सर्जरी के बाद कैसी है तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की सेहत? अस्पताल पहुंचकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की मुलाकात
Dalai Lama Health Update: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

- Kiren Rijiju Meets Dalai Lama: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की दलाई लामा से मुलाकात, सर्जरी के बाद जाना स्वास्थ्य का हाल
- Dalai Lama Health Update: घुटने के ऑपरेशन के बाद तेजी से ठीक हो रहे हैं दलाई लामा, नई दिल्ली में मिले मंत्री किरेन रिजिजू
- Dalai Lama Health Status: घुटने की सफल सर्जरी के बाद स्वस्थ हैं दलाई लामा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली में की मुलाकात
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार (26 जून 2026) को नई दिल्ली में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से विशेष मुलाकात की। हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बाएं घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने वाले 90 वर्षीय दलाई लामा का हालचाल जानने के लिए केंद्रीय मंत्री पहुंचे थे। मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने बताया कि परम पावन दलाई लामा का स्वास्थ्य अब काफी बेहतर है और वे बहुत तेजी से रिकवर कर रहे हैं। दलाई लामा के आधिकारिक कार्यालय ने भी पुष्टि की है कि उनका घुटना रिप्लेसमेंट ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और वे वर्तमान में डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम की देखरेख में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च गुरु दलाई लामा के चिकित्सा उपचार और उसके बाद उनसे मिलने पहुंचे भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री किरेन रिजिजू की शिष्टाचार मुलाकात से संबंधित है। बढ़ती उम्र के कारण घुटनों की समस्या से जूझ रहे दलाई लामा को हाल ही में नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनके बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी (Knee Replacement Surgery) की। उनके ऑपरेशन के बाद देश-विदेश से उनके अनुयायी उनकी सेहत को लेकर चिंतित थे। इसी सिलसिले में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उनसे साक्षात भेंट की और उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
90 वर्ष की आयु में भी वैश्विक स्तर पर सक्रिय रहने वाले दलाई लामा पिछले कुछ समय से चलने-फिरने में तकलीफ महसूस कर रहे थे। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दिल्ली लाया गया, जहां पूरी जांच के बाद घुटने का ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया। अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जनों की टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
सर्जरी के बाद जब उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया और स्थिति पूरी तरह स्थिर हुई, तब शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू उनसे मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी आत्मीय माहौल देखा गया। रिजिजू ने दलाई लामा का हाथ थामकर उनके स्वास्थ्य की प्रगति के बारे में डॉक्टरों से भी चर्चा की। इस मुलाकात की तस्वीरें और विवरण साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि आध्यात्मिक गुरु की चेतना और ऊर्जा हमेशा की तरह सकारात्मक और प्रेरणादायक बनी हुई है।
मुलाकात के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपना बयान जारी करते हुए कहा, "परम पावन दलाई लामा जी से नई दिल्ली में मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना हमेशा सौभाग्य की बात होती है। मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि उनकी घुटने की सर्जरी पूरी तरह सफल रही है और वे बहुत तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनकी अच्छी सेहत के लिए करोड़ों लोगों की प्रार्थनाएं उनके साथ हैं।"
वहीं दूसरी ओर, दलाई लामा के आधिकारिक कार्यालय (Office of His Holiness the Dalai Lama) ने एक बयान जारी कर डॉक्टरों की टीम, अस्पताल प्रशासन और भारत सरकार के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। कार्यालय ने समर्थकों को आश्वस्त किया कि घुटने के रिप्लेसमेंट के बाद की फिजियोथेरेपी और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
दलाई लामा का भारत में होना और केंद्रीय मंत्रियों का उनसे लगातार संपर्क में रहना भारत-तिब्बत संबंधों और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत हमेशा से दलाई लामा को एक सम्मानित आध्यात्मिक अतिथि और गुरु मानता आया है। उनकी सफल सर्जरी और उसके तुरंत बाद सरकार के वरिष्ठ मंत्री की इस मुलाकात से तिब्बती समुदाय और बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच एक बेहद सकारात्मक संदेश गया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत सरकार दलाई लामा की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है।
चिकित्सकों के अनुसार, घुटने के रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के बाद पूर्ण रूप से चलने-फिरने में थोड़ा समय लगता है। दलाई लामा को अभी कुछ और दिन नई दिल्ली में ही डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में आराम करने की सलाह दी गई है। नियमित फिजियोथेरेपी सत्रों के बाद जब उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी, तब वे वापस हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अपने स्थायी निवास लौटेंगे। उनके कार्यालय का कहना है कि आने वाले कुछ हफ्तों के लिए उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों को फिलहाल स्थगित रखा गया है ताकि वे पूरी तरह आराम कर सकें।
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