भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन बन सकते हैं किडनी स्टोन की वजह, बाबा रामदेव ने बताए बचाव के अचूक उपाय

गुर्दे की पथरी के घरेलू उपचार के रूप में बाबा रामदेव ने कुलथी की दाल के पानी को रामबाण बताया है। कुलथी की दाल में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो पथरी को धीरे-धीरे तोड़कर पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में सक्षम होते हैं। इसके लिए रात भर कुलथी की

May 3, 2026 - 12:36
 0  1
भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन बन सकते हैं किडनी स्टोन की वजह, बाबा रामदेव ने बताए बचाव के अचूक उपाय
भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन बन सकते हैं किडनी स्टोन की वजह, बाबा रामदेव ने बताए बचाव के अचूक उपाय

  • गुर्दे की पथरी से बचना है तो शरीर में न होने दें पानी की कमी, योग और आयुर्वेद में छिपा है स्थायी समाधान
  • गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है पथरी का दर्द: जानें बाबा रामदेव के विशेष नुस्खे और खान-पान के जरूरी नियम

बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के इस दौर में मानव शरीर को कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक प्रमुख समस्या बनकर उभरी है। गर्मी के मौसम में पसीने के माध्यम से शरीर का काफी पानी बाहर निकल जाता है, और यदि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन न किया जाए, तो डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो गुर्दे मूत्र को केंद्रित करने लगते हैं, जिससे यूरिन में मौजूद खनिज और लवण आपस में चिपक कर ठोस क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। यही छोटे-छोटे क्रिस्टल धीरे-धीरे बढ़कर पथरी का रूप धारण कर लेते हैं, जो न केवल असहनीय दर्द का कारण बनते हैं बल्कि गुर्दे की कार्यप्रणाली को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, किडनी स्टोन की समस्या से बचने और इसे जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद और योग का संगम सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि गर्मी के दिनों में व्यक्ति को सामान्य से अधिक पानी पीना चाहिए ताकि शरीर के विषैले तत्व मूत्र के जरिए बाहर निकलते रहें। उनके मुताबिक, पानी की कमी होने पर यूरिन में कैल्शियम ऑक्सालेट और यूरिक एसिड का जमाव होने लगता है, जो पथरी के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों के रस का सेवन करना चाहिए, जो प्राकृतिक रूप से गुर्दे की सफाई करने में मदद करते हैं।

गुर्दे की पथरी के घरेलू उपचार के रूप में बाबा रामदेव ने कुलथी की दाल के पानी को रामबाण बताया है। कुलथी की दाल में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो पथरी को धीरे-धीरे तोड़कर पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में सक्षम होते हैं। इसके लिए रात भर कुलथी की दाल को पानी में भिगोकर रखना चाहिए और सुबह उस पानी को उबालकर तब तक गर्म करना चाहिए जब तक वह आधा न रह जाए, फिर इसे छानकर पीने से पथरी के मरीजों को काफी राहत मिलती है। इसके अलावा, गोखरू का काढ़ा और पाषाणभेद जैसी जड़ी-बूटियों का नियमित सेवन भी गुर्दे की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और नई पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है। ये आयुर्वेदिक उपाय शरीर पर बिना किसी दुष्प्रभाव के पथरी को गलाने का काम करते हैं। किडनी स्टोन के मरीजों को गर्मियों में तरबूज का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए। तरबूज में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसमें मौजूद पोटेशियम गुर्दे के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होता है। यह यूरिन की एसिडिटी को कम करने में भी सहायक है। प्राणायाम और योगासन भी किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाबा रामदेव विशेष रूप से कपालभाति प्राणायाम की सलाह देते हैं, क्योंकि यह पेट के आंतरिक अंगों की मालिश करता है और रक्त संचार में सुधार लाता है। रोजाना 15 से 20 मिनट कपालभाति करने से गुर्दे सक्रिय रहते हैं और उनमें गंदगी जमा नहीं हो पाती। इसके साथ ही मंडूकासन, वक्रासन और पवनमुक्तासन जैसे योगाभ्यास गुर्दे पर सकारात्मक दबाव डालते हैं, जिससे वहां मौजूद छोटे स्टोन हिलकर बाहर निकलने की दिशा में बढ़ते हैं। नियमित योगाभ्यास न केवल वर्तमान समस्या को दूर करता है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है।

खान-पान में बदलाव किडनी स्टोन के प्रबंधन का एक अनिवार्य हिस्सा है। गर्मी के मौसम में ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों जैसे पालक, टमाटर के बीज, चॉकलेट और बहुत अधिक चाय-कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। बाबा रामदेव का कहना है कि अधिक नमक और जंक फूड का सेवन भी यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है, जो पथरी का मुख्य घटक है। इसके बजाय, आहार में फाइबर युक्त चीजें, जौ का पानी और मूली का रस शामिल करना चाहिए। मूली का रस न केवल पथरी को गलाने में मदद करता है बल्कि जलन और संक्रमण को भी दूर करता है। संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर इस दर्दनाक समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। किडनी स्टोन के लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी सर्जरी का कारण बन सकता है। पीठ के निचले हिस्से में अचानक तेज दर्द होना, पेशाब के दौरान जलन, बार-बार यूरिन आने का अहसास होना या यूरिन का रंग गहरा होना इस बात के संकेत हैं कि गुर्दे में कुछ गड़बड़ है। बाबा रामदेव का मानना है कि यदि शुरुआती दौर में ही प्राकृतिक उपचार शुरू कर दिए जाएं, तो ऑपरेशन की नौबत नहीं आती। आयुर्वेद में ऐसे कई अर्क और वटियां उपलब्ध हैं जो पथरी के साइज को कम करने में प्रभावी हैं। पथरी के दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए एक्यूप्रेशर के बिंदुओं को दबाना भी काफी मददगार होता है, खासकर हथेली और तलवों के बीच के हिस्से को दबाने से लाभ मिलता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow