UP BJP New Team: यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का ऐलान, नीरज सिंह बने उपाध्यक्ष; 27 पदाधिकारी शामिल
UP BJP New Team 2026: यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई संगठनात्मक टीम घोषित कर दी है। टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री शामिल किए गए हैं।

- यूपी बीजेपी में बड़ा फेरबदल: पंकज चौधरी की नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर, देखें पूरी लिस्ट
- यूपी बीजेपी की नई टीम घोषित: राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, पंकज चौधरी ने साधा जातीय समीकरण
- UP BJP Team: उत्तर प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी का एलान, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सूबे में अपने सांगठनिक ढांचे को पूरी तरह से नया रूप दे दिया है। यूपी बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में अपनी नई प्रांतीय टीम (UP BJP New Team) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस नई टीम में कुल 19 उपाध्यक्ष (Vice Presidents) और 8 प्रदेश महामंत्रियों (General Secretaries) को शामिल किया गया है। इस सांगठनिक फेरबदल की सबसे बड़ी हाईलाइट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में मिली बड़ी जिम्मेदारी है। इस कदम के जरिए भाजपा ने राज्य में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को एक साथ साधने की बड़ी कवायद की है।
लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में सांगठनिक बदलावों की जो सुगबुगाहट चल रही थी, उसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है। यूपी बीजेपी के नए बॉस पंकज चौधरी ने केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद अपनी प्रदेश टीम के पदाधिकारियों के नामों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस बार 'एक व्यक्ति, एक पद' और 'सोशल इंजीनियरिंग' के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन किया है। नई टीम में पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवाओं को भी भरपूर मौका दिया गया है ताकि आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को अत्यधिक धारदार बनाया जा सके। इस पूरी लिस्ट में सबसे चर्चित नाम नीरज सिंह का है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह लंबे समय से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर युवाओं के बीच सक्रिय रहे हैं। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की कमान सौंपकर पार्टी ने युवाओं और अगड़ी जातियों के बीच एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।
अध्यक्ष पंकज चौधरी (जो खुद ओबीसी के एक मजबूत कुर्मी चेहरे हैं) ने अपनी टीम में दलित, अति पिछड़ा (OBC) और सामान्य वर्ग के बीच सटीक संतुलन बिठाया है। 19 उपाध्यक्षों की सूची में पश्चिमी यूपी के जाट और गुर्जर चेहरों से लेकर पूर्वांचल के भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत नेताओं को जगह मिली है। संगठन की रीढ़ माने जाने वाले महामंत्री पद पर जिन 8 नेताओं को नियुक्त किया गया है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत सांगठनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, काशी और गोरखपुर जैसे सभी 6 सांगठनिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व इस नई सूची में साफ तौर पर झलक रहा है।
नई टीम की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, "हमारी यह नई टीम पूरी तरह से सर्वसमावेशी है। इसमें समाज के हर तबके, हर क्षेत्र और महिलाओं को उचित स्थान दिया गया है। हम सभी मिलकर सामूहिक नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों को जनता तक ले जाएंगे और 2027 के चुनाव में फिर से प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएंगे।"
वहीं, नए नियुक्त पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय आलाकमान और राज्य नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। नव-नियुक्त उपाध्यक्ष नीरज सिंह के समर्थकों में इस फैसले के बाद भारी उत्साह देखा जा रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे (सपा-कांग्रेस) ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि केवल चेहरे बदलने से भाजपा की नीतियां नहीं बदलेंगी और जनता मन बना चुकी है। पिछले कुछ समय से संगठन में बदलाव का इंतजार कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं को इस फेरबदल से नई ऊर्जा मिली है। नए चेहरों के आने से जिला स्तर पर भी बदलाव के रास्ते खुलेंगे। विपक्ष के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को काउंटर करने के लिए भाजपा ने अपनी इस टीम में गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित चेहरों को भारी तवज्जो दी है, जिससे आगामी चुनावों में वोटों का ध्रुवीकरण अपने पाले में किया जा सके। पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक के कद्दावर नेताओं को टीम में शामिल कर क्षेत्रीय असंतोष को पूरी तरह से थामने का प्रयास किया गया है।
प्रदेश पदाधिकारियों की इस मुख्य सूची के एलान के बाद अब अगले चरण में विभिन्न मोर्चों (युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा) और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों तथा जिला अध्यक्षों की सूची जारी की जाएगी। पंकज चौधरी के नेतृत्व में यह नई टीम जल्द ही लखनऊ के राज्य मुख्यालय में अपनी पहली औपचारिक बैठक करेगी, जिसमें आगामी महीनों में होने वाले संगठनात्मक दौरों, बूथ स्तर की कमेटियों के पुनर्गठन और जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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