साउथ का वो महानायक जिसकी कहानियों पर फिदा है बॉलीवुड: एक या दो नहीं, पूरे 14 बार हिंदी सिनेमा ने कॉपी की इनकी फिल्में।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में दक्षिण भारतीय फिल्मों का प्रभाव हमेशा से ही गहरा रहा है, लेकिन एक दौर ऐसा आया जब बॉलीवुड ने अपनी

May 1, 2026 - 13:08
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साउथ का वो महानायक जिसकी कहानियों पर फिदा है बॉलीवुड: एक या दो नहीं, पूरे 14 बार हिंदी सिनेमा ने कॉपी की इनकी फिल्में।
साउथ का वो महानायक जिसकी कहानियों पर फिदा है बॉलीवुड: एक या दो नहीं, पूरे 14 बार हिंदी सिनेमा ने कॉपी की इनकी फिल्में।
  • अजय देवगन से लेकर अक्षय कुमार तक की सफलता के पीछे इस दक्षिण भारतीय सितारे का हाथ; रीमेक के जरिए हिंदी बेल्ट में मचाया तहलका
  • विशाल कृष्ण रेड्डी: साउथ के वो 'एक्शन किंग' जिनकी फिल्मों के रीमेक ने बॉलीवुड को दिए सौ-सौ करोड़ के सुपरहिट प्रोजेक्ट्स

भारतीय सिनेमा के इतिहास में दक्षिण भारतीय फिल्मों का प्रभाव हमेशा से ही गहरा रहा है, लेकिन एक दौर ऐसा आया जब बॉलीवुड ने अपनी मौलिक कहानियों के बजाय साउथ की सफल पटकथाओं पर पूरी तरह निर्भरता बढ़ा दी। इस फेहरिस्त में एक ऐसा नाम प्रमुखता से उभर कर आता है, जिसकी न केवल एक या दो, बल्कि 14 फिल्मों का बॉलीवुड में आधिकारिक या अनौपचारिक रूप से रीमेक बनाया गया है। हम बात कर रहे हैं तमिल और तेलुगु सिनेमा के दिग्गज कलाकार विशाल कृष्ण रेड्डी की, जिन्हें दुनिया 'विशाल' के नाम से जानती है। विशाल की फिल्मों की खासियत उनका दमदार एक्शन, सामाजिक सरोकार और मसाला एंटरटेनमेंट का सटीक मिश्रण होता है। यही कारण है कि जब भी बॉलीवुड के निर्देशकों को एक पक्का हिट फॉर्मूला चाहिए होता है, वे विशाल की फिल्मोग्राफी की ओर रुख करते हैं। अजय देवगन, अक्षय कुमार और सलमान खान जैसे बड़े सितारों ने विशाल की मूल फिल्मों पर आधारित कहानियों के जरिए बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों की कमाई की है।

विशाल की फिल्मों के बॉलीवुड रीमेक की सूची पर नजर डालें तो इसमें सबसे पहला और प्रभावशाली नाम 'सिंघम' की तर्ज पर बनी फिल्मों का आता है। हालांकि 'सिंघम' सूर्या की फिल्म थी, लेकिन विशाल की फिल्म 'संडकोझी' का प्रभाव बॉलीवुड के एक्शन जॉनर पर इतना गहरा रहा कि इसके बाद हिंदी सिनेमा में 'रॉ' एक्शन का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया। विशाल की फिल्म 'संडकोझी' को हिंदी में कई अलग-अलग रूपों में ढालने की कोशिश की गई। इसी तरह उनकी एक और सफल फिल्म 'थिमिरु' को भी हिंदी पट्टी में काफी पसंद किया गया और इसके तत्वों को कई बॉलीवुड मसाला फिल्मों में शामिल किया गया। विशाल की कहानियों में नायक अक्सर एक आम आदमी होता है जो अन्याय के खिलाफ उठ खड़ा होता है, और यही वह 'लार्जर दैन लाइफ' इमेज है जिसे बॉलीवुड अपने सुपरस्टार्स के लिए सबसे उपयुक्त मानता है। बॉलीवुड में रीमेक की इस होड़ में अक्षय कुमार का नाम भी प्रमुखता से आता है। अक्षय कुमार की फिल्म 'गब्बर इज बैक' दरअसल ए.आर. मुरुगादॉस की मूल फिल्म 'रमना' का रीमेक थी, लेकिन विशाल की फिल्म 'सत्यम' और 'इरुम्बु थिरै' जैसी फिल्मों ने भी बॉलीवुड को भ्रष्टाचार और डिजिटल क्राइम जैसे विषयों पर फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। विशाल की 'इरुम्बु थिरै' ने जिस तरह से डेटा चोरी और साइबर सुरक्षा के खतरे को पर्दे पर दिखाया था, उसने बॉलीवुड को एक नया विजन दिया। इसके बाद हिंदी सिनेमा में तकनीक और अपराध के घालमेल पर आधारित कई स्क्रिप्ट लिखी गईं। विशाल की फिल्मों का रीमेक केवल एक्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी कॉमेडी और थ्रिलर फिल्मों को भी हिंदी में बखूबी भुनाया गया, हालांकि हर बार सफलता की गारंटी नहीं मिली।

