"पाकिस्तान-कतर का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास..." अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान पर अपनी ही पार्टी में घिरे
US Politics News: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान समर्थक बयान पर रिपब्लिकन सीनेटरों ने कतर और पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास की ओर इशारा किया है।

- US Politics: वेंस के 'पाकिस्तान प्रेम' पर भड़के अमेरिकी सीनेटर, कतर और पाक के आतंकी इतिहास को लेकर घेरा
- US Senator On Pakistan: "आतंकवादियों को पनाह देने का रहा इतिहास", जेडी वेंस के बयान के बाद रिपब्लिकन सीनेटरों का बड़ा हमला
- अंतरराष्ट्रीय विवाद: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के 'पाकिस्तान प्रेम' पर रिपब्लिकन सीनेटरों ने उठाए सवाल, आतंकवाद का दिलाया याद
अमेरिका की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति के मोर्चे पर एक बड़ा विरोधाभास उभरकर सामने आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस (JD Vance) द्वारा वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के प्रति अपनी कूटनीतिक गर्मजोशी दिखाने के बाद उनकी अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से तीखे सुर उठने लगे हैं। स्विट्जरलैंड में एक बहुपक्षीय वार्ता के दौरान उपराष्ट्रपति वेंस के "हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं" वाले बयान के जवाब में दो प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटरों ने कतर और पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने के लंबे और विवादित इतिहास की ओर इशारा करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है। सीनेटर रिक स्कॉट ने सोमवार (22 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा कर पूरी विदेश नीति और रणनीतिक साझेदारी पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस आंतरिक टकराव ने आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन की मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया नीति को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ एक संभावित शांति समझौते की तकनीकी बारीकियों को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय उच्चस्तरीय बैठक चल रही थी। इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पाकिस्तान और कतर के शीर्ष नेताओं के साथ मंच साझा कर रहे थे। इसी दौरान कूटनीतिक चर्चाओं के बीच वेंस ने पाकिस्तान के प्रति बेहद दोस्ताना रुख अपनाते हुए प्यार जताने वाले बयान दिए। जैसे ही यह बयान वॉशिंगटन पहुंचा, अमेरिकी सीनेट के वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्यों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई। सीनेटरों का तर्क है कि ऐसे देशों को लेकर अत्यधिक नरमी दिखाना, जिन्होंने वैश्विक आतंकवाद को अपनी जमीन पर फलने-फूलने का मौका दिया, अमेरिका के राष्ट्रीय हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है।
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "अब तक सभी को यह साफ हो जाना चाहिए कि हमारे असली दोस्त कौन हैं और कौन नहीं। कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का एक लंबा और स्थापित इतिहास रहा है।"
सीनेटरों ने अमेरिका के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक और अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से याद दिलाया कि कैसे लादेन वर्षों तक पाकिस्तानी सरजमीं पर सुरक्षित छिपा रहा था।
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा स्विट्जरलैंड में "हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं" कहने पर अमेरिका में ही सियासी घमासान छिड़ गया है। रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने वेंस को घेरते हुए कहा कि पाकिस्तान और कतर का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और वे ईरान के आतंकी अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।
स्कॉट ने अपने बयान को और धार देते हुए कहा कि मौजूदा समय में भी ये देश किसी सार्थक और टिकाऊ वैश्विक शांति को स्थापित करने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकी अभियान और उसकी आक्रामक गतिविधियों को परोक्ष रूप से बढ़ावा देने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। इस बयानबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी प्रशासन के भीतर जहां एक धड़ा कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए ईरान, कतर और पाकिस्तान के साथ कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं सीनेट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी इन देशों को संदेह के घेरे में रखता है।डी वेंस के कार्यालय की ओर से अभी तक सीनेटरों के इस सार्वजनिक हमले पर कोई विस्तृत सफाई नहीं दी गई है। हालांकि, प्रशासन के करीबी विमर्शकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ताओं और समझौतों के दौरान इस तरह के शिष्टाचार और बयानों का उद्देश्य वार्ता की मेज पर मौजूद पक्षों के बीच भरोसा कायम करना होता है, न कि उनके पुराने इतिहास को क्लीन चिट देना। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सीनेटर स्कॉट के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। वहीं कतर के राजनयिकों ने भी मध्य-पूर्व में अपनी मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका को लेकर अमेरिकी प्रतिबद्धता का हवाला दिया है। रिक स्कॉट के अलावा अन्य सुरक्षा मामलों की कमेटियों से जुड़े सीनेटरों ने भी स्पष्ट किया है कि वे आतंकवाद को वित्तीय सहायता और पनाह देने वाले देशों के साथ किसी भी तरह के वित्तीय या रक्षा समझौतों की बारीकी से समीक्षा करेंगे।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति द्वारा किसी भी देश के साथ किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय समझौतों को अंततः अमेरिकी सीनेट की मंजूरी की आवश्यकता होती है। सीनेटरों का यह कड़ा रुख दिखाता है कि ईरान या पाकिस्तान से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को आसानी से मंजूरी नहीं मिलेगी। जेडी वेंस के बयानों के बाद जहां पाकिस्तान उत्साहित था, वहीं सीनेटरों के इस कड़े पलटवार से इस्लामाबाद के रणनीतिक हलकों में यह संदेश गया है कि अमेरिका की दीर्घकालिक नीति अभी भी उनके प्रति पूरी तरह सहज नहीं है। कतर और पाकिस्तान के रुख पर सवाल उठने से ईरान के साथ चल रही शांति समझौते की तकनीकी बारीकियों से जुड़े विमर्श की क्रेडिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।
आने वाले दिनों में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की विदेश मामलों की समितियों में इस कूटनीतिक वार्ता और उपराष्ट्रपति के बयानों को लेकर तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं। सीनेटर रिक स्कॉट और उनके सहयोगी सीनेटर प्रशासन से इस बात का लिखित स्पष्टीकरण मांग सकते हैं कि कतर और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के ताजा इनपुट्स क्या हैं। वहीं, जेडी वेंस को अपनी ही पार्टी के सांसदों को यह समझाने की चुनौती होगी कि वैश्विक कूटनीति के वर्तमान दौर में ईरान और उसके समर्थित नेटवर्क को शांत करने के लिए पाकिस्तान और कतर जैसे देशों को साथ लेकर चलना क्यों अपरिहार्य हो गया है।
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