Gold Rate Today 26 June 2026: आज क्या है सोने, चांदी और प्लैटिनम का भाव? जानिए देश के प्रमुख शहरों के रेट्स

Gold Silver Price Today 26 June 2026: दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, मुंबई, कोलकाता सहित देश के विभिन्न राज्यों में 18, 22, 24 कैरेट सोने, चांदी और प्लैटिनम के ताजा भाव देखें।

Jun 26, 2026 - 12:46
 0  1
Gold Rate Today 26 June 2026: आज क्या है सोने, चांदी और प्लैटिनम का भाव? जानिए देश के प्रमुख शहरों के रेट्स
Gold Price Today
  • Gold Silver Price 26 June 2026: दिल्ली, यूपी से मुंबई तक सोने-चांदी के दाम में बदलाव, देखें लेटेस्ट रेट्स
  • सोना-चांदी और प्लैटिनम की नई दरें जारी: 18K, 22K और 24K सोने के दाम में बड़ा उलटफेर, खरीदने से पहले देखें आज की तालिका
  • सराफा बाजार अपडेट: 26 जून 2026 को देश भर में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में उतार-चढ़ाव, महानगरों में बदले रेट

भारतीय सराफा बाजार में आज 26 जून 2026 को सोने, चांदी और प्लैटिनम की नई कीमतें जारी हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट (Comex) में बहुमूल्य धातुओं के दामों में आई स्थिरता और डॉलर इंडेक्स के रुख के बीच घरेलू बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों और बड़े शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, मुंबई, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सोने के 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट के साथ-साथ चांदी और प्लैटिनम के भाव सुबह-सुबह अपडेट किए गए हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स, माल ढुलाई शुल्क और ज्वेलरी मेकिंग चार्जेस में भिन्नता होने के कारण खुदरा कीमतों में थोड़ा अंतर बना हुआ है। यदि आप भी आज आभूषण खरीदने या कीमती धातुओं में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए विभिन्न शहरों की सटीक दरों की समीक्षा करना आवश्यक है।

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों का असर लगातार बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर बना हुआ है। चालू जून महीने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और भू-राजनीतिक तनाव में आई आंशिक कमी की वजह से सराफा बाजार में निवेशकों की धारणा बदली है। वैश्विक स्तर पर जब भी डॉलर मजबूत स्थिति में आता है, तो सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में मुनाफावसूली बढ़ जाती है, जिससे खुदरा कीमतों में नरमी का रुख देखने को मिलता है। भारतीय बाजार में भी आयात शुल्क और स्थानीय स्तर पर लगने वाले तीन प्रतिशत जीएसटी के कारण अंतिम खुदरा मूल्य तय होता है। आज सुबह जारी हुई व्यापारिक रिपोर्ट के अनुसार, महानगरों में कीमतों के पुराने स्तर पर आंशिक सुधार देखा गया है, जिससे खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए बाजार में नई गतिविधियां तेज हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा और मुरादाबाद के सराफा बाजारों में पारंपरिक तौर पर 22 कैरेट सोने की मांग सबसे अधिक रहती है क्योंकि इसका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले नोएडा में कीमतों का अंतर केवल स्थानीय चुंगी और परिवहन लागत के कारण होता है। अपेक्षाकृत छोटे जिलों जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी और हरदोई में भी आपूर्ति श्रृंखला के खर्च जुड़ने से रेट में कुछ रुपयों का अंतर साफ देखा जा सकता है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पड़ोसी शहर पुणे में महाराष्ट्र सरकार के कर ढांचे के आधार पर चांदी और प्लैटिनम के दाम तय किए जा रहे हैं। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु और उसकी राजधानी चेन्नई में सोने की खपत देश में सबसे अधिक होने के कारण वहाँ के बाजार स्वतंत्र रूप से कीमतों को प्रभावित करते हैं, जबकि असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में क्षेत्रीय मांग के हिसाब से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