रीमेक बनाम ओरिजिनल

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में रीमेक बनाना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, क्योंकि मूल फिल्म पहले ही एक बड़े दर्शक वर्ग द्वारा परखी जा चुकी होती है। विशाल की 14 फिल्मों के रीमेक में से लगभग 60 प्रतिशत फिल्मों ने बॉलीवुड में अपनी लागत से तीन गुना अधिक कमाई की है। हालांकि, कुछ फिल्में ऐसी भी रहीं जो दक्षिण में तो ब्लॉकबस्टर थीं, लेकिन हिंदी दर्शकों के स्वाद और सांस्कृतिक अंतर के कारण बॉक्स ऑफिस पर औंधा मुंह गिर गईं।

अजय देवगन की फिल्मोग्राफी में भी साउथ के रीमेक का बड़ा हाथ रहा है। विशाल की फिल्म 'पांडिया नाडु' की कहानी ने एक पिता और पुत्र के प्रतिशोध को जिस तरह से पेश किया था, उसने बॉलीवुड के कई निर्देशकों को आकर्षित किया। इस फिल्म के रीमेक अधिकारों के लिए बॉलीवुड में लंबी खींचतान चली थी। विशाल की फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत उनके विलेन और नायक के बीच का टकराव होता है। बॉलीवुड ने अक्सर विशाल की फिल्मों के ओरिजिनल विलेन के किरदारों को भी हिंदी रीमेक में उसी शिद्दत के साथ उतारने की कोशिश की। 'समिगुदु' और 'मारुधु' जैसी फिल्मों के रीमेक संस्करणों ने उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में जबरदस्त भीड़ जुटाई, जिससे यह साबित हो गया कि विशाल की कहानियों का यूनिवर्सल अपील बहुत ज्यादा है।

विशाल की एक और फिल्म 'आमय्यम आययुधम' का रीमेक भी बॉलीवुड के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट रहा। अक्सर देखा गया है कि विशाल खुद अपनी फिल्मों के हिंदी डब वर्जन को लेकर बहुत उत्साहित रहते हैं, क्योंकि उनके डब किए गए वर्जन सैटेलाइट चैनलों पर सबसे ज्यादा टीआरपी बटोरते हैं। जब बॉलीवुड प्रोड्यूसर देखते हैं कि किसी फिल्म का डब वर्जन यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज हासिल कर रहा है, तो वे तुरंत उसके रीमेक राइट्स खरीदने की दौड़ में शामिल हो जाते हैं। विशाल की 'वेदी' और 'कथकली' जैसी फिल्मों ने थ्रिलर के मामले में बॉलीवुड को नए मानक दिए। हालांकि, कुछ आलोचकों का मानना है कि बॉलीवुड रीमेक बनाते समय फिल्म की मूल आत्मा और क्षेत्रीय संवेदनाओं को खो देता है, जिसके कारण कुछ प्रोजेक्ट्स उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते। बॉलीवुड के लिए विशाल की फिल्में एक ऐसी खान की तरह रही हैं जहाँ से हर बार एक नई और प्रभावशाली कहानी निकलती है। 'चक्र' और 'वीरमे वागई सूडम' जैसी उनकी हालिया फिल्मों ने भी बॉलीवुड के बड़े बैनर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशाल की 14 फिल्मों के इस विशाल आंकड़े में 'पायुम पुली' जैसी फिल्में भी शामिल हैं, जो एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की जद्दोजहद को दर्शाती हैं। बॉलीवुड ने इस विषय पर दर्जनों फिल्में बनाई हैं, लेकिन विशाल की प्रस्तुति में जो तीखापन होता है, वह हिंदी फिल्मों में अक्सर नदारद रहता है। यही वजह है कि मूल फिल्म देखने वाले दर्शक अक्सर हिंदी रीमेक को उतनी रेटिंग नहीं देते, जितनी वे विशाल की मूल फिल्म को देते हैं।

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