पुडुचेरी में रंगासामी का जलवा बरकरार: थट्टनचावडी सीट से मुख्यमंत्री ने बनाई निर्णायक बढ़त।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना आज सुबह 8:00 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। शुरुआती दौर में डाक मतपत्रों
- एनडीए की सत्ता में वापसी की तैयारी: एआईएनआरसी और भाजपा गठबंधन रुझानों में बहुमत के करीब
- पुडुचेरी विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: थट्टनचावडी में खिला 'कमल' और 'जग', रंगासामी फिर बने हीरो
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना आज सुबह 8:00 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। शुरुआती दौर में डाक मतपत्रों की गिनती के साथ ही सत्ताधारी एआईएनआरसी (AINRC) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। थट्टनचावडी निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री एन. रंगासामी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर भारी बढ़त बनाए हुए हैं। सुबह 10:45 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, रंगासामी ने कांग्रेस के उम्मीदवार के मुकाबले लगभग 3,500 से अधिक मतों की बढ़त हासिल कर ली है। यह सीट मुख्यमंत्री के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, और यहाँ से उनकी बढ़त ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता का भरोसा एक बार फिर उनके प्रशासनिक अनुभव और 'मक्कल मुतल्वर' (जनता के मुख्यमंत्री) की छवि पर बना हुआ है।
एनडीए गठबंधन, जिसमें ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं, लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चुनावी मैदान में उतरा था। अब तक के रुझान बताते हैं कि पुडुचेरी की 30 सीटों में से एनडीए गठबंधन 18 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े 16 से दो कदम आगे है। मुख्यमंत्री रंगासामी की रणनीति और केंद्र सरकार की योजनाओं के समन्वय ने जमीन पर गहरा असर दिखाया है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए शुरू की गई वित्तीय सहायता योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के वादों ने मतदाताओं को एनडीए के पक्ष में गोलबंद करने में बड़ी भूमिका निभाई है। यदि यही रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं, तो पुडुचेरी में यह पहली बार होगा जब कोई गठबंधन लगातार दूसरी बार अपनी सरकार बनाने में सफल होगा। विपक्षी खेमे की बात करें तो कांग्रेस और डीएमके (DMK) के नेतृत्व वाला गठबंधन फिलहाल पिछड़ता नजर आ रहा है। सुबह 11:00 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस गठबंधन केवल 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुडुचेरी की राजनीति में लंबे समय तक हावी रहने वाली कांग्रेस के लिए यह परिणाम किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। कई प्रमुख सीटों पर कांग्रेस और डीएमके के बीच आपसी समन्वय की कमी भी उभरकर सामने आई है, जिसका सीधा लाभ सत्ताधारी गठबंधन को मिलता दिख रहा है। हालांकि, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों ने कड़ी टक्कर दी है, लेकिन शहरी केंद्रों में एनडीए का दबदबा साफ तौर पर देखा जा सकता है।
पुडुचेरी मतगणना के मुख्य रुझान (सुबह 11:15 बजे तक)
कुल सीटें: 30 | बहुमत का आंकड़ा: 16
एनडीए (AINRC + BJP): 18 सीटों पर बढ़त
सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (Congress + DMK): 08 सीटों पर बढ़त
निर्दलीय व अन्य: 04 सीटों पर बढ़त
प्रमुख सीट: थट्टनचावडी में एन. रंगासामी 4,000+ मतों से आगे।
पुडुचेरी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कराईकल, माहे और यनम में भी मतगणना के दिलचस्प आंकड़े सामने आ रहे हैं। कराईकल उत्तर सीट पर एआईएनआरसी के उम्मीदवार पी.आर.एन. थिरुमुरुगन ने कांग्रेस के ए.एम. रंजीत पर 2,052 मतों की बढ़त बना ली है। वहीं, मन्नाडिपेट निर्वाचन क्षेत्र में पुडुचेरी के गृह मंत्री और भाजपा उम्मीदवार ए. नमशिवायम भी अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी आगे चल रहे हैं। भाजपा के लिए पुडुचेरी का यह चुनाव दक्षिण भारत में अपनी जड़ें जमाने के लिहाज से भी काफी अहम है। एनडीए की इस बढ़त ने यह साबित किया है कि पुडुचेरी के मतदाता विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस बार के चुनाव में अभिनेता विजय की नई पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने भी पहली बार अपनी किस्मत आजमाई है। हालांकि, पुडुचेरी में टीवीके फिलहाल कोई बड़ा चमत्कार करती नहीं दिख रही है, लेकिन ओपलम और नेल्लीथोप जैसी सीटों पर टीवीके उम्मीदवारों ने तीसरे स्थान पर रहकर अच्छी संख्या में वोट हासिल किए हैं। इससे मुख्य पार्टियों के जीत-हार के अंतर पर बड़ा असर पड़ा है। विशेषकर युवाओं के बीच विजय की पार्टी के प्रति आकर्षण ने कुछ क्षेत्रों में त्रिकोणीय मुकाबले जैसी स्थिति पैदा कर दी थी। टीवीके की मौजूदगी ने पुडुचेरी की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति में एक नए आयाम को जोड़ा है, जिसे भविष्य की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत माना जा सकता है। मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुडुचेरी के सभी छह मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात है। मुख्यमंत्री रंगासामी के आवास के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है और वे पहले से ही जीत के जश्न की तैयारियों में जुट गए हैं। एनडीए की इस संभावित जीत के पीछे केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के वादे और स्थानीय प्रशासन में सुधारों को मुख्य कारण माना जा रहा है। रंगासामी ने अपने चुनाव प्रचार में बार-बार 'डबल इंजन' सरकार के फायदों का जिक्र किया था, जिसे अब मतदाताओं ने अपनी मुहर लगा दी है।
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