्रण में उपयोग के कारण स्थिर बनी हुई हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे लंबी अवधि के लिए सोना खरीदें, लेकिन अल्पावधि में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखें।
आइए अब विस्तृत भावों पर नजर डालें। नीचे दी गई तालिका में सभी जगहों के भाव एक जगह पर संकलित किए गए हैं। भाव रुपये में हैं, सोना प्रति ग्राम, चांदी प्रति किलोग्राम और प्लैटिनम प्रति ग्राम।
|
जगह |
18 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
चांदी (प्रति किलोग्राम) |
प्लैटिनम (प्रति ग्राम) |
|
दिल्ली |
11,543 |
14,105 |
15,386 |
2,74,900 |
5,666 |
|
नोएडा |
11,543 |
14,105 |
15,386 |
2,75,000 |
5,666 |
|
लखनऊ |
11,543 |
14,105 |
15,386 |
2,74,900 |
5,666 |
|
कानपुर |
11,542 |
14,104 |
15,385 |
2,74,900 |
5,666 |
|
बरेली |
11,543 |
14,105 |
15,386 |
2,75,000 |
5,666 |
|
शाहजहांपुर |
11,543 (लखनऊ आधारित) |
14,105 (लखनऊ आधारित) |
15,386 (लखनऊ आधारित) |
2,74,900 (लखनऊ आधारित) |
5,666 |
|
बाराबंकी |
11,543 (लखनऊ आधारित) |
14,105 (लखनऊ आधारित) |
15,386 (लखनऊ आधारित) |
2,74,900 (लखनऊ आधारित) |
5,666 |
|
मुरादाबाद |
11,543 |
14,105 |
15,386 |
2,75,000 |
5,666 |
|
आगरा |
11,542 |
14,104 |
15,385 |
2,74,900 |
5,666 |
|
हरदोई |
11,543 (लखनऊ आधारित) |
14,105 (लखनऊ आधारित) |
15,386 (लखनऊ आधारित) |
2,74,900 (लखनऊ आधारित) |
5,666 |
|
कोलकाता |
11,527 |
14,089 |
15,370 |
2,74,900 |
5,666 |
|
पुणे |
11,527 |
14,089 |
15,370 |
2,74,900 |
5,666 |
|
मुम्बई |
11,527 |
14,089 |
15,370 |
2,74,900 |
5,666 |
|
असम (गुवाहाटी) |
11,527 |
14,089 |
15,370 |
2,74,900 |
5,666 |
|
चेन्नई (तमिलनाडु) |
12,199 |
14,249 |
15,545 |
2,74,900 |
5,666 |
|
मध्य प्रदेश (भोपाल) |
11,533 |
14,095 |
15,376 |
2,75,000 |
5,666 |
|
राजस्थान (जयपुर) |
11,542 |
14,104 |
15,385 |
2,74,900 |
5,666 |
इस तालिका से स्पष्ट है कि चेन्नई में सोने के भाव अन्य शहरों से थोड़े ऊंचे थे, जो दक्षिण भारत की मजबूत मांग को दर्शाता है। वहीं, कोलकाता, पुणे और मुम्बई में भाव एकसमान रहे, जो पश्चिमी और पूर्वी बाजारों की समानता दिखाते हैं। छोटे शहरों में लखनऊ के भाव का उपयोग किया गया, क्योंकि वे क्षेत्रीय रूप से जुड़े हैं। इन भावों की सत्यापन के लिए हमने कई स्रोतों का क्रॉस-चेक किया। उदाहरण के लिए, बैंकबाजार पर प्लैटिनम का भाव 5,666 रुपये प्रति ग्राम था, जो गुडरिटर्न्स से मेल खाता है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस पर दिल्ली का 24 कैरेट सोना 15,311 रुपये था, जो हमारे डेटा से करीब है। आईबीजेए पर 24 कैरेट 15,148 रुपये था, जो मामूली अंतर दिखाता है, लेकिन बाजार की गतिशीलता के कारण सामान्य है।
कीमती धातुओं के बाजार में निवेश करने से पहले, कई कारकों पर विचार करें। सोना मुद्रास्फीति के खिलाफ हेज के रूप में काम करता है, लेकिन अल्पावधि में जोखिम भरा हो सकता है। 2026 में, विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोना 16,000 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच सकता है, लेकिन वैश्विक घटनाएं जैसे व्यापार युद्ध या महामारी इसका प्रभाव बदल सकती हैं। चांदी औद्योगिक उपयोग के कारण अधिक अस्थिर है, जबकि प्लैटिनम पर्यावरणीय नीतियों से प्रभावित होता है। भारत में, सोने पर 3% जीएसटी लगता है, जो खरीदारी की लागत बढ़ाता है। निवेशकों को सलाह है कि वे प्रमाणित विक्रेताओं से खरीदें और बाजार ट्रेंड्स को ट्रैक करें।
ऐतिहासिक रूप से, भारत में सोना सांस्कृतिक महत्व रखता है। प्राचीन काल से, सोना धन और समृद्धि का प्रतीक रहा है। ब्रिटिश काल में सोने का आयात बढ़ा, और आजादी के बाद रिजर्व बैंक ने सोने को रिजर्व एसेट बनाया। 1990 के दशक में आर्थिक सुधारों ने सोने के बाजार को खोला, और अब एमसीएक्स जैसे एक्सचेंज पर ट्रेडिंग होती है। 2020 की महामारी में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचीं, और 2026 में भी इसी ट्रेंड की उम्मीद है। चांदी का उपयोग ज्वेलरी के अलावा सिक्कों और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है, जबकि प्लैटिनम आधुनिक उद्योगों में महत्वपूर्ण है।
निवेश की रणनीति के रूप में, सोने में एसआईपी या ईटीएफ के माध्यम से निवेश करें। 06 फरवरी के भाव से, अगर आप दिल्ली में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना खरीदते हैं, तो लागत लगभग 1,53,860 रुपये होगी। इसी तरह, चांदी की 1 किलोग्राम खरीद 2,74,900 रुपये की होगी। प्लैटिनम में निवेश दुर्लभ है, लेकिन यह विविधीकरण के लिए अच्छा है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबी अवधि में ये धातुएं लाभदायक साबित होती हैं।
अंत में, 06 फरवरी 2026 के भाव बाजार की स्थिरता दर्शाते हैं, लेकिन भविष्य में बदलाव संभव हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें और सत्यापित स्रोतों से जानकारी लें। यह रिपोर्ट बाजार की गहन समझ प्रदान करती है, ताकि आप सूचित निर्णय ले सकें।
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