लोयाबाद में हनीट्रैप का खौफनाक खेल: व्यवसायी को बंधक बनाकर लूटे लाखों रुपये और जेवरात।
धनबाद जिले के लोयाबाद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हनीट्रैप कांड सामने आया है, जिसने इलाके के व्यापारियों और आम
- सोशल मीडिया की दोस्ती पड़ी महंगी: नशीला पदार्थ पिलाकर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला
- जेल से छूटते ही महिला ने फिर बुना साजिश का जाल: गिरोह के साथ मिलकर व्यवसायी से मांगे 10 लाख, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा
धनबाद जिले के लोयाबाद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हनीट्रैप कांड सामने आया है, जिसने इलाके के व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच दहशत पैदा कर दी है। एक प्रतिष्ठित व्यवसायी को अपने प्रेम जाल में फंसाकर न केवल लाखों रुपये की ठगी की गई, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरे खेल की सूत्रधार एक शातिर महिला है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से संपन्न लोगों को अपना निशाना बनाती है। व्यवसायी के साथ हुई इस घटना की शुरुआत एक साधारण दोस्ती से हुई थी, जो धीरे-धीरे मुलाकातों में बदली और अंततः एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा बन गई। महिला ने व्यवसायी को मिलने के बहाने बुलाया और फिर अपने गिरोह के साथ मिलकर उन्हें लूटने का पूरा खाका तैयार किया।
इस खौफनाक वारदात की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब व्यवसायी महिला के बुलावे पर एक निर्धारित स्थान पर पहुंचे। वहां महिला ने उन्हें धोखे से पीने की चीज में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जैसे ही व्यवसायी बेहोशी की हालत में आए, महिला और उसके साथियों ने उनके साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो और तस्वीरें खींच लीं। जब व्यवसायी को होश आया, तो उन्हें डराया-धमकाया गया कि यदि उन्होंने मोटी रकम नहीं दी, तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और उनके परिवार की मान-मर्यादा मिट्टी में मिला दी जाएगी। इस धमकी से व्यवसायी बुरी तरह टूट गए और अपनी इज्जत बचाने के लिए अपराधियों की शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो गए।
पुलिस की गिरफ्त में आई मुख्य आरोपी महिला का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह महिला पहले भी इसी तरह के हनीट्रैप कांड में शामिल रही थी और जेल की हवा खा चुकी थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के बजाय एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। इस गिरोह में कई पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, जो अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं। कोई सदस्य शिकार की पहचान करता है, तो कोई ब्लैकमेलिंग के दौरान पुलिसकर्मी या पत्रकार बनकर व्यवसायी पर दबाव बनाता है। महिला की गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों के साथ निजी जानकारी साझा करने और बिना जान-पहचान के किसी सुनसान स्थान पर मिलने जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस तरह के मामलों में देरी किए बिना पुलिस को सूचना देना ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
अपराधियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। उन्होंने व्यवसायी से कुल 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इज्जत की खातिर व्यवसायी ने घबराकर गिरोह को चार लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बावजूद आरोपियों का मन नहीं भरा और उन्होंने व्यवसायी के पहने हुए सोने के गहने और अन्य कीमती सामान भी लूट लिए। व्यवसायी को काफी समय तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार उन पर दबाव बनाया गया कि वे बाकी के छह लाख रुपये का भी इंतजाम जल्द से जल्द करें। जब ब्लैकमेलिंग की सीमा पार हो गई और व्यवसायी को अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा, तब उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस की शरण में जाने का फैसला किया। लोयाबाद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी शुरू की। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट की मदद से पुलिस उस ठिकाने तक पहुंची जहां से यह गिरोह अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महिला को भागने का मौका नहीं दिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग शिकार को बेहोश करने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में बताया कि उसका गिरोह मुख्य रूप से उन व्यापारियों को चुनता है जो समाज में अपनी प्रतिष्ठा को लेकर बहुत संवेदनशील होते हैं, क्योंकि ऐसे लोग लोक-लाज के डर से जल्दी शिकायत नहीं करते।
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