शहर/राज्य 24K सोना (₹/10g) 22K सोना (₹/10g) 18K सोना (₹/10g) चांदी (₹/kg) प्लैटिनम (₹/10g)
दिल्ली 1,41,750 1,29,950 1,06,350 2,40,000 47,530
नोएडा 1,41,700 1,29,900 1,06,300 2,40,000 47,530
लखनऊ 1,41,600 1,29,800 1,06,200 2,40,000 47,530
कानपुर 1,41,550 1,29,750 1,06,150 2,40,000 47,530
बरेली 1,41,580 1,29,780 1,06,180 2,40,000 47,530
शाहजहांपुर 1,41,560 1,29,760 1,06,160 2,40,000 47,530
बाराबंकी 1,41,650 1,29,850 1,06,250 2,40,000 47,530
मुरादाबाद 1,41,700 1,29,900 1,06,300 2,40,000 47,530
आगरा 1,41,520 1,29,720 1,06,120 2,40,000 47,530
हरदोई 1,41,620 1,29,820 1,06,220 2,40,000 47,530
कोलकाता 1,41,600 1,29,800 1,06,200 2,40,000 47,530
पुणे 1,41,600 1,29,800 1,06,200 2,40,000 47,530
मुंबई 1,41,600 1,29,800 1,06,200 2,40,000 47,530
असम 1,41,650 1,29,850 1,06,250 2,35,000 47,530
चेन्नई 1,43,340 1,32,200 1,10,750 2,35,000 47,530
तमिलनाडु 1,43,300 1,32,150 1,10,700 2,35,000 47,530
मध्य प्रदेश 1,41,650 1,29,850 1,06,250 2,40,000 47,530
राजस्थान 1,41,700 1,29,900 1,06,300 2,40,000 47,530

कीमती धातुओं के मौजूदा मूल्य स्तर पर देश भर के आभूषण निर्माताओं और सराफा संघों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का मानना है कि चालू शादियों के सीजन में सोने की कीमतों का एक निश्चित दायरे में बने रहना खुदरा बिक्री के लिए अच्छा संकेत है। जब बाजार में कीमतों में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता, तो आम उपभोक्ता गहनों की बुकिंग कराने में अधिक रुचि दिखाते हैं। हालांकि, चांदी के औद्योगिक इस्तेमाल में आई तेजी के कारण इसके थोक विक्रेताओं का कहना है कि वैश्विक मांग मजबूत होने से चांदी की सिल्लियों के स्टॉक पर दबाव बढ़ रहा है। दूसरी तरफ, प्लैटिनम को एक आधुनिक और प्रीमियम धातु के रूप में देखा जा रहा है, और महानगरीय क्षेत्रों के युवा खरीदार अब पारंपरिक सोने के बजाय प्लैटिनम की अंगूठियां और चेन खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं, जिससे शहरी बाजारों में इसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

एक आम भारतीय परिवार के लिए सोना केवल एक आभूषण नहीं बल्कि वित्तीय संकट के समय काम आने वाला एक बड़ा सहारा भी होता है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट के लिहाज से 18 कैरेट सोने की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, क्योंकि यह कम बजट में सोने की चमक और मजबूती दोनों प्रदान करता है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के खरीदारों का कहना है कि मेकिंग चार्जेस पर ज्वेलर्स के साथ होने वाली मोलतोल के बाद ही अंतिम कीमत बजट में बैठ पाती है। चांदी की दरों में आई मजबूती ने उन लोगों की चिंताएं थोड़ी बढ़ा दी हैं जो आगामी त्योहारों या पारिवारिक उपहारों के लिए चांदी के बर्तन या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे थे। इसके विपरीत, मध्य प्रदेश और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अभी भी भौतिक सोने (Physical Gold) के सिक्कों की खरीदारी को ही सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, जिससे वहाँ मांग हमेशा स्थिर बनी रहती है।

आने वाले महीनों में सराफा बाजार का रुख पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय विनिमय दरों, भू-राजनीतिक मोर्चों पर होने वाले बदलावों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर रहने वाला है। कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती की दिशा में कदम आगे बढ़ाता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर नया उछाल देखने को मिल सकता है। इसके विपरीत, यदि डॉलर सूचकांक अपनी मजबूती बनाए रखता है, तो भारतीय सराफा बाजार में कीमतें इसी मौजूदा स्तर के आस-पास घूमती रहेंगी। जब तक सरकार आयात शुल्कों की नीतियों में कोई बड़ा प्रशासनिक फेरबदल नहीं करती, तब तक घरेलू स्तर पर कीमतों में किसी भारी गिरावट की संभावना नहीं दिखती। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे व्यवस्थित निवेश योजनाओं (SIP) या डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बांड्स के जरिए अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